स्वप्नदोष

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अपने नाम के विपरीत स्वप्नदोष (Nocturnal emission) कोई दोष न होकर एक स्वाभाविक दैहिक क्रिया है जिसके अंतर्गत एक पुरुष को नींद के दौरान वीर्यपात (स्खलन) हो जाता है, इसके दौरान पुरुष एक स्वतःस्फूर्त यौनानन्द का अनुभव भी करते हैं। यह प्रक्रिया स्त्रियों में भी देखी जाती है जिसके परिणामस्वरूप उनकी योनि स्निग्ध (चिपचिपी) हो जाती है।

स्वप्नदोष, किशोरावस्था और शुरुआती वयस्क वर्षों मे के दौरान होने वाली एक सामान्य घटना है, लेकिन यह उत्सर्जन यौवन के बाद किसी भी समय हो सकता है। आवश्यक नहीं है कि प्रत्येक पुरुष स्वप्नदोष को अनुभव करे, जहां अधिकांश पुरुष इसे अनुभव करते हैं वहीं कुछ पूर्ण रूप से स्वस्थ और सामान्य पुरुष भी इसका अनुभव नहीं करते। स्वप्नदोष के दौरान पुरुषों को कामोद्दीपक सपने आ सकते हैं और यह स्तंभन के बिना भी हो सकता है।

सपने, अगर याद करें तो जरूरी नहीं कि कामोद्दीपक ही हों और कई बार स्वप्नद्रष्टा के लिये भ्रामक हो सकते हैं, विशेष रूप से यदि वो एक किशोर हो और उसे पहली बार स्वप्नदोष हुआ हो।

स्वप्नदोष, एक कामोद्दीपक सपने के बाद होने वाली एक स्वाभाविक शारीरिक प्रतिक्रिया है जिसके कारण पुरुष व्यक्ति के भीतर लगातार उत्पादित हो रहीं शुक्राणु कोशिकाओं की बहुतायत को शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। सुझाव :-

  • अत्‍यधिक कामुक कल्‍पनाएं करना, पोर्नोग्राफी पर ज्‍यादा समय व्‍यतीत करना, शराब, सिगरेट, अधिक तला, मसालेदार और खटटा खाने जैसे कुछ ऐसे कारण हैं तो इसकी बारंबारता को बढा देते हैं। मसालेदार भोजन यौन उत्‍तेजना बढाने में सहायक हैं। भारतीय समाज ने शायद किशोरवय में अधिक कामोत्‍तेजना, शराब, सिगरेट का सेवन और मसालेदार भोजन आदि से दूर रहने के लिए ही इसे दोष का नाम दिया। पोर्नोग्राफी, शराब, सिगरेट और मसालेदार भोजन से बचना तो वैसे भी स्‍वास्‍थ्‍य के लिए उत्‍तम है, क्‍योंकि ये सभी एडिक्‍शन का खतरा पैदा करते हैं

स्वप्नदोष के लिए कुछ आसान उपाय

नियमित त्रिबंध प्राणायाम, योगासन, ब्रह्ममुहूर्त (सुबह 4 बजे) में उठना , आश्रम से प्रकाशित पुस्तक "यौवन सुरक्षा" का पठन आदि स्वप्नदोष में लाभदायक है। स्त्री का स्मरण-चिंतन न करें। देर रात्रि को पानी या दूध न पियें।

1.आँवले का मुरब्बा रोज खाएँ ऊपर से गाजर का रस पिएँ।

2.तुलसी की जड़ के टुकड़े को पीसकर पानी के साथ पीना लाभकारी होता है। अगर जड़ नहीं उपलब्ध हो तो तो बीज 2 चम्मच शाम के समय लें।

3.लहसुन की दो कली कुचल कर निगल जाएँ। थोड़ी देर बाद गाजर का रस पिएँ।

4.मुलहठी का चूर्ण आधा चम्मच और आक की छाल का चूर्ण एक चम्मच दूध के साथ लें।

5.काली तुलसी के पत्ते 10-12 रात में जल के साथ लें। 5.रात को एक लीटर पानी में त्रिफला चूर्ण भिगा दें सुबह मथकर महीन कपड़े से छानकर पी जाएँ। 6.अदरक रस 2 चम्मच, प्याज रस 3 चम्मच, शहद 2 चम्मच, गाय का घी 2 चम्मच, सबको मिलाकर सेवन करने से स्वप्नदोष तो ठीक होगा ही साथ मर्दाना ताकत भी बढ़ती है। 7.नीम की पत्तियाँ नित्य चबाकर खाते रहने से स्वप्नदोष जड़ से गायब हो जाएगा।

अन्य जानकारी हेतु : http://upchaaraurpryog120.blogspot.in/2014/10/blog-post_69.html

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