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स्तंभन

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पुरुष शिश्न के स्तंभन क्रम की विभिन्न अवस्थाएँ
मादा जननांगों में स्तंभन और प्राकृतिक योनि स्राव

स्तंभन (Erection) शरीरविज्ञान में एक ऐसी नैदानिक स्थिति है, जिसमें शरीर के स्तंभन ऊतकों (Erectile tissues) में रक्त भर जाने के कारण वे आकार में बढ़ जाते हैं और कठोर हो जाते हैं। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से यौन उत्तेजना के कारण होती है, यद्यपि यह ग़ैर-यौन स्थितियों (जैसे निद्रा के दौरान) में भी स्वाभाविक रूप से हो सकती है। मानव शरीर में यह स्थिति मुख्य रूप से पुरुषों में शिश्न (लिंग) और महिलाओं में भगांकुर (Clitoris) तथा स्तनाग्र (Nipples) में देखी जाती है।[1]

तंत्रिका एवं रक्तसंचार नियंत्रण

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शिश्न में रक्त प्रवाह और शिरापरक अवरोध (Venous occlusion) को दर्शाता आरेख

स्तंभन एक जटिल हीमोडायनामिक (Hemodynamic) प्रक्रिया है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र द्वारा नियंत्रित होती है।

  • रासायनिक मार्ग: यौन उत्तेजना के दौरान, पैरासिम्पेथेटिक (परानुकंपी) तंत्रिका तंत्र सक्रिय होता है, जो नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) का स्राव करता है। यह cGMP (साइक्लिक जी॰एम॰पी॰) मार्ग को उत्तेजित करता है, जिससे स्तंभन ऊतकों की धमनियाँ स्वतः फैल जाती हैं और उनमें रक्त भर जाता है।
  • रक्त प्रवाह संतुलन: यह अतिरिक्त रक्त उन शिराओं को संकुचित कर देता है जो रक्त को वापस ले जाती हैं (शिरापरक अवरोध)। कुछ ही क्षणों में एक 'रक्त प्रवाह संतुलन' स्थापित हो जाता है, जिससे अंग को कठोरता प्राप्त होती है।

पुरुष शरीरविज्ञान और स्खलन

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पुरुषों में स्तंभन मुख्य रूप से 'कॉर्पस कैवरनोसम' (Corpus cavernosum) कक्षों में रक्त भरने से होता है। इस प्रक्रिया में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यौन उत्तेजना के दौरान 'ऑर्गैज़्म' (चरम सुख) एक तंत्रिकीय और अनुभूतिक घटना है, जबकि 'स्खलन' (Ejaculation) एक शारीरिक घटना है, जिसमें वीर्य (Semen) मूत्रमार्ग से बाहर निकलता है। स्खलन के पश्चात् धमनियों में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है और अंग शिथिल हो जाता है।

मादा शरीरविज्ञान में स्तंभन

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महिलाओं में भी एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन के प्रभाव में भगांकुर (Clitoris) और स्तनाग्रों का स्तंभन होता है।

  • योनि स्नेहन (Lubrication): रक्त प्रवाह बढ़ने से प्राकृतिक रूप से तरल पदार्थ का स्राव होता है।
  • मादा स्खलन: यह अभी भी वैज्ञानिक अध्ययन का विषय है, परंतु कुछ महिलाओं में यौन चरम सुख के दौरान ग्रंथि (Skene's gland) से तरल पदार्थ का निष्कासन होता है, जिसे तथ्यात्मक रूप से मादा स्खलन माना जाता है।[2]

ग़ैर-यौन और रात्रिकालीन स्तंभन

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स्तंभन केवल यौन गतिविधियों तक सीमित नहीं है। यह REM (रैपिड आई मूवमेंट) निद्रा के दौरान पुरुषों में स्वाभाविक रूप से होता है, जिसे 'रात्रिकालीन शिश्न स्तंभन' (Nocturnal penile tumescence) कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, यह नवजात शिशुओं में भी एक सामान्य शारीरिक और प्रतिवर्ती (Reflex) क्रिया के रूप में देखा जाता है।

स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction)

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जब कोई पुरुष शारीरिक या मनोवैज्ञानिक कारणों से पर्याप्त स्तंभन प्राप्त करने या उसे बनाए रखने में लगातार असमर्थ होता है, तो उसे 'स्तंभन दोष' कहा जाता है।

  • कारण: मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, तनाव और अवसाद इसके प्रमुख कारण हैं।
  • उपचार: चिकित्सा विज्ञान में इसके उपचार के लिए 'PDE5 अवरोधक' (PDE5 inhibitors) औषधियों का उपयोग किया जाता है, जिनमें सिल्डेनाफिल (Sildenafil - जिसे सामान्यतः वियाग्रा कहा जाता है) सबसे प्रमुख है।

सन्दर्भ

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  1. "Anatomy and Erection Process". Cleveland Clinic. अभिगमन तिथि: 20 February 2026.
  2. "Female ejaculation: What it is and what it consists of". Medical News Today. अभिगमन तिथि: 20 February 2026.

इन्हें भी देखें

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