स्वदेश भारती

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स्वदेश भारती हिन्दी के कवि एवं साहित्यकार हैं। उन्हें प्रेमचन्द पुरस्कर एवं साहित्यभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। वे कोलकाता में रहते हैं और रूपाम्बर नामक द्विभाषी त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका के सम्पादक हैं।

जीवनी[संपादित करें]

श्री स्वदेश भारती का जन्म उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में १२ दिसम्बर सन् १९३९ को हुआ था। उनकी शिक्षा इलाहाबाद, कोलकाता और अन्नामलाई विश्वविद्यालय में हुई। उन्होने हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग से साहित्य महामहोपाध्याय (D.Lit) की उपाधी प्राप्त की। उन्होने १२ वर्ष की उम्र में ही लेखन कार्य आरम्भ कर दिया था।

कृतियाँ एवं सम्मान[संपादित करें]

श्री स्वदेश भारती ने २२ कविता संग्रह, ८ उपन्यास, ४५ संकलन एवं रूपामबर के २०० सम्स्करण प्रकाशित किये हैं। औरतनामा नामक उनकी कृति पर उत्तरप्रदेश सरकार का प्रेमचन्द सम्मान सन् १९८९ में दिया गया। मैसूर हिन्दी परिषद ने सन् १९९४ में हिन्दी सेवा सम्मान प्रदान किया। सन् २००१ में उन्हें उत्तर रदेश सरकार द्वारा साहित्य भूषण से अलंकृत किया गया।