सूक्ष्मजैविक अनुवांशिकी
सूक्ष्मजैविक अनुवांशिकी (microbial genetics) सूक्ष्मजैविकी और आनुवांशिक अभियांत्रिकी की एक शाखा है। सूक्ष्मजैविकी में विभिन्न उद्देश्यों के लिए सूक्ष्म जीवों का अध्ययन किया जाता है। इन सूक्ष्मजीवों में जीवाणु और आर्किया शामिल हैं। कुछ कवक और प्रोटोजोया भी इस क्षेत्र में अध्ययन के लिए उपयोगी विषय हैं। सूक्ष्मजीवों के अध्ययन में उनके जीन और संरचना तंत्र का अध्ययन किया जाता है। जीन के प्रकार में जीवों को विभिन्न संरचनायें विरास्तम में मिलती हैं। आनुवांशिक अभियांत्रिकी में सूक्ष्मजीवों की आनुवांशिक संरचनाओं के क्षेत्र का अध्ययन किया जाता है।[1] इसकी प्रक्रिया में पुनः संयोजक डीएनए तकनीक का उपयोग किया जाता है।[1] इस प्रक्रिया में डीएनए अनुक्रम में बदलाव करके इसे पुनः संयोजक डीएनए अणु बनाना शामिल है।[1] नव निर्मित डीएनए को मेजबान जीव के सम्पर्क में लाया जाता है। क्लोनिंग भी आनुवांशिक अभियांत्रिकी का एक उदाहरण है।[1]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- 1 2 3 4 "Microbes and the Tools of Genetic Engineering | Microbiology". courses.lumenlearning.com. अभिगमन तिथि: 2018-11-17.