सामग्री पर जाएँ

औद्योगिक सूक्ष्मजैविकी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
जैव-रियेक्टर की प्रस्तुति। इनका उपयोग सूक्ष्मजीवों के जनन के समय से ही उन्हें संग्रहीत करने के लिए किया जाता है।

औद्योगिक सूक्ष्मजैविकी (industrial microbiology) सूक्ष्मजीव कोशिकाओं के उपयोग से बड़ी मात्रा में औद्योगिक उत्पाद बनाने वाली जैवप्रौद्योगिकी की एक शाखा है। उपज का अधिकतम उत्पादान बढ़ाने के लिए सूक्ष्मजीव में परिवर्तन करने के विभिन्न तरीके हैं। किसी जीव में उत्परिवर्तन का परिचय उन्हें उत्परिवर्तजनों से परिचित कराकर पूरा किया जा सकता है। उत्पादन बढ़ाने का दूसरा तरीका जीन प्रवर्धन है, यह प्लास्मिड और वैक्टर के उपयोग से किया जाता है। प्लास्मिड और/या वैक्टर का उपयोग किसी विशिष्ट जीन की कई प्रतियों को शामिल करने के लिए किया जाता है जो अधिक एंजाइमों का उत्पादन करने की अनुमति देगा जो अंततः अधिक उत्पाद उपज का कारण बनेंगे।[1] किसी विशिष्ट उत्पाद को प्राप्त करने के लिए जीवों के हेरफेर के वास्तविकता में कुछ एंटीबायोटिक्स, विटामिन, एंजाइम, अमीनो एसिड, सॉल्वैंट्स, अल्कोहल और दैनिक उत्पादों का उत्पादन जैसे कई अनुप्रयोग हैं।

सन्दर्भ

[संपादित करें]
  1. ↑ "Industrial Production of Antibiotics [in: Section - Microbial Products in the Health Industry]". Microbiology (अंग्रेज़ी भाषा में). Curation and revision provided by Boundless.com. जनवरी 2021. p. 17.2A. Book (Page) ID: 8622; CC BY-NC-SA 3.0{{cite book}}: CS1 maint: postscript (link)