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सरिय्या अबदुल्लाह बिन रवाहा

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सरिय्या कुर्ज बिन जाबिर फ़हरी रज़ि०
मुहम्मद की सैन्य उपलब्धियाँ का भाग
तिथि फरवरी 628 ईस्वी
स्थान
परिणाम

सरिय्या अबदुल्लाह बिन रवाहा रज़ि० (अंग्रेज़ी: Expedition of Abdullah ibn Rawaha) शव्वाल फरवरी 628 ईस्वी, 6 हिजरी में अबदुल्लाह बिन रवाहा का खैबर तक अभियान। इब्न हिशाम भी इसे अब्दुल्ला ही के रूप में संदर्भित करता है।अल-युसैर को मारने के लिए रवाहा का छापा था। हत्या सफल रही, और इब्न रिजम और उनके 29 अनुयायियों को मार दिया गया।

विवरण[संपादित करें]

में सरिया अबदुल्लाह बिन रवाहा यहूदी की तरफ़ ख़ैबर की तरफ़ भेजा गया उस की वजह ये थी जब अब्बू राफ़े क़त्ल हो गया तो इस की जगह असीर बिन ज़ारम को अमीर बनाया गया वो भी ग़त्फ़ान और दूसरी क़बाइल को जंग के लिए उकसाता था। जब रसूल अल्लाह को पता चला तो तीन आदमी अबदुल्लाह बिन रवाहा समेत खु़फ़ीया तौर पर हालात मालूम करने भेजे। जब मुकम्मल हालात से आगाही हुई तो आपने 30 आदमी अअबदुल्लाह बिन रवाहा की क़ियादत में भेजे। वहां जा कर उसे कहा कि रसूल अल्लाहﷺ तुझे ख़ैबर पर आमिल बनाना चाहते हैं वो इस लालच में आगया और आमिल बनने के लिए वो साथ चल पड़ा मुस्लमान पैदल गए थे तीस यहूदी भी साथ चल पड़े हर मुस्लमान एक यहूदी के पीछे बैठ गया। जब किरकिरा सबा के क़रीब पहुंचे तो असीर इस बात से पछताया उसने अबदुल्लाह बिन अनीस की तलवार की तरफ़ हाथ बढ़ाया तो अबदुल्लाह बिन अनीस ने उसे कहा कि तो बदअहदी कर रहा है उसने फिर छिनने की कोशिश की मैं उसे अलग कर के ले गया बाक़ी क़ौम चलती रही जब बिलकुल अकेला रह गया तो मैंने तलवार से इस की पिंडली अलाहदा कर दी वो ऊंट से गिर पड़ा उसने एक लाठी मुझे मारी जिससे मेरा सर ज़ख़मी हो गया। इस के बाद हम उस के साथीयों पर हमला-आवर हुए सिवाए एक शख़्स के सबको क़तल कर दिया उस को बहुत तलाश किया लेकिन वो ना मिल सका। जब रसूल अल्लाहﷺके पास पहुंचे तो फ़रमाया कि अल्लाह ताला ने ज़ालिमों से तुम्हें नजात दी। मुस्लमानों में से कोई भी शहीद ना हुआ।[1]

सराया और ग़ज़वात[संपादित करें]

इस्लामी शब्दावली में अरबी शब्द ग़ज़वा [2] इस्लाम के पैग़ंबर के उन अभियानों को कहते हैं जिन मुहिम या लड़ाईयों में उन्होंने शरीक होकर नेतृत्व किया,इसका बहुवचन है गज़वात, जिन मुहिम में किसी सहाबा को ज़िम्मेदार बनाकर भेजा और स्वयं नेतृत्व करते रहे उन अभियानों को सरियाह(सरिय्या) या सिरया कहते हैं, इसका बहुवचन सराया है।[3] [4]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. سریہ عبد اللہ بن رواحہ https://ur.wikipedia.org/s/4tos
  2. Ghazwa https://en.wiktionary.org/wiki/ghazwa
  3. siryah https://en.wiktionary.org/wiki/siryah#English
  4. ग़ज़वात और सराया की तफसील, पुस्तक: मर्दाने अरब, पृष्ट ६२] https://archive.org/details/mardane-arab-hindi-volume-no.-1/page/n32/mode/1up

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

  • अर्रहीकुल मख़तूम (सीरत नबवी ), पैगंबर की जीवनी (प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित पुस्तक), हिंदी (Pdf)