शागिर्द

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शागिर्द
शागिर्द
निर्देशक समीर गाँगुली
निर्माता सुबोध मुखर्जी,
प्रोबोध मुकर्जी
लेखक सुबोध मुखर्जी
अभिनेता जॉय मुखर्जी
सायरा बानो
आइ एस जोहर
संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
मजरुह सुल्तानपुरी (गीत)
छायाकार एन वी श्रीनिवास
संपादक वी के नाइक
वितरक सुबोध मुखर्जी प्रोडक्षंस
प्रदर्शन तिथि(याँ) 1967
समय सीमा मिनट
देश भारत
भाषा हिन्दी

शागिर्द (अंग्रेजी: disciple) 1967 में बनी समीर गांगुली निर्देशित हास्य हिन्दी फिल्म जिसके मुख्या कलाकार जॉय मुखर्जी और सायरा बानो है।

संक्षेप[संपादित करें]

प्रोफेस्सर बृजमोहन अग्निहोत्री (आय एस जोहर) अविवाहित है और शादी करने से इनकार करता है। रमेश (जॉय मुखर्जी) नामक लड़का उसे अपना उस्ताद मानता है। एक बार किसी गाँव में उसकी पूनम (सायरा बानो) नामक लड़की से भेट होती है और उससे प्रेम करने लगता है। उसे लुभाने वह अपना रूप-रंग बदलता है। बाद में उसे पता चलता है वह रमेश को चाहती है। रमेश को अपना उस्ताद बना पूनम का प्रेम पाने के कई कोशिश करता है। सभी कोशिशों के बाद हार मान वह पूनम और रमेश की शादी के लिए राज़ी होता है।

चरित्र[संपादित करें]

मुख्य कलाकार[संपादित करें]

दल[संपादित करें]

संगीत[संपादित करें]

इस फ़िल्म के सभी गीत लोकप्रिय रहे हैं। गीत "दिल-विल प्यार-व्यार" बिनाका गीत माला की 1968 वार्षिक सूची पर सर्वप्रथम गीत रही है। [1]

सभी गीत मजरुह सुल्तानपुरी द्वारा लिखित; सारा संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."बड़ेमियाँ दीवाने"मोहम्मद रफ़ी, जोगिंदर5:55
2."दिल-विल प्यार-व्यार"लता मंगेशकर4:50
3."कान्हा कान्हा आन पड़ी मैं तेरे द्वार"लता मंगेशकर4:55
4."वो हैं ज़रा ख़फ़ा ख़फ़ा"लता मंगेशकर, मोहम्मद रफ़ी5:55
5."रुकजा ऐ हवा, थमजा ऐ बहार"लता मंगेशकर8:00
6."दुनिया पागल है, या फिर मैं दीवाना"मोहम्मद रफ़ी6:55

रोचक तथ्य[संपादित करें]

परिणाम[संपादित करें]

बौक्स ऑफिस[संपादित करें]

समीक्षाएँ[संपादित करें]

नामांकन और पुरस्कार[संपादित करें]

उल्लेख[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]