विकिपीडिया:समरूप भिन्नार्थक शब्द
दिखावट
जो शब्द उच्चारण की दृष्टि में समान प्रतीत होते हैं, परंतु अर्थ की दृष्टि से भिन्न हैं, श्रुतिसम-भिन्नार्थक शब्द या समरूप भिन्नार्थक शब्द कहलाते हैं। इस प्रकार के कुछ शब्द द्रष्टव्य हैं:
| समरुप पहला शब्द | पहले शब्द का अर्थ | समरूप दूसरा शब्द | दूसरे शब्द का अर्थ |
|---|---|---|---|
| आदि | आरम्भ | आदी | अभ्यस्त |
| अभय | निर्भय | उभय | दोनों |
| अब्ज | कमल | अब्द | बादल |
| अंस | कन्धा | अंश | हिस्सा |
| अम्बुज | कमल | अम्बुधि | सागर |
| अँगना | आँगन | अंगना | स्त्री |
| अवलम्ब | सहारा | अविलम्ब | शीघ्र |
| अनिल | हवा | अनल | आग |
| अभिराम | सुन्दर | अविराम | लगातार |
| अवधि | समय | अवधी | अवध प्रान्त की भाषा |
| उपकार | भलाई | अपकार | बुराई |
| कुल | वंश | कूल | किनारा |
| कोष | खजाना | कोश | शब्द-संग्रह |
| ग्रह | सूर्य, मंगल आदि | गृह | घर |
| जलद | बादल | जलज | कमल |
| तरणि | सूर्य | तरणी | छोटी नाव |
| नियत | निश्चित | नियति | भाग्य |
| निश्छल | छल रहित | निश्चल | अटल |
| प्रसाद | भगवान का भोग | प्रासाद | महल |
| सर | तालाब | शर | वाण |
| अन्न | अनाज | अन्यव | दूसरा |
| अपेक्षा | उम्मीद | उपेक्षा | उदासीनता |
| पुरुष | नर | परुष | कठोर |
| प्रवाह | बहने की क्रिया | परवाह | चिन्ता |
| समान | बराबर | सामान | वस्तु |
| चरम | अन्तिम | चर्म | चमड़ा |
| पर्ण | पत्ता | प्रण | प्रतिज्ञा |
| प्रमाण | साक्ष्य | परिमाण | मात्रा |
| अन्त | समाप्ति | अन्त्य | नीच, अन्तिम |
| अतुल | जिसकी तुलना न हो सके | अतल | तलहीन |
| अगम | दुर्लभ, अगम्य | आगम | प्राप्ति, शास्त्र |
| अलि | भौंरा | अली | सखी |
| आवास | निवास स्थान | आभास | झलक |
| आकर | खान | आकार | रूप, सूरत |
| इत्र | सुगन्ध | इतर | दूसरा |
| कंगाल | गरीब | कंकाल | ठठरी |
| कृति | रचना | कृती | निपुण, पुण्यात्मा |
| कृपाण | कटार | कृपण | कंजूस |
| कटिबद्ध | तैयार, कमर बाँधे | कटिबन्ध | कमरबन्ध, करधनी |
| चिर | पुराना | चीर | कपड़ा |
| डीठ | दृष्टि | ढीठ | निडर |
| तड़ाक | जल्दी | तड़ाग | तालाब |
| तक्र | मट्ठा | तर्क | बहस |
| तरी | गीलापन | तरि | नाव |
| दारु | लकड़ी | दारू | शराब |
| दार | स्त्री | द्वार | दरवाजा |
| द्विप | हाथी | द्वीप | टापू |
| देव | देवता | दैव | भाग्य |
| दिन | दिवस | दीन | गरीब |