रिंकी भट्टाचार्य

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रिंकी रॉय भट्टाचार्य
Rinki Bhattacharya.jpg
रिंकी भट्टाचार्य ICIA आर्ट नुमाइश 2011
जन्म रिंकी रॉय 
1942 (आयु 77–78)
कोलकाता, भारत 
राष्ट्रीयता भारतीय
व्यवसाय लेखक, स्तंभलेखक, वृत्तचित्र फिल्म निर्माता
माता-पिता बिमल रॉय
म्नोबीना रॉय

रिंकी रॉय भट्टाचार्य[1] (जन्म 1942) एक भारतीय लेखक, स्तंभकार और वृत्तचित्र निर्माता है। वह विख्यात फिल्म निर्देशक बिमल रॉय की बेटी थीऔर बासु भट्टाचार्य की जीवन संगिनी और उनकी फिल्मों. में सहयोगी रही। वह  'बच्चों की फिल्म सोसायटी ऑफ इंडिया' (सीएफएसआई) की उपाध्यक्ष और 'बिमल रॉय मेमोरियल ऐंड फिल्म सोसाइटी' की संस्थापक अध्यक्ष है। [2] एक फ्रीलांस पत्रकार के रूप में, उसने फिल्मों, थियेटर, कला और नारीवादी मुद्दों पर, द टाइम्स समूह, द टेलीग्राफ, द हिंदू और द इंडियन एक्सप्रेस  जैसे प्रकाशनों के लिए खूब लिखती है।,.[3]

जीवनी[संपादित करें]

कोलकाता मूल निवासी, रिंकी का जन्म 1942 में हुआ था। वह प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्माता बिमल रॉय की सबसे बड़ी बेटी थी। उनका बचपन प्रमुख लेखकों, कवियों और कलाकारों के आसपास बीता था, जो उनके पेटू बंगाली व्यंजनों के लिए भी उल्लेखनिय घर आते रहते थे।

उन्होंने 1966 में एक फ्रीलान्स पत्रकार के रूप में अपना कैरियर शुरू किया था और द इकोनॉमिक टाइम्स, द इंडियन एक्सप्रेस और कई अन्य पत्रिकाओं में लेख प्रकाशित हुए थे। उसने चार दिवारी के साथ वृत्तचित्र फिल्में बनाने में अपनी शुरुआत की, जिस में पत्नी की मार पिटाई का मुद्दा लिया गया है।[4] इस के जल्द बाद भारत में महिलाओं के विरूद्ध हिंसा से जुड़े मुद्दों पर अगली कड़ी को पर्दे पर लाया  गया था।,

वह भारत में महिला आंदोलन में गहराई से शामिल हो गई थीं और इस विषय पर कई पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें बंद दरवाजों के पीछे: भारत में घरेलू हिंसा, बिमल रॉय - ए मैन ऑफ साइलेंस, इंडेलिबल इम्प्रिंट्स, एन एस्से इन अनसरटन लीजिंस और साथ ही कई कुकिंग पर किताबें भी शामिल हैं।.[5] उसने मधुमती (1958) के निर्माण पर एक पुस्तक बिमल रॉय'स मधुमती: अनटॉल्ड स्टोरीज फ्रॉम बिहंड द सीनज (2014)  प्रकाशित की।[6]

निजी ज़िंदगी[संपादित करें]

नाम रिंकी का अर्थ है "महान आत्मा"। रिंकी की फिल्म निर्देशक बसु भट्टाचार्य (1934-1997) से शादी हुई थी, हालांकि घरेलू दुरुपयोग के बाद, वह 1982 में अपने घर से बाहर चली गईं, सार्वजनिक रूप से, वह 1984 में मैनुशी में पत्रकार मधु किश्वर के साथ एक साक्षात्कार के माध्यम से घर से बाहर हुई। युगल ने 1990 में औपचारिक रूप से तलाक किया। उसने अपनी मां और भाई बहन के खिलाफ अपने पिता की संपत्ति के अपने हिस्से के लिए सफलतापूर्वक मुकदमा दायर किया।[7]

वह बांद्रा, मुंबई में रहती है।[8] उनका एक बेटा आदित्य भट्टाचार्य, फिल्म निर्देशक और दो बेटियां, चिमू और अनवरशा आर्य, लेखक हैं।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Rinki Roy Bhattacharya". मूल से 5 मार्च 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2014-09-07.
  2. Daughter to keep Bimal Roy's legacy alive Archived 29 अगस्त 2008 at the वेबैक मशीन. Reuters, 10 February 2008.
  3. "Rinki Roy Bhattacharya". Penguin Books India. मूल से 4 मार्च 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2014-09-07.
  4. Independent women too are victims of domestic violence Archived 21 अक्टूबर 2012 at the वेबैक मशीन. The Times Of India, 25 November 2006.
  5. Father’s pictures Archived 3 मार्च 2016 at the वेबैक मशीन. The Tribune, 26 August 2001.
  6. "Hero worship". Mint (newspaper). 4 January 2013. मूल से 7 सितंबर 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2014-09-07.
  7. "Can you beat that?". मूल से 28 अगस्त 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 मई 2017.
  8. Reema Gehi (20 June 2014). "First in Mirror: Enter Roy's world". Mumbai Mirror. मूल से 5 मार्च 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2014-09-07. |author= और |last= के एक से अधिक मान दिए गए हैं (मदद)