राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (भारत)

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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
NHRC.jpg
National Human Rights Commission logo
संस्था जानकारी
स्थापना 10 दिसम्बर 1993
वैधानिक वयक्तित्व सरकारी : सरकारी संस्था
अधिकार क्षेत्र
संघीय संस्था भारत
सामान्य प्रकृति
प्रचालन ढांचा
मुख्यालय नई दिल्ली, भारत
संस्था के कार्यपालक
  • न्यायमूर्ति एच एल दत्तू, अध्यक्ष
  • जयदीप गोविन्द, महासचिव
जालस्थल
आधिकारिक जालस्थल

भारत का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission (NHRC)) एक स्वायत्त विधिक संस्था है। इसकी स्थापना 12 अक्टूबर 1993 को हुई थी।इसकी स्थापना मानवाधिकार सरक्षण अधिनियम 1993 के तहत की गई। यह आयोग देश में मानवाधिकारों का प्रहरी है,यह सविंधान द्वारा अभिनिश्चित तथा अंतरराष्ट्रीय संधियों में निर्मित व्यक्तिगत अधिकारों का संरक्षक है। यह एक बहु सदसिय निकाय है। इसके प्रथम अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र थे। वर्तमान में (2018) न्यायमूर्ति एच एल दत्तू इसके वर्तमान अध्यक्ष के पद पर आसीन है।राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का गठन पेरिस सिद्धांतों के अनुरूप है जिन्हें अक्तूबर, 1991 में पेरिस में मानव अधिकार संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए राष्ट्रीय संस्थानों पर आयोजित पहली अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में अंगीकृत किया गया था तथा 20 दिसम्बर, 1993 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा संकल्प 48/134 के रूप में समर्थित किया गया था।

मुख्यालय:- नई दिल्ली।

संरचना:- अध्यक्ष- सर्वोच्च न्यायालय का कोई सेवानिवर्त न्यायाधीश होता है। 1सदस्य- सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश रह चुका हो। 1सदस्य-उच्च न्यायालय में न्यायाधीश रह चुका हो। 3सदस्य- मानव अधिकारों के जानकार हो। जिसमें एक महिला हो अन्य सदस्य - राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष, राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष, राष्ट्रीय बल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष, दिव्यांग जन संबंधी अयुक्त।

नियक्ति:- राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंन्त्री की अध्यक्षता में गठित 7 सदस्यीय समिति की सिफारिशों के आधार पर।

समिति के सदस्य:-

प्रधानमंत्री, लोक सभा अध्यक्ष, लोकसभा के उपाध्यक्ष, राज्य सभा का उप सभापति, गृह मंत्री, लोक सभा में विपक्ष का नेता, राज्य सभा में विपक्ष का नेता।

कार्यकाल:-अध्यक्ष तथा सदस्य का कार्यकाल 3 वर्ष (पहले 5 वर्ष था) या 70 उम्र, जो भी पहले हो। राष्ट्रपत्ति द्वारा इन्हें पद से हटाया जा सकता है।

वेतन:-

अध्यक्ष को मुख्य न्यायाधीश के बराबर (2.8 Lakh)
     सदस्यों को-अन्य न्यायाधिषो के बराबर(2.5 Lakh)

First President- Shri RangNath Mishra

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

[[श्रेणी:मानवाधिकार]यह एक बहुसदस्यीय संस्था है।इसमें एक अध्यछ व चार अन्य सदस्य होते है।आयोग का अध्यक्ष भारत का कोई सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश होता है