याह्या ख़ान
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| यहया ख़ान یَحْییٰ خان Yahya Khan | |
|---|---|
| पद बहाल 25 मार्च 1969 – 20 दिसंबर 1971 | |
| प्रधानमंत्री | नूरुल अमीन |
| सहायक | हमीद ख़ान |
| पूर्वा धिकारी | अयूब ख़ान |
| उत्तरा धिकारी | ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो |
| जन्म | 4 फ़रवरी 1917 चकवाल, ब्रिटिश राज |
| मृत्यु | 10 अगस्त 1980 |
| समाधि स्थल | |
| जन्म का नाम | आग़ा मुहम्मद यहया ख़ान |
| जीवन संगी | फ़ख़रा ख़ान |
आग़ा मुहम्मद यहया ख़ान (उर्दू: آغا مُحَمَّد یَحْییٰ خان, अंग्रेज़ी: Agha Muhammad Yahya Khan; 4 फ़रवरी 1917 – 10 अगस्त 1980) पाकिस्तान के सैनिक तानाशाह और तीसरे राष्ट्रपति थे। उनका शासन सन् १९६९ में शुरू हुआ और दिसम्बर १९७१ में भारत-पाकिस्तान के दरम्यान लड़े गए बंगलादेश युद्ध के बाद ख़त्म हुआ।[1] वे अयूब ख़ान के शासन से इस्तीफ़ा देने के बाद पाकिस्तान के मुख्य शासक बने थे और उनके बाद ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो ने शासन की बागडोर संभाली। पूर्वी पाकिस्तान के बंगाली समुदाय में विद्रोह की भावना को कुचलने के प्रयास में उसे और भी भड़का देने और फिर भारतीय सहायता से बंगलादेश के टूटकर अलग होने जाने के लिए अक्सर यहया ख़ान की नीतियों को ज़िम्मेदार ठहराया जाता है।[2]
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "विवेचना: याहया की अय्याशी की वजह से पाकिस्तान हारा था 1971 का युद्ध?". 21 अक्तूबर 2018 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 21 अक्तूबर 2018.
- ↑ Ian Talbot. "Pakistan: a modern history". Palgrave Macmillan, 1998. ISBN 9780312216061. 1 मार्च 2017 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 26 नवंबर 2011.
... The previous issue had boldly declared: 'Pakistan ki Shikast ka zimmadar Yahya Khan hain' (Yahya Khan is responsible for Pakistan's defeat). Cited in Hasan-Askari Rizvi, The Military and Politics in Pakistan, 1947-86 ...