महावृत्त

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गोले पर बने किसी भी महावृत्त पर काटा जाए तो गोला दो बराबर अर्ध-गोलों में बट जाता है

किसी गोले का महावृत्त या ग्रेट सर्कल (अंग्रेज़ी: great circle) उस गोले के और उस गोले के केंद्र से गुजरने वाले किसी समधरातल (प्लेन) के प्रतिच्छेदन (इन्टरसॅक्शन) से बनने वाले वक्र (कर्व) को कहते हैं। अगर गोले को किसी भी महावृत्त पर काट दिया जाए तो वह दो बिलकुल बराबर के अर्धगोलों में बट जाएगा। महावृत्तों के बारे में दो चीज़ें ध्यान देने योग्य हैं -

  • महावृत्त का व्यास (डायामीटर) हमेशा गोले के व्यास के बराबर होता है
  • किसी भी गोले की सतह पर महावृत्त सब से बड़े व्यास का बनाया जा सकने वाला वृत्त होता है - इस से बड़े व्यास का वृत्त नहीं बनाया जा सकता

महावृत्त मार्ग और हवाई जहाज़ की उड़ानें[संपादित करें]

टोक्यो से सैन फ्रैनसिस्को का सब से छोटा रास्ता लाल रंग के महावृत्त मार्ग से है - हरे रंग का रास्ता उस से छोटा लगता है लेकिन वास्तव में है नहीं

अगर काग़ज़ पर पृथ्वी का नक़्शा देखा जाए और एक स्थान से दुसरे स्थान के बीच एक सीधी लक़ीर खींच दी जाए तो लगता है के उड़ कर जाने के लिए यही रास्ता सबसे छोटा पड़ेगा। लेकिन गोले की ज्यामिति की वजह से ऐसा नहीं है। पृथ्वी पर दो स्थानों के बीच उड़ान भरने का सबसे छोटा रास्ता वह होता है जो उन दोनों जगहों से गुजरने वाले महावृत्त पर हो। यही महावृत्त मार्ग और "सीधे मार्ग" को काग़ज़ पर देखा जाए तो "सीधा मार्ग" छोटा लगता है, लेकिन अगर गोले पर देखे तो महावृत्त मार्ग छोटा होता है। ऐसा इसलिए है के पृथ्वी की सतह एक गोले पर है और जहाज़ को उसके साथ-साथ चलना होता है - वह ज़मीन के अन्दर घुसकर एक स्थान से दुसरे स्थान नहीं जा सकता।

खगोलशास्त्र में महावृत्त[संपादित करें]

खगोलशास्त्र में खगोलीय क्षितिज, खगोलीय मध्य रेखा और सूर्यपथ तीनों खगोलीय गोले पर बने महावृत्त होते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]