महाराव शेखा

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वीर शिरोमणि महाराव शेखा (१४३३-१४८८ ई.)

इन्हें जयपुर के कछवाहा वंश के उपवर्ग ‘शेखावत' का संस्थापक माना जाता है। उन्होंने आमेर (जयपुर) पर शासन किया। शेखावाटी का नामकरण भी उनके नाम से हुआ है जिसमें वर्तमान भारतीय राज्य राजस्थान के सीकर और झुंझुनू जिले आते हैं। शेखाजी शेखावत वंश के संस्थापक थे । इनकी मृत्यु सीकर के रलावता गांव में हुई।

जन्म परिचय

महाराव शेखा का जन्म 24 सितंबर 1433 ई. को हुआ था । इनके पिता मोकल तथा माता निर्वाण कुल की थीं । राव मोकल आमेर राज्य के अंतर्गत आने वाले “नाण” के शासक थे। 1445 ई. में 12 वर्ष की उम्र में महाराव शेखा ने शासन संभाला।

16 वर्ष की आयु में उन्होंने मुल्तान, सेवार, नगरचल के सांखला राजपूतों पर जीत हासिल की । उन्होंने 1473 ई. से 1477 ई. में शेखा जी ने नोपसिंह जाटू से दादरी और अन्य जाटू राजपूतों से भिवानी पर विजय प्राप्त की। इसके बाद हांसी को इस्तरखान से तथा हिसार को हेदाख़ान कायमखानी से जीत लिया। इन्होंने अमरसर राज्य बसाया व 1449 ई. में अपनी राजधानी बनाईं। आमेरसर (अमरसर) में भगवान जगदीश का मन्दिर तथा 1477 ई. में शिकारगढ का किला बनवाया।।

महाराव शेखा जी ने पूरे जीवनकाल में 52 युद्ध लड़े । इनकी पत्नी गंगा कुमारी ने आमेरसर किले के मुहाने पर श्री कल्याणजी का मन्दिर बनवाया था।

सन् 1488 ई. में रालावता (रलावता) में इनकी मृत्यु हुई जहां उनकी छतरी बनी हुई है, जो आज भी उस महान वीर का स्मरण कराती है।