महापद्म नन्द

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महापद्म नन्द
महापद्म नन्द के सिक्के
कर्षपण का एक चाँदी का सिक्का जो महापद्म नन्द या उसके पुत्रों द्वारा प्रवर्तित है। (345-321 ईसापूर्व)
प्रथम नन्द सम्राट
शासनकाल c. 345
पूर्वाधिकारी महानन्दि
उत्तराधिकारी धन नन्द
संताने
*धन नन्द
  • पण्डूक नन्द
  • पाण्डुगति नन्द
  • भूतपाल नन्द
  • राष्ट्रपाल नन्द
  • गोविशंकर नन्द
  • दशसिद्धक नन्द
  • कैवर्त नन्द
  • कर्विनाथ नन्द (अवैध पुत्र)
पिता महानन्दि
माता एक रानी

महापद्म नद (c. 403) नन्द वंश का प्रथम सम्राट था। पुराणों तथा विशाखदत्त के मुद्राराक्षस के अनुसार वह एक क्षत्रिय नाई का पुत्र था। पुराणों में इसे 'महापद्म' तथा महाबोधिवंश में 'उग्रसेन' कहा गया है । उसे 'महापद्म एकारट', 'सर्व क्षत्रान्तक' आदि उपाधियों से विभूषित किया गया है ।

महापद्म नन्द के प्रमुख राज्य उत्तराधिकारी हुए हैं- उग्रसेन, पंडूक, पाण्डुगति, भूतपाल, राष्ट्रपाल, योविषाणक, दशसिद्धक, कैवर्त, धनानन्द चंद्रगुप्त मौर्य । इसके शासन काल में यूनानी आक्रमणकारी सिकन्दर ने भारत पर आक्रमण किया था। सिकन्दर के भारत से जाने के बाद मगध साम्राज्य में अशान्ति और अव्यवस्था फैली ।

सन्दर्भ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]