भोज ताल

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भोज ताल
BadaTalaabBhopal3.jpg
स्थान Madhya Pradesh, Bhopal
निर्देशांक 23°15′N 77°20′E / 23.25°N 77.34°E / 23.25; 77.34निर्देशांक: 23°15′N 77°20′E / 23.25°N 77.34°E / 23.25; 77.34
प्राथमिक स्रोत Kolans River
तटवर्ती 361 km2
तटवर्ती क्षेत्र व देश India
अधिकतम लम्बाई 31.5 km
अधिकतम चौड़ाई 5 km
सतही क्षेत्र 31 km2

भोजताल[संपादित करें]

भोजताल जिसको बड़े तालाब के नाम से भी जाना जाता है एक बड़ा तालाब है। जो भोपाल मध्य प्रदेश के पश्चिमी तरफ मौजूद है। भोपालवासियों के लिए भोजताल व कोलार डॅम पीने के पानी का स्रोत है।

2019 monsoon: अपनी रौनक पर वापस लौट रहा भोपाल का बड़ा तालाब https://www.patrika.com/bhopal-news/bhopal-bada-talab-going-to-return-his-beauty-2019-monsoon-4775565/

लगभग 40% आबादी रोजाना 30 मिलियन गैलन पानी इस्तेमाल करती है। बड़ा तलाब छोटा तालाब मिलकर भोज वेटलैंड बनाते हैं। जिसको आजकल रामसर साइट के नाम से जाना जाता है

इतिहास[संपादित करें]

भोजताल परमार राजा भोज के द्वारा 1005 से 1055 के बीच बनाया गया। राजा भोज ने भोपाल का निर्माण (जिसको पहले भोजपाल के नाम से जाना जाता था)किया। भोपाल बनाने का उद्देश्य अपने पूर्वी रक्षा पनती को मजबूत  करना था। एक पौराणिक कथा के अनुसार भोजताल बनाने का उद्देश्य यह था कि राजा भोज चर्म रोग से ग्रसित हो गए थे। जिसको कई वैद्य और डॉक्टर ठीक ना कर पाए, तब एक संत ने राजा को एक तालाब बनाने का जतन बताया ,जिसमें 365 सहायक नदियों का पानी हो। उसमें नहाने से उनका चरम रोग ठीक हो जाएगा। राजा भोज ने अपने इंजीनियरों से एक तालाब बनाने को कहा। राजा भोज के इंजीनियरों ने बेतवा नदी, जो कि भोपाल से 32 किलोमीटर दूर है इस कार्य को करने के लिए उचित समझा दुविधा यह थी कि बेतवा की कुल 359 सहायक नदियां ही थी तब एक गोंड सेना अध्यक्ष काली ने इस कमी को दूर किया ,उन्होंने कुछ अन्य अदृश्य नदियों के बारे में बताया जिनको जोड़ने से कुल सहायक नदियां 365 हो गई और इस तालाब का निर्माण हुआ।