भोज ताल

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
भोज ताल
BadaTalaabBhopal3.jpg
स्थानMadhya Pradesh, Bhopal
निर्देशांक23°15′N 77°20′E / 23.25°N 77.34°E / 23.25; 77.34निर्देशांक: 23°15′N 77°20′E / 23.25°N 77.34°E / 23.25; 77.34
मुख्य अन्तर्वाहKolans River
जलसम्भर361 km2
द्रोणी देशIndia
अधिकतम लम्बाई31.5 km
अधिकतम चौड़ाई5 km
सतही क्षेत्रफल31 km2

भोजताल[संपादित करें]

भोजताल जिसको बड़े तालाब के नाम से भी जाना जाता है एक बड़ा तालाब है। जो भोपाल मध्य प्रदेश के पश्चिमी तरफ मौजूद है। भोपालवासियों के लिए भोजताल व कोलार डॅम पीने के पानी का स्रोत है।

2019 monsoon: अपनी रौनक पर वापस लौट रहा भोपाल का बड़ा तालाब https://www.patrika.com/bhopal-news/bhopal-bada-talab-going-to-return-his-beauty-2019-monsoon-4775565/

लगभग 40% आबादी रोजाना 30 मिलियन गैलन पानी इस्तेमाल करती है। बड़ा तलाब छोटा तालाब मिलकर भोज वेटलैंड बनाते हैं। जिसको आजकल रामसर साइट के नाम से जाना जाता है

इतिहास[संपादित करें]

भोजताल परमार राजा भोज के द्वारा 1005 से 1055 के बीच बनाया गया। राजा भोज ने भोपाल का निर्माण (जिसको पहले भोजपाल के नाम से जाना जाता था)किया। भोपाल बनाने का उद्देश्य अपने पूर्वी रक्षा पनती को मजबूत  करना था। एक पौराणिक कथा के अनुसार भोजताल बनाने का उद्देश्य यह था कि राजा भोज चर्म रोग से ग्रसित हो गए थे। जिसको कई वैद्य और डॉक्टर ठीक ना कर पाए, तब एक संत ने राजा को एक तालाब बनाने का जतन बताया ,जिसमें 365 सहायक नदियों का पानी हो। उसमें नहाने से उनका चरम रोग ठीक हो जाएगा। राजा भोज ने अपने इंजीनियरों से एक तालाब बनाने को कहा। राजा भोज के इंजीनियरों ने बेतवा नदी, जो कि भोपाल से 32 किलोमीटर दूर है इस कार्य को करने के लिए उचित समझा दुविधा यह थी कि बेतवा की कुल 359 सहायक नदियां ही थी तब एक गोंड सेना अध्यक्ष काली ने इस कमी को दूर किया ,उन्होंने कुछ अन्य अदृश्य नदियों के बारे में बताया जिनको जोड़ने से कुल सहायक नदियां 365 हो गई और इस तालाब का निर्माण हुआ।