बृहदीश्वर मन्दिर, गंगैकोण्ड चोलपुरम
दिखावट
| गंगैकोण्ड चोलपुरम बृहदीश्वर मन्दिर | |
|---|---|
Gangaikonda Cholapuram Brihadisvara Temple கங்கைகொண்ட சோழீசுவரர் கோயில் | |
गंगैकोण्ड चोलपुरम शिव मन्दिर | |
| धर्म | |
| संबंधन | हिन्दू धर्म |
| ज़िला | अरियलूर ज़िला |
| देवता | शिव |
| त्यौहार | महाशिवरात्री, संध्य विड़ा |
| अवस्थिति | |
| राज्य | तमिल नाडु |
| देश | |
| निर्देशांक | 11°12′22.44″N 79°26′56″E / 11.2062333°N 79.44889°Eनिर्देशांक: 11°12′22.44″N 79°26′56″E / 11.2062333°N 79.44889°E |
| वास्तुकला | |
| प्रकार | चोल वास्तुकला[1] |
| निर्माता | राजेन्द्र चोल प्रथम |
| निर्माण पूर्ण | 11वीं शताब्दी |
| अभिलेख | तमिल |
| यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल | |
| भाग | महान जीवित चोल मंदिर |
| मानदंड | सांस्कृतिक: (ii), (iii) |
| सन्दर्भ | 250bis |
| शिलालेख | 1987 (11वाँ सत्र) |
| खतरे वर्ष | 2004 |
बृहदीश्वर मन्दिर (Brihadisvara Temple) भारत के अरियलूर ज़िले के गंगैकोण्ड चोलपुरम ऐतिहासिक स्थल पर स्थित शिव जी को समर्पित एक हिन्दू मन्दिर है। यह सन् 1035 में तत्कालीन चोल सम्राट राजेन्द्र चोल प्रथम द्वारा गंगैकोण्ड चोलपुरम को चोल साम्राज्य की राजधानी घोषित करने के अवसर पर स्थापित करा गया था। इसकी रूपरेखा व नाम यहाँ से 70 किमी दक्षिणपश्चिम में तंजावूर के बृहदीश्वर मन्दिर से मिलता-जुलता है। यह मन्दिर तंजावूर के मन्दिर से थोड़ा छोटा लेकिन और भी अधिक महीन कला वाला है।[2][3]
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Rao, Raghunadha (1989). Indian Heritage and Culture. Sterling Publishers Private Limited. p. 32. ISBN 9788120709300.
- ↑ "Lonely Planet South India & Kerala," Isabella Noble et al, Lonely Planet, 2017, ISBN 9781787012394
- ↑ "Tamil Nadu, Human Development Report," Tamil Nadu Government, Berghahn Books, 2003, ISBN 9788187358145