बिन्दकी

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बिन्दकी
Bindki
बिन्दकी रेल स्टेशन
बिन्दकी रेल स्टेशन
बिन्दकी की उत्तर प्रदेश के मानचित्र पर अवस्थिति
बिन्दकी
बिन्दकी
उत्तर प्रदेश में स्थिति
निर्देशांक: 26°01′34″N 80°34′48″E / 26.026°N 80.580°E / 26.026; 80.580निर्देशांक: 26°01′34″N 80°34′48″E / 26.026°N 80.580°E / 26.026; 80.580
ज़िलाफतेहपुर ज़िला
राज्यउत्तर प्रदेश
देशFlag of India.svg भारत
जनसंख्या (2011)
 • कुल36,926
भाषाएँ
 • प्रचलितहिन्दी
समय मण्डलभारतीय मानक समय (यूटीसी+5:30)
पिनकोड212635

बिन्दकी (Bindki) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के फतेहपुर ज़िले में स्थित एक नगर है।[1][2]


राजनीति[संपादित करें]

बिन्दकी विधानसभा निर्वाचनक्षेत्र भी है जहाँ से करन सिंह पटेल भाजपा के विथायक हैं। पूर्व विधायक राजेन्द्र पटेल व सुखदेव प्रसाद वर्मा पास के गांव क्रमशः जहानपुर व सिकट्ठनपुर के रहने वाले हैं। अपना दल से जहानाबाद से विधायक व उ.प्र. सरकार में कारागार राज्य मंत्री जय कुमार सिंह जैकी इसी तहसील अंतर्गत ग्राम जद्दूपुर के रहने वाले हैं। बिन्दकी तहसील अंतर्गत स्थित ग्राम लहुरी सरांय के ही पूर्व विथायक व मंत्री नरेश उत्तम रहने वाले हैं जो कि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं।

प्रसिद्ध व्यक्ति[संपादित करें]

यहींं पर राष्ट्र कवि पंडित सोहन लाल द्विवेदी का जन्म हुआ था। बहादुर सिंह यादव दयानन्द इण्टर कालेज के 80 के दशक में प्रख्यात प्रधानाचार्य रहे हैं जो कि बाबा जय गुरु देव के गांव खितौरा थाना बकेवर जिला इटावा के रहने वाले थे। इनके अनुशासन को लोग आज भी याद करते हैं। इसके अलावा अन्य शिक्षकों में के.के.पाण्डेय, राम नरायन तिवारी, शिव मोहन सिंह, शिव मतन वर्मा, राजेन्द्र पाण्डेय, राम प्रताप बाजपेयी, राम प्रसाद वर्मा,राज किशोर गुप्ता, रमन शुक्ला, सुखदेव प्रसाद आदि के नाम भी उल्लेखनीय हैं। नेहरु इण्टर कालेज में पुराने अध्यापकों में आर.डी. सिंह, आर.बी.सिंह, गयाराम वर्मा, राम नाथ वर्मा आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। इसी तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत डीघ आती है यहीं पर वीर रस के कवि डुलारे सिंह’वीर’ जी का जन्म स्थल है। आप पेशे से अध्यापक थे, आपके पढ़ाए हुवे अनेकों शिष्यों ने देश में ऊँचे ओहदो पर अपनी सेवायें प्रदान कर चुके हैं। आप के ही शिष्य थे श्री आर डी सोनकर जी जिन्होंने आप के समाधि स्थल में आकर गुरु और शिष्य के महात्म्य को क्षेत्र वासियों को समझाया था। इसी ग्राम सभा का मजरा है ईशापुर यहीं पर प्रख्यात कवि , लेखक, पत्रकार श्री सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’जी का जन्म(३०-०४-१९७८) को एक सम्पन्न पटेल परिवार में हुआ। आपके पिता स्मृति शेष डॉक्टर सत्यप्रकाश सिंह जी व स्मृति शेष माता जी श्रीमती बृजरानी पटेल जी प्रख्यात समाज सेवी थे। जिनका प्रयास सदैव राष्ट्र व समाज के उत्थान को था। इस पिछड़े क्षेत्र में आपने एक उत्कृष्ट विद्यालय (बृजरानी पटेल विद्यापीठ) की नींव रखी जो समरसता मय जीवन बिताने व राष्ट्र को सशक्त बनाने का निरंतर संदेश देते हुए छात्रों के चहमुखी विकास को कर पाने की राह में निरंतर अग्रसर है।

अन्य विवरण[संपादित करें]

बिन्दकी मुगल मार्ग में फतेहपुर जिला मुख्यालय से २६ किमी दूर स्थित है एवं तहसील मुख्यालय है। यह एक नगरपालिका स्तर का नगर है। बिन्दकी प्रमुख तौर पर पीतल के बर्तनों तथा खेती की मशीनरी के निर्माण के लिये प्रसिद्ध है। बिन्दकी तहसील की भौगोलिक सीमा गंगायमुना नदी से मिलती है। बिन्दकी में पुलिस थाना/कोतवाली व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है। यहीं पर परिवहन निगम का बस अड्डा है जहां से कानपुर, बांदा, फतेहपुर, जहानाबाद के लिये बसें चलती हैं। यहां पर बी. .एस.एन.एल.का टेलीफोन एक्सचेंज है। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, बैंक आफ बड़ोदा, एच डी एफ सी बैंक, जिला सहकारी बैंक आदि बैंक स्थित हैं। यहां पर नगर पालिका परिषद है। करीब आठ गेस्ट हाउस हैं। पास से ही निचली गंगा नहर निकली है। दयानन्द इण्टर कालेज, नगर पालिका नेहरू इण्टर कालेज व सोहन लाल द्विवेदी राजकीय बालिका इण्टर कालेज यहां के पुराने इण्टर कालेज हैं।

बिन्दकी क्षेत्र में मोर, कबूतर,फाख्ता,नीलकंठ,बगुला,सफेद बगुला,कौआ,कोयल,गौरैया,बया,कठफोड़वा,गरुण/चील्ह,गिद,मैना,उल्लू,तोता,मुर्गा,बाज,राम चिरैया, मुर्गी,खंजन,हुदहुद,टिटिहरी,तीतर,बटेर आदि पक्षी पाये जाते हैं। तहसील बिंदकी मुख्यालय से ईशापुर की दूरी सड़क मार्ग से १३ किलोमीटर की है। यहां पहुँचने के कई मार्ग हैं किंतु ललौली मार्ग बाँदा रोड में भवानीपुर के पास से नेवाजीपुर रजबहा/माइनर की पटरी पर बने डीघ सम्पर्क मार्ग से गुलाबपुर,घेरवा व डीघ होते हुए आसानी से पहुँचा जा सकता है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य व पशु- पक्षी शांति व आनंद प्रदान कर पाने में सक्षम है। बिन्दकी से करीब सात किमी की दूरी पर स्थित ग्राम गुलाबपुर जो कि कोरवा का मजरा है, यहां होली के अवसर पर दो दिन होने वाला ड्रामा काफी फेमस है। इस गांव में परिषदीय प्राइमरी स्कूल है। इस गांव की सामाजिक समरसता बेजोड़ है। इस ग्राम के गंगासागर पटेल व अमर नाथ सिंह सबसे उम्रदराज ब्यक्ति हैं। गुलाबपुर के काफी लोग सरकारी व प्राइवेट जाब में हैं, जो कि पुलिस, सहकारिता, राजस्व, शिक्षा, रेलवे, थल सेना, वायु सेना, नैवी, ग्राम्य विकास, आयकर, सीएजी आदि विभागों में कार्यरत हैं। यहां पर एक प्राचीन मंदिर है व भीम राव अम्बेडकर की मूर्ति भी स्थापित है। पूरे गांव का बिधुतीकरण हो चुका है। गांव में पांच कुयें व एक तालाब है परन्तु वाटर लेवल काफी नीचे चले जाने के कारण कुओंं में पानी नहीं है तथा घरों में पानी के लिये समरसेबल का प्रयोग होता है। पूरे गांव में खड़ंजा व आरसीसी रोड है। सिंचाई का कार्य ट्यूबवेल व नेवाजीपुर माइनर से होता है। करीब दो दर्जन ट्यूबवेल व एक दर्जन ट्रैक्टर हैं। कृषि व पशुपालन यहां के मुख्य ब्यवसाय हैं। पशुओं में भैंस,गाय व बकरी प्रमुख हैं। फसलों में गेहूं,धान,गन्ना,आलू,अरहर,सरसों,ज्वार,चना आदि प्रमुख हैं। गुलाबपुर में काफी बाग भी हैंं जिसमें आम,महुआ, नीम, यूकेलिप्टटस, सागौन, कटहल, नीबू, बांस, अमरुद, कैथा मुख्य रुप से पाये जाते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716
  2. "Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance Archived 23 अप्रैल 2017 at the वेबैक मशीन.," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975