बर्दिया नेशनल पार्क

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बर्दिया नेशनल पार्क नेपाल के मध्यपश्चिमांचल विकास क्षेत्र में पड़ने वाला नेपाल का सबसे पड़ा रिज़र्व क्षेत्र है। अब नेपाल में ६ प्रदेश का विभाजन होने के पश्चात यह कर्णाली प्रदेश में  पड़ता है। और बर्दिया जिले के निकट ही होने के कारण इसे बर्दिया नेशनल पार्क का नाम दिया गया है।  रॉयल बर्दिया नेशनल आरक की स्थापन आज से १८८ वर्ष पूर्व विक्रमी संवत १८८८ में हुआ था।

बर्दिया नेशनल पार्क का क्षेत्रफल ९६८ km²  है पश्चिम में कर्णाली नदी तथा इसके पूर्व में बबई नदी बहती है कर्णाली तथा बबई द्वारा बनाये गए मैदानी क्षेत्र में सुन्दर थारू बस्तियां है जो यहाँ आने वाले पर्यटकों को स्वागत करते हैं।

ठाकुर द्वारा का मुख्य प्रवेश गेट
ठाकुर द्वारा का मुख्य प्रवेश गेट


बर्दिया नेशनल पार्क के उत्तर में शिवालिक पहाड़ियां हैं इस पार्क में घना उष्णोकटिबन्धीय नाम पर्णपाती वन है जिनमे साल, शीशम ,बकाइन ,नीम इत्यादि के पेड़ शामिल हैं। पार्क के मध्य पूर्व से होकर नेपाल की राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या १२ गुजरती है जो नेपाल के सुदूर पश्चिम और मध्यपश्चिम के अधिकांश जिलों  जैसे जाजरकोट ,डोल्पा, कालिकोट, जुमला , रुकुम, सल्यान, दुल्लु, इत्यादि को जोड़ती है जिनमे कर्णाली प्रदेश की राजधानी सुर्खेत भी इसी मार्ग से होकर जाते हैं

यह पार्क एक सींग वाले गैंडे गेस्टर , बंगाल टाइगर , एशियन हाथी और दुनिया के दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतु एवं वनस्पति के लिए प्रसिद्ध है।

बर्दिया नेशनल पार्क का ७० %भाग घना जंगल, शेष ३०% भाग घास के मैदान हैं , पार्क के अंदर छोटी बड़ी बरसाती नदी नाले हैं  जिनमे वरसात के समय में भरपूर मात्रा में जल भरा हुआ रहता है पार्क में ८३९ प्रकार की वनस्पतियां पाई जाती हैं।

बर्दिया नेशनल पार्क में काला हिरण, गांगटीक डाल्फिन, दल दल हिरण, घड़ियाल मगरमच्छ, मार्श मगर जैसे लुप्त प्रजाति के जीव रहते हैं।

इसी प्रकार यहाँ दुर्लभ प्रजाति के पक्षियां रहती हैं जिनमे ४०७ प्रकार की पक्षी जातियां हैं , ३० स्तनधारियों की २५० से भी अधिक प्रजातियां यहाँ निवास करती हैं।

इस पार्क में प्रतिवर्ष लाखों में संख्या में देश विदेश से लोग भ्रमण करने आते यहीं जिनमे भारत से गए हुए पर्यटकों की संख्या अधिक रहती है। बर्दिया नेशनल पार्क में प्रवेश करने के लिए मुख्य द्वार ठाकुरद्वारा है, दिनभर पार्क में घूमने के पश्चात् रात्रि विश्राम करने का स्थान ठाकुर द्वारा ही है। यहाँ एक म्युसियम है, ठाकुर द्वारा में अनेक लॉज हैं और एक मेडिकल सेण्टर भी है।

नेपाल के मैदानी भाग तथा नेपाल का पूर्व पश्चिम राजमार्ग से जुड़ा होने के साथ साथ भारत से सटा हुआ है इसलिए यहाँ जाने में कोई कठिनाई नहीं है भारत के नजदीकी स्थानों से सुबह मोटर साइकल में जाकर शामको आसानी से लौट सकते हैं।


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