प्रथम हिन्दचीन युद्ध

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प्रथम हिन्दचीन युद्ध, फ्रांस और वियत मिन्ह के बीच १९४० से १९५४ तक चला। वियतनामी लोग हिन्दचीन पर फ्रांस के पुनः कब्जे से स्वतंत्रता चाहते थे। इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका भी फ्रांस की सहायता कर रहा था। अन्ततः १९५४ में फ्रांस की पराजय हुई, चार देश स्वतंत्र हुए- उत्तरी वियतनाम, दक्षिणी वियतनाम, कम्बोडिया तथा लाओस

(इंडो-चाइना) द्वीप 1850 के दशक से फ्रांस का उपनिवेश था। उस समय हिन्दचीन के अन्तर्गत आज के वियतनाम (उत्तरी एवं दक्षिणी), कम्बोडिया, लाओस आते थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इस पर जापान ने कब्जा कर लिया था। युद्ध के बाद फ्रांसीसी दक्षिणपूर्वी एशिया पर अपना साम्राज्य फिर से स्थापित करना चाहते थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद वियतनामी जनता अपनी स्वाधीनता चाहती थी। फ्रांसीसियों ने उनकी स्वाधीनता की मांग को अस्वीकार करके उस पर कब्जा कर लिया। वियतनामी जनता ने 1940 से लेकर 1954 तक फ्रांसीसियों के विरुद्ध राष्ट्रीय मुक्ति युद्ध चलाया और 1954 में फ्रांसीसियों को पराजित करके उन्हें वहां से भगा दिया।

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