प्रतिध्वनि (कहानी संग्रह)

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

प्रतिध्वनि जयशंकर प्रसाद का दूसरा कहानी संग्रह है, जिसका प्रकाशन सन् १९२६ ई॰ में भारती भंडार, इलाहाबाद से हुआ था।[1] इसमें संकलित कहानियों की कुल संख्या पन्द्रह है।[2]

संकलित कहानियाँ[संपादित करें]

  1. प्रसाद
  2. गूदड़ साईं
  3. गुदड़ी में लाल
  4. अघोरी का मोह
  5. पाप की पराजय
  6. सहयोग
  7. पत्थर की पुकार
  8. उस पार का योगी
  9. करुणा की विजय
  10. खंडहर की लिपि
  11. कलावती की शिक्षा
  12. चक्रवर्ती का स्तम्भ
  13. दुखिया
  14. प्रतिमा
  15. प्रलय

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. जयशंकर प्रसाद (विनिबंध), रमेशचन्द्र शाह, साहित्य अकादेमी, नयी दिल्ली, पुनर्मुद्रित संस्करण-2015, पृष्ठ-94.
  2. प्रसाद की सम्पूर्ण कहानियाँ एवं निबन्ध, संपादन एवं भूमिका- डॉ॰ सत्यप्रकाश मिश्र, लोकभारती प्रकाशन, इलाहाबाद, संस्करण-2009, पृष्ठ-35.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]