पेरिस शांति सम्मेलन

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लॉयड जॉर्ज (Lloyd George), ओर्लाण्डो (V E Orlando), जॉर्ज क्लीमेंसो (Georges Clemenceau), तथा वुडरो विल्सन

प्रथम विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद पेरिस में विजयी देशों का जो सम्मेलन हुआ उसे पेरिस शांति सम्मेलन कहते हैं। इसमें पराजित देशों पर लागू की जाने वाली 'शांति की शर्तों' का निर्माण हुआ। यह सम्मेलन १९१९ में पेरिस में हुआ था जिसमें विश्व के ३२ देशों के राजनयिकों ने भाग लिया। इसमें लिये गये मुख्य निर्णय थे- लीग ऑफ नेशन्स का निर्माण तथा पराजित देशों के साथ पाँच शान्ति-संधियाँ।

पेरिस सम्मेलन के बाद की गयी संधियाँ[संपादित करें]

  1. वर्साय की सन्धि (28 जून 1919 ; मित्र राष्ट्रों एवं जर्मनी के बीच)
  2. सेंट-जर्मैन-एन-लाए की संधि (10 सितम्बर 1919 ; मित्र राष्ट्रों एवं आस्ट्रिया के बीच)
  3. नेउइली-सुर-सेइन की संधि (27 नवम्बर 1919 ; मित्र राष्ट्रों एवं बुल्गारिया के बीच)
  4. ट्रियानान की संधि (4 जून 1920 ; मित्र राष्ट्रों एवं हंगरी के बीच)
  5. सेव्रेस की संधि (10 अगस्त 1920 ; मित्र राष्ट्रों एवं तुर्की के बीच)
  6. रपालो की संधि (16 अप्रैल 1922 ; जर्मनी एवं यूएसएसआर के बीच)
  7. लुसाने की संधि (२४ जुलाई १९२३)

इन्हें भी देखें[संपादित करें]