पतझड़ी

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शरद ऋतु में पत्ते खोने से पहले पीला होता भूर्ज का एक वृक्ष

पतझड़ी या पर्णपाती (deciduous) ऐसे पौधों और वृक्षों को कहा जाता है जो हर वर्ष में किसी मौसम में अपने पत्ते खो देते हैं। उत्तर भारत और समशीतोष्ण (टेम्परेट) इलाक़ों में यह शरद ऋतु में होता है, जिस वजह से उस मौसम को 'पतझड़' भी कहा जाता है। अन्य क्षेत्रों में कुछ वृक्ष अपने पत्ते सूखे के मौसम में खो देते हैं। अक्सर यह पत्ते गिरने से पहले सूखकर लाल, पीले या भूरे हो जाते हैं जो कई प्रदेशों में यह सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है और कला व साहित्य में अक्सर दर्शाया जाता है। शहतूत, अनार, आँवला, भूर्ज, शीशम, अंजीर, कुंबी, सेब और अमलतास पतझड़ी पेड़ों के कुछ उदहारण हैं।[1]

ऐसे ग़ैर-पतझड़ी वृक्ष जिनपर सालभर पत्ते रहें सदाबहार वृक्ष कहलाए जाते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Trees of Delhi: A Field Guide, Pradip Krishen, pp. 36, Penguin Books India, 2006, ISBN 978-0-14-400070-8, ... all their lists contain a clearly states prejudice against deciduous trees that go bare and remain unsightly for some period ... amaltas, mango, siris and shisham ...