पंजशीर वादी

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पंजशीर वादी का एक नज़ारा

पंजशीर वादी (दरी फ़ारसी: درهٔ پنجشير‎, दरा-ए-पंजशीर) उत्तर-मध्य अफ़ग़ानिस्तान में स्थित एक घाटी है। यह राष्ट्रीय राजधानी काबुल से १५० किमी उत्तर में हिन्दु कुश पर्वतों के पास स्थित है।[1] यह वादी पंजशीर प्रान्त में आती है और इसमें से प्रसिद्ध पंजशीर नदी गुज़रती है। यहाँ लगभग १,४०,००० लोग बसे हुए हैं जिनमें अफ़ग़ानिस्तान का सबसे बड़ा ताजिक लोगों का समुदाय भी शामिल है।[2]

नाम की उत्पत्ति[संपादित करें]

'पंजशीर' वास्तव में 'पंज शेर' (पांच शेर) कहने का फ़ारसी लहजा है। फ़ारसी में 'शेर' का मतलब 'बाघ' की बजाए 'सिंह' (बबर शेर) होता है। इस वादी का नाम पाँच भाईयों के सम्मान में रखा गया है जिन्होनें १०वीं शताब्दी ईसवी में महमूद ग़ज़नी ले लिए यहाँ एक दुर्गम नदी पर बाँध डाला था।[3]

रत्न[संपादित करें]

यह वादी पुराने ज़माने से यहाँ मिलने वाले रत्नों के लिए जानी जाती है। मध्यकाल में यहाँ चांदी निकाला जाता था जिस से सफ़ारी साम्राज्य और सामानी साम्राज्य अपने सिक्के गढ़ा करते थे।[4] आज भी इस क्षेत्र में पन्ना उत्पादन का बड़ा केंद्र बनने की सम्भावनाएँ हैं। १९८५ तक यहाँ बहुत ही बेहतरीन कोटि के १९० कैरट (३० ग्राम) तक के पन्ना मिल चुके थे।[5]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Afghanistan gets rid of heavy arms in Panjshir, Accessed 2006-11-22
  2. Afghanistan, Library of Congress Country Studies, Library of Congress, 1997, Accessed 2006-11-19
  3. Afghanistan, Paul Clammer, Lonely Planet, 2007, ISBN 978-1-74059-642-8, ... The name Panjshir means 'Five Lions', for five brothers from the valley who miraculously dammed a river for Sultan Mahmoud of Ghazni in the 10th century AD ...
  4. Pandjhir, Encyclopaedia of Islam, CD-ROM Edition v. 1.0, Koninklijke Brill NV, 1999
  5. Emeralds of the Panjshir Valley, Afghanistan, Lawrence W. Snee, Eugene E. Foord, and Robert R. Seal II, Gary Bowersox, Gemological Society of America, Page 26–39, Pages 26–39, volume Spring, 1991