पंचगनी

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पंचगनी
—  शहर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य महाराष्ट्र
जनसंख्या १३,२८० (२००१ के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• १२९३ मीटर

निर्देशांक: 17°55′N 73°49′E / 17.92°N 73.82°E / 17.92; 73.82

पंचगनी या पान्न्च्गनी एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है जो भारत के महाराष्ट्र राज्य के सतारा जिले में एक नगर परिषद है। यह कई प्रमुख आवासीय शिक्षण संस्थानों के लिए प्रसिद्ध है। [1]

इतिहास[संपादित करें]

पंचगनी की खोज ब्रिटिश लोगों के द्वारा की गयी थी यह ब्रिटिश लोगों के लिए गर्मियों से बचने के एक जगह के रूप में प्रसिद्ध था। १८६० के दशक में जॉन चेस्सों नामक एक अंग्रेज अधीक्षक नियुक्त हुआ था। उसने पश्चिमी दुनिया के बहुत सारे पौधों की प्रजातियों को पंचगनी में लगाया जिसमे सिल्वर ओक एवं पोइंसेत्टिया प्रमुख हैं। जो अब पूरी तरह से पंचगनी के ही समझे जाते हैं। महाबलेश्वर ब्रिटिश लोगों के लिए गर्मी की पसंदीदा जगह थी लेकिन मानसून के दौरान यह निर्जन एवं रहने के लायक नहीं रह जाता था। पंचगनी का मौसम सालों भर खुशनुमा होता था इसलिए इसको अंग्रेजों द्वारा इससे आराम गृह के तौर पर विकसित किया। जॉन चेस्सन को एक उपयुक्त जगह खोजने के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था। उन्होंने रुस्तमजी दुबाश की सहायता से इस क्षेत्र में पहाड़ियों का सर्वेक्षण किया, और अंत में पांच गांवों के आसपास के क्षेत्र को चुना एवं पंचगनी। इसके अधीक्षक के तौर पर चेस्सन को नियुक्त किया गया।

पंचगनी के बुनियादी ढाँचे को विकसित करने के लिए चेस्सन ने विभिन पेशेवरों को यहाँ बसाने के लिए जिसमे दरजी, धोबी , कसाई, सब्जी विक्रेताओं, बिल्डिंग ठेकेदार इत्यादि प्रमुख थे। उनको बाज़ार के नीचे वाले क्षेत्र को आवंटित किया गया एवं यह ग्राम स्थान के नाम से जाना जाता था। चेस्सन को सेंट पीटर चर्च के कब्रिस्तान में दफन किया गया है।

भूगोल और जलवायु[संपादित करें]

पंचगनी सहयाद्री पर्वत श्रृंखला के पाँच पहाड़ियों के मध्य में बसे है, इसके अलावा इसके चारों ओर पांच गांव भी बसे हैं जो निमंलिखित हैं दंदेघर, खिंगर, गोद्वाली, अमरल एवं तैघाट हैं। कृष्णा नदी यहाँ पास से ही बहती है एवं इसपर एक बांध भी बनाया गया है।

रहने की जगह[संपादित करें]

पंचगनी कास पठार से लगभग एक घंटे की ड्राइव पर है। यह पुणे से दो घंटे की दूरी पर एवं गोवा से आनेवाले यात्रियों के लिए पंचगनी एक रुकने की जगह है। यहाँ रहने के लिए कई सुविधाएं हैं जिसमे होटल, घर और शिविर इत्यादि शामिल हैं।

सीमाएं: - प्रमुख शहरों से पंचगनी की दूरी इस प्रकार हैं:

मुंबई से - 285 किमी - - पुणे से 100 किमी महाबलेश्वर से - 18 किमी, सतारा से - 45 किमी और वाई से - 10 किमी की दूरी पर हैं

पंचगनी का तापमान सर्दियों के दौरान 12C के आसपास होता है, और कभी कभी गर्मियों के दौरान 34C पहुंचता है; हालांकि नमी का स्तर बहुत ही निम्न होता है।

जनसांख्यिकी[संपादित करें]

भारत की 2001 की जनगणना के अनुसार, [2] पंचगनी की आबादी 13,280 की थी जिसमे पुरुषों की आबादी 57%, और महिलाओं के 43% हैं। पंचगनी की साक्षरता 82% हैं, (जो 65% के राष्ट्रीय औसत से अधिक है). पुरुष और महिला साक्षरता 87% और 75% क्रमशः है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "पंचगनी". भारत: पुनेरी ट्रैवेलर्स. २० दिसम्बर २०१४.
  2. "सेन्सस ऑफ़ इंडिया २००१: डाटा फ्रॉम डी २००१ सेन्सस, इन्क्लूडिंग सिटीज, विल्लगेस एंड टौन्स (प्रोविशनल)". सेन्सस कमीशन ऑफ़ इंडिया. मूल से 2004-06-16 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि २००८-११-०१.