नीरज चोपड़ा

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नीरज चोपड़ा
व्यक्तिगत जानकारी
राष्ट्रीयता भारतीय
जन्म 24 दिसम्बर 1997 (1997-12-24) (आयु 23)
पानीपत, हरियाणा, भारत

Military career

निष्ठा  भारत
सेवा/शाखा  भारत सेना
सेवा वर्ष 2016–अब तक
उपाधि Subedar - Risaldar of the Indian Army.svg सूबेदार
सेवा संख्यांक JC-471869A
दस्ता राजपूताना राइफल्स
सम्मान Vishisht Seva Medal ribbon.svg विशिष्ट सेवा पदक
खेल
देश भारत
खेल ट्रैक और फील्ड
प्रतिस्पर्धा भाला फेंक
कोच उवे हॉन
उपलब्धियाँ एवं खिताब
व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय रिकॉर्ड 87.07m (2021)
7 अगस्त 2021 को अद्यतित।

नीरज चोपड़ा (जन्म 24 दिसंबर 1997 ) ट्रैक और फील्ड एथलीट प्रतिस्पर्धा में भाला फेंकने वाले खिलाड़ी हैं। नीरज ने 87.58 मीटर भाला फेंककर टोक्यो ओलंपिक 2020 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा है |अंजू बॉबी जॉर्ज के बाद किसी विश्व चैम्पियनशिप स्तर पर एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक को जीतने वाले वह दूसरे भारतीय हैं। [1]

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को हरयाणा राज्य के पानीपत नामक शहर के एक छोटे से गाँव खांद्रा में एक किसान रोड़ समुदाय में हुआ था। नीरज के परिवार में इनके पिता सतीश कुमार पेशे से एक छोटे किसान हैं और इनकी माता सरोज देवी एक गृहणी है। जैवलिन थ्रो में नीरज की रुचि तब ही आ चुकी थी जब ये केवल 11 वर्ष के थे और पानीपत स्टेडियम में जय चौधरी को प्रैक्टिस करते देखा करते थे।

नीरज चोपड़ा एक भारतीय एथलिट हैं जो ट्रैक एंड फील्ड के जेवलिन थ्रो नामक गेम से जुड़े हुए हैं तथा राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। नीरज एक एथलीट होने के साथ-साथ भारतीय सेना में सूबेदार पद पर भी तैनात हैं और सेना में रहते हुए अपने बेहतरीन प्रदर्शन के बदौलत इन्हे सेना में विशिस्ट सेवा मैडल से भी सम्मानित किया जा चूका है। [2]


नीरज चोपड़ा की शिक्षा[संपादित करें]

भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई हरियाणा से ही की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन्होंने ग्रेजुएशन तक की डिग्री प्राप्त की है। अपनी प्रारंभिक पढ़ाई को पूरा करने के बाद नीरज चोपड़ा ने बीबीए कॉलेज ज्वाइन किया था और वहीं से उन्होंने ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी।

नीरज चोपड़ा के कोच[संपादित करें]

नीरज चोपड़ा के कोच का नाम उवे हैं जो कि जर्मनी देश के पेशेवर जैवलिन एथलीट रह चुके हैं। इनसे ट्रेनिंग लेने के बाद ही नीरज चोपड़ा इतना अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.

खेल जीवन[संपादित करें]

बायडगोसज्च्ज़, पोलैंड में आयोजित 2016 आइएएएफ U20 विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। इस पदक के साथ साथ उन्होंने एक विश्व जूनियर रिकॉर्ड भी स्थापित किया है। और २०२1 टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए 82.23 मीटर तक भाला फेंक कर स्वर्ण पदक जीता था। ऐसे प्रदर्शन के बावजूद भी वे 2016 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में स्थान पाने में वह विफल रहे क्योंकि अर्हता प्राप्त करने के लिए अंतिम तिथि 11 जुलाई थी। इस समय वो भारतीय सेना के राजस्थान राइफल्स में कार्यरत हैं। [3] वह खंडरा गांव, पानीपत, हरियाणा , भारत में है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोच गैरी गैरी कैल्वर्ट हैं।[4] नीरज ने 85.23 मीटर का भाला फेंककर 2017 एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।[5]

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में सम्पन्न हुए 2018 राष्ट्रमण्डल खेलों में उन्होंने 86.47 मीटर भाला फेंककर स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।[6]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "नीरज चोपड़ा के ओलंपिक में इतिहास रचने की रोमांचक कहानी जानिए". बीबीसी हिंदी. 7 अगस्त 2021.
  2. "नीरज चोपड़ा का जीवन परिचय". WikiHindi. 7 अगस्त 2021.
  3. "Javelin thrower Neeraj Chopra becomes first Indian athlete to win world championships". Firstpost. 24 July 2016. मूल से 26 जुलाई 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 29 जुलाई 2016.
  4. "India's latest athletics sensation Neeraj Chopra is brimming with natural talent". द इंडियन एक्सप्रेस. 28 February 2016. मूल से 27 अगस्त 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 29 जुलाई 2016.
  5. http://indianexpress.com/article/sports/sport-others/slumbering-neeraj-chopra-wakes-up-in-time-4743357/ Archived 2018-04-15 at the Wayback Machine Neeraj Chopra Wins Gold at Asian Athletic championships 2017
  6. "नीरज चोपड़ा ने भारत के खाते में डाला एक और गोल्ड". न्यूज़ 18 इण्डिया. 14 अप्रैल 2018. मूल से 15 अप्रैल 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 14 अप्रैल 2018.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]