नगर पंचायत

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नगर पंचायत (Nagar Panchayat) भारत में ऐसी प्रशासनिक बस्ती को कहते हैं जो गाँव से बड़ी हो लेकिन अभी नगर के दर्जे तक नहीं पहुँची हो। इसकी तुलना में ग्राम पंचायत गाँवों की प्रशासनिक व्यवस्था को कहते हैं, इससे बड़ी नगर पालिकानगर निगम होती हैं जो नगरों व महानगरों में होती हैं [1]

संरचना[संपादित करें]

इसमें प्राय एक अध्यक्ष व कुछ सदस्य शामिल होते हैं। सदस्यों व अध्यक्ष का निर्वाचन जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप ही कर लिया जाता है, बस अंतर इतना है कि अध्यक्ष सभी मतदाताओं द्वारा निर्वाचित किया जाता है व सदस्यों के निर्वाचन के लिए नगर को छोटे छोटे हिस्सों में बांट कर कुछ वार्ड बना दिये जाते हैं जिसमें प्रत्येक वार्ड का एक सदस्य होता है।

उदाहरण[संपादित करें]

   इसके अनेक उदाहरण मोजूद है। हो सकता है कि आप जहां रहते हैं वहां भी नगर पंचायत हो या आस-पास के क्षेत्र में तो निश्चित रूप से होगी ही

सासनी

  यह उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में स्थित है। प्राय इसकी संरचना की बात करें तो इसमें एक अध्यक्ष व 12 सदस्यों की एक कमेटी है जो मिलकर यहां के सभी निर्णय लेती है

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "The Constitution (seventy-fourth Amendment) Act, 1992". India Code Legislative Department. Ministry of Law and Justice. मूल से 21 जून 2008 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 28 September 2015.