ध्येयवाक्य

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ध्येयवाक्य (motto) उस वाक्यांश को कहते हैं जो किसी सामाजिक समूह या संस्था के लक्ष्य को औपचारिक रूप से, संक्षेप में, अभिव्यक्त करता है। ध्येयवाक्य किसी भी भाषा में हो सकता है किन्तु शास्त्रीय भाषाएं (जैसे लैटिन, संस्कृत आदि) का अधिकांशत: प्रयोग किया जाता है। उदाहरण के लिये भारत का ध्येयवाक्य है - सत्यमेव जयते (सत्य की ही जीत होती है।)

ध्येय और ध्यान _____ सम्पूर्ण विश्व की प्रकृति व मानव समाज ध्येय है जो मनुष्य की समझने की क्षमता है वहां ध्यान है । ध्येय और ध्यान का एक होना जीवन की शुरूआत है या विश्व और मनुष्य का एक होना है या परमात्मा और जीवात्मा का एक होना है। वर्तमान क्षण में ध्यान केन्द्रित होना ना परिकल्पना की दुनिया ना इतिहास ना भविष्य में ध्यान जाना और नहीं ही किसी कल्पना चिंता सोच विचार में रहना वर्तमान समय के परिस्थिति घटनाओं गतिविधियों पर ध्यान केन्द्रित होना ही आत्मिक शांति प्राप्त होना है ।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]