डेसमंड टूटू

From विकिपीडिया
Jump to navigation Jump to search
डेसमंड टूटू

डेसमंड्आ मपीलो टूटू (जन्म ७ अक्टूबर १९३१) दक्षिण अफ्रीकी समाजसेवी, राजनेता एवं केप टाउन शहर के आर्चबिशप हैं। इन्हें [[ २००५[५] ]] में भारत सरकार द्वारा गाँधी शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

हस्ताक्षर[edit]

Desmond Tutu's Autograph.jpg

पृष्ठभूमि[edit]

व्यक्तिगत जीवन[edit]

राजनैतिक जीवन[edit]

साँचा:रंगभेद

राजनीति एवं राजनैतिक विचार[edit]

संयुक्त राष्ट्र संघ[edit]

समूह आठ[edit]

जिंबावबे पर विचार[edit]

गुलामी प्रथा पर[edit]

बच्चों के बारे में[edit]

समाज मनोविज्ञान में योगदान[edit]

इजरायल एवं यहूदी संबंधों पर विचार[edit]

बेत हानून[edit]

आतंकवाद के विरोध में[edit]

एड्स के खिलाफ मुहिम[edit]

चर्च सुधारों पर विचार[edit]

समलैंगिकता पर उनके विचार[edit]

हेती[edit]

२००८ के ओलोम्पिक पर विचार[edit]

चेयरमैन ऑफ द एल्डर्स[edit]

टूटू की आलोचना[edit]

नेल्सन मंडेला फाऊंडेशन व्याख्यान[edit]

अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस से रिश्ते[edit]

पुरस्कार एवं सम्मान[edit]

इन्हें [[ २००५[५] ]] में भारत सरकार द्वारा गाँधी शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

मीडीया एवं फिल्मों मे टूटू[edit]

लोकसंस्कृति[edit]

टूटू के महत्वपूर्ण वक्तव्य[edit]

डेसमंड टूटू ने एक बार कहा था, जब मिशनरी अफ्रीका आये तो उनके पास बाईबल थी और हमारे पास जमीन । उन्होंने कहा, " हम तुम्हारे लिये प्रार्थना करने आये हैं ।" हमने आंखे बंद कर लीं । और जब खोलीं तो हमारे हाथ में बाईबल थी और उनके पास जमीन ।

संदर्भ सूची एवं टीका-टिप्पणी[edit]

बाहरी कड़ियाँ[edit]