झूँसी
झूँसी
Jhusi झूसी, प्रतिष्ठानपुर | |
|---|---|
| निर्देशांक: 25°25′48″N 81°54′50″E / 25.430°N 81.914°Eनिर्देशांक: 25°25′48″N 81°54′50″E / 25.430°N 81.914°E | |
| देश | |
| प्रान्त | उत्तर प्रदेश |
| ज़िला | प्रयागराज ज़िला |
| ऊँचाई | 76 मी॰ (249 फीट) |
| जनसंख्या (2011) | |
| • कुल | 33,901 |
| भाषाएँ | |
| • प्रचलित | हिन्दी |
| समय मण्डल | भामस (UTC+5:30) |
| पिनकोड | 211019 |
| वाहन पंजीकरण | UP-70 |
झूँसी (Jhunsi) या झूसी (Jhusi) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के प्रयागराज ज़िले में स्थित है। इसे पूर्व में अंधेरनगरी और प्रतिष्ठानपुर ( Pratishthan Pur) या पुरी नाम से भी जाना जाता था। यहां पर विष्णु ने हंस अवतार लिया था।[1][2]
इतिहास
[संपादित करें]यह स्थान नवपाषाण स्थल में से एक होने के लिए भी जाना जाता है, जो कि दक्षिण एशिया में खेती के शुरुआती प्रमाणों में से एक है। कुमाऊँ में चन्द राजवंश के संस्थापक, सोम चन्द, झूसी के मूल निवासी थे।
भूगोल
[संपादित करें]झूसी में औसत ऊंचाई 76 मीटर (249 फीट) है। यह प्रयागराज नगर का एक दक्षिणपूर्वी उपनगर है।
जनसांख्यिकी
[संपादित करें]2011 की जनगणना के अनुसार, झूसी की जनसंख्या 33,901 थी। जिसमें झूसी नगर पंचायत और झूसी कोहना की संख्या 13,878 और 20,023 थी।
इतिहास
[संपादित करें]गंगा और यमुना नदियों के संगम के निकट, पुरातात्विक स्थलों की C14 डेटिंग से नवपाषाण स्तरों का काल निर्धारण 7106 BCE से 7806 BCE के बीच किया गया है। ऐतिहासिक रूप से, झूसी प्रतिष्ठानपुर के नाम से जाना जाता था। यह 13-14 शताब्दी के आसपास विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा जलाया गया था और फिर इसे झुलसी (हिंदी शब्द का अर्थ जला) कहा जाने लगा। जैसे-जैसे साल बीतते गए 'ल' गायब हो गया, और वर्तमान नाम "झूसी" को जन्म दिया।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716
- ↑ "Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance Archived 2017-04-23 at the वेबैक मशीन," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975