जलन

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जलन एक सोच या भाव है, जो आमतौर पर भय, चिंता असुरक्षा और ईर्ष्या के विचारों या भावनाओं से जुड़ा होता है। जिनके पास संपत्ति, पद या सम्मान आदि की कमी होती है, उनमें इस तरह की भावनाएँ या सोच जन्म लेने लगती है। ये विशेष रूप से किसी दुश्मन या प्रतिभागी हेतु होती है।

इस तरह की भावनाएं या सोच सामान्यतः एक या एक से अधिक भावों से मिल कर बने होते हैं, जिसमें क्रोध, घृणा आदि भावनाओं का मिश्रण होता है। जलन का वास्तविक अर्थ ईर्ष्या से भिन्न है, लेकिन आमतौर पर इन दोनों शब्दों को एक ही समझा जाता है।

प्यार में जलन[संपादित करें]

प्यार में जलन की शुरुआत किसी के लिए प्यार की भावना के जन्म लेने के बाद होती है। इसमें जिस साथी के लिए प्यार की भावना होती है, उसके साथ रिश्ते में किसी प्रकार का खतरा आ जाये या लगे कि वो जिससे प्यार करता है, उसे किसी वास्तविक या काल्पनिक साथी (उसके लिए दुश्मन) से प्यार हो गया है या हो जाएगा। ये भाव तब जन्म लेता है, जब उन दोनों के रिश्तों के बीच किसी प्रकार का खतरा महसूस होने लगे।

सन्दर्भ[संपादित करें]

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