चौदहवीं का चाँद

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
चौदहवीं का चाँद
Chaudahvikachand poster.jpg
फ़िल्म का पोस्टर
निर्देशक मोहम्मद सादिक़
निर्माता गुरु दत्त
लेखक तबीश सुल्तानपुरी
अभिनेता गुरु दत्त,
वहीदा रहमान,
जॉनी वाकर
संगीतकार रवि[1]
प्रदर्शन तिथि(याँ) 1960
समय सीमा 169 मिनट
देश भारत
भाषा हिन्दी

चौदहवीं का चाँद बॉलीवुड की एक फिल्म है जो 1960 में प्रदर्शित हुई। इसका निर्देशन मोहम्मद सादिक़ ने और निर्माण गुरु दत्त ने किया था। इसमें गुरु दत्त स्वयं वहीदा रहमान और रहमान के साथ मुख्य भूमिका में हैं। 1959 की कागज़ के फूल की असफलता के बाद ये गुरु दत्त के लिये कामयाब फिल्म रही और साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक हुई। रवि द्वारा निर्मित संगीत लोकप्रिय हुआ था।

चौदहवीं का चाँद का तात्पर्य पूर्णमासी के चाँद से है जो उर्दू में सुंदर स्त्री के लिये एक उक्ति है। मुसलमानों की धारणा अनुसार चौदह दिनों के चाँद का हिजरी कैंलडर में महत्व है।

संक्षेप[संपादित करें]

फिल्म की कहानी उत्तर भारत में लखनऊ शहर की है, जहाँ इस्लामिक और नवाबी संस्कृति पनपी है। इस शहर में रहने वाले तीन सबसे अच्छे दोस्तों में से दो को जमीला नाम की एक ही महिला से प्यार हो जाता है। असलम (गुरु दत्त) और नवाब (रहमान) इस प्रेम त्रिकोण में जमीला (वहीदा रहमान) के साथ पड़ गए दो दोस्त हैं। हर गुरु दत्त फिल्म के अभिन्न हिस्सा, जॉनी वॉकर, अपने हास्य अंदाज में अभिनय करते हैं।

मुख्य कलाकार[संपादित करें]

संगीत[संपादित करें]

सभी गीत शकील बदायूँनी द्वारा लिखित; सारा संगीत रवि द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."शरमा के ये क्यों सब"शमशाद बेगम, आशा भोंसले5:08
2."चौदहवीं का चाँद हो"मोहम्मद रफ़ी3:44
3."बालम से मिलन होगा"गीता दत्त3:28
4."बदले बदले मेरे सरकार"लता मंगेशकर3:32
5."दिल की कहानी रंग लाई है"आशा भोंसले3:28
6."मिली खाक में मोहब्बत"मोहम्मद रफ़ी3:28
7."ये लखनऊ की सरजमीं"मोहम्मद रफ़ी3:39
8."बेदर्दी मेरे सैया"आशा भोंसले3:29
9."मेरा यार बना है दूल्हा"मोहम्मद रफ़ी3:35
10."ये दुनिया गोल है"मोहम्मद रफ़ी3:12

नामांकन और पुरस्कार[संपादित करें]

प्राप्तकर्ता और नामांकित व्यक्ति पुरस्कार वितरण समारोह श्रेणी परिणाम
रहमान फिल्मफेयर पुरस्कार फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार नामित
रवि फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार नामित
शकील बदायूँनी ("चौदहवीं का चाँद") फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ गीतकार पुरस्कार जीत
मोहम्मद रफ़ी ("चौदहवीं का चाँद") फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार जीत
सागीर उस्मानी फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ कथा पुरस्कार नामित
बिरेन नाग फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ कला निर्देशन पुरस्कार जीत

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. मिश्र, यतींद्र (30 जुलाई 2017). "जिन्होंने लता से बेहतर सुर आशा भोंसले को दिए". बीबीसी हिन्दी. अभिगमन तिथि 31 दिसम्बर 2018.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]