क़िला मुबारक
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| क़िला मुबारक | |
|---|---|
| स्थानीय नाम ਕ਼ਿਲਾ ਮੁਬਾਰਕ Qila Mubarak | |
सन् 2015 में क़िला मुबारक | |
| स्थान | बठिंडा, पंजाब, भारत |
| निर्देशांक | 30°12′29″N 74°56′15″E / 30.20806°N 74.93750°E |
| कद | 30 मीटर |
| निर्माण | 6वीं शताब्दी ईसवी |
क़िला मुबारक भारत के पंजाब राज्य के बठिंडा शहर में स्थित एक ऐतिहासिक स्थापत्य है। इसे भारत में राष्ट्रीय महत्व का स्थापत्य होने का दर्जा प्राप्त है और इसका रख-रखाव भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग की ज़िम्मेदारी है।[1] यह 1100-1200 ईसवी से अस्तित्व में है और भारत का सबसे पुराना दुर्ग है जो अभी भी खड़ा है। इसी क़िले में रज़िया सुल्ताना (1205 – 1240 ई) को उनकी पराजय के बाद बंदी बनाकर रखा गया था।[2] लेकिन इस क़िले में कुषाण काल की ईटें पाई गई हैं, जब सम्राट कनिष्क का भारत व मध्य एशिया के कई भागों पर राज था। माना जाता है कि दुर्ग का मूल निर्माण कनिष्क और राजा दाब ने किया था।[3]
चित्रदीर्घा
[संपादित करें]इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Alphabetical List of Monuments – Punjab". Archaeological Survey of India - Chandigarh circle. मूल से से 25 जून 2018 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 25 Jun 2018.
{{cite web}}: Cite has empty unknown parameter:|dead-url=(help) - ↑ "Queen Razia Sultana's story crumbles in Bathinda fort". The Times of India. 29 May 2017. 31 अगस्त 2018 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 25 Jun 2018.
- ↑ Bathinda fort heading towards collapse, cries for renovation (4 Nov 2014). "Bathinda fort heading towards collapse, cries for renovation". Hindustan Times. 25 जून 2018 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 25 Jun 2018.