कहार

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कहार (अंग्रेजी: Kahar) भारतवर्ष में हिन्दू धर्म को मानने वाली एक जाति है। इस जाति का इतिहास बहुत पुराना ह इस समुदाय के लोग बिहार , पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में ही पाये जाते हैं!


भगवान श्री राम के अनन्य जातियो के अनन्य भक्त थे इन्ही जातियो मे एक जाति #कहार भी है। जिनका धर्म हिन्दू है। जिनका व्यापार #मत्यस्य_पालन करना था।

  1. इतिहास का माने तो कहार जाति #कहर जाति के वंसज है जिनका कर्म ही युध्द करना था । ये जहा पर भी युध्द किये वहा पर दुसमनो पर जमकर (कहर बरसाया)।

कहार जाती का वर्णन रामायण मे भी मिलता है। कहार ने ब्राम्हण श्री नारदमुनी को श्राप दे दिये थे इसिलिए कहार ब्राम्हण को अपना गुरु नही मानते । ये भगवान श्री शंकरजी के भक्त हुआ करते है एषा ग्रंथो मे लिखा है। आज भी हिन्दू धर्म मे किसी शुभ कार्य मे जाते समय मछलियों के दर्शन करना मंगलदायक होता है वास्तुशास्त्र के अनुशार भी।

  1. रामायण_की_चौपाई मे काहर जाति का वर्णन।
  1. मीन_पीन पाठीन पुराने। भरि भरि भार कहारन्ह आने॥

मिलन साजु सजि मिलन सिधाए। मंगल मूल सगुन सुभ पाए॥2॥

भावार्थ:-#कहार लोग पुरानी और मोटी #पहिना_नामक_मछलियों के भार भर-भरकर लाए। भेंट का सामान सजाकर मिलने के लिए चले तो मंगलदायक शुभ-शकुन मिले।।,192,193।।

  1. बोलो_सियावर_रामचन्द्र_की_जय।🚩
  2. जय_श्री_राम।🚩🚩
  3. हर_हर_महा_देव।🚩🚩🚩