कर्ट वुदरिक
| कर्ट वुदरिक | |
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| जन्म |
4 अक्टूबर 1938[1][2][3][4] |
| नागरिकता |
स्विट्ज़रलैण्ड |
| शिक्षा |
बासेल विश्वविद्यालय |
| पेशा |
रसायनशास्त्र वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय शिक्षक |
| संगठन |
ड्यूक विश्वविद्यालय, एडिनबर्ग विश्वविद्यालय, ETH ज़्यूरिख |
| पुरस्कार |
रसायन शास्त्र में नोबेल पुरस्कार[5][6] |
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वेबसाइट https://www.scripps.edu/wuthrich/ | |
कर्ट वुडरिक (अंग्रेज़ी: Kurt Wüthrich,जर्मन उच्चारण: कुर्ट व्यू-थरिख या कुर्ट वुथरिख, जन्म 4 अक्टूबर 1938) एक प्रसिद्ध स्विस रसायनज्ञ और जैवभौतिक विज्ञानी हैं। उन्हें मुख्यतः घुलनशील प्रोटीनों की त्रिविम (3D) संरचना निर्धारण के लिए नाभिकीय चुंबकीय अनुनाद (NMR) स्पेक्ट्रोस्कोपी के क्षेत्र में किए गए उनके अग्रणी कार्य के लिए जाना जाता है।
उन्हें २००२ में जॉन बेनेट फेन और कोइची तनक के साथ संयुक्त रूप से रसायन शास्त्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें इस कारण प्रदान किया गया क्योंकि उन्होंने ऐसी तकनीकें विकसित कीं जिनसे जैव-अणुओं की संरचना और कार्य का अध्ययन घोल में रहते हुए किया जा सकता है, जिससे जीवित प्रणालियों को अधिक वास्तविक रूप में समझा जा सका।[7]
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
[संपादित करें]कर्ट वुडरिक का जन्म आरबन (Aarberg), स्विट्ज़रलैंड में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्विट्ज़रलैंड में ही प्राप्त की और आगे जाकर बर्न विश्वविद्यालय तथा बासेल विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने रसायन विज्ञान में डॉक्टरेट (Ph.D.) की उपाधि 1964 में अर्जित की।
वैज्ञानिक योगदान
[संपादित करें]वुडरिक ने NMR स्पेक्ट्रोस्कोपी को जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान के अध्ययन का एक सशक्त उपकरण बना दिया। उनकी सबसे प्रसिद्ध उपलब्धि है —
- प्रोटीन और न्यूक्लिक एसिड की त्रिविम संरचना को घोल में अध्ययन करने की विधि का विकास। इससे पहले, प्रोटीन की संरचना का अध्ययन केवल क्रिस्टलीकरण के बाद ही किया जा सकता था (जैसे कि एक्स-रे क्रिस्टलोग्राफी में)। वुडरिक के कार्य ने जीवविज्ञान में क्रांति ला दी क्योंकि उन्होंने दिखाया कि प्रोटीन की संरचना को उसकी प्राकृतिक अवस्था (घोल में) में भी जाना जा सकता है।
शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन
[संपादित करें]वुडरिक ने कई प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया है, जिनमें प्रमुख हैं:
- ईटीएच ज्यूरिख (ETH Zurich) — स्विट्ज़रलैंड का अग्रणी प्रौद्योगिकी संस्थान।
- स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट (The Scripps Research Institute) — संयुक्त राज्य अमेरिका।
उन्होंने कई वैज्ञानिक पत्रिकाओं में शोध लेख प्रकाशित किए और NMR तकनीक पर अनेक शोधार्थियों को प्रशिक्षित किया।
पुरस्कार और सम्मान
[संपादित करें]- नोबेल पुरस्कार (2002) – NMR स्पेक्ट्रोस्कोपी के विकास में योगदान के लिए।
- वुल्फ पुरस्कार (1991) – रसायन विज्ञान के क्षेत्र में।
- ओ. सी. टैनर पुरस्कार, गार्डनर फाउंडेशन पुरस्कार, और अन्य अनेक अंतर्राष्ट्रीय सम्मान।
निष्कर्ष
[संपादित करें]कर्ट वुडरिक के कार्यों ने न केवल रसायन विज्ञान बल्कि जीवविज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्रों में भी गहरा प्रभाव डाला है। उनकी खोजों की बदौलत वैज्ञानिक अब यह समझ सकते हैं कि प्रोटीन, एंजाइम और अन्य जैव-अणु किस प्रकार कार्य करते हैं, जिससे नई दवाओं और चिकित्सीय पद्धतियों के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Kurt Wüthrich Biographical" (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 5 फ़रवरी 2021.
- ↑ "Kurt Wuthrich". एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका ऑनलाइन. अभिगमन तिथि: 9 अक्टूबर 2017.
- ↑ "Kurt Wüthrich". अभिगमन तिथि: 9 अक्टूबर 2017.
- ↑ https://aleph.nkp.cz/F/?func=find-c&local_base=aut&ccl_term=ica=nlk20030145228. अभिगमन तिथि: 23 नवम्बर 2019.
{{cite web}}: Missing or empty|title=(help) - ↑ "The Nobel Prize in Chemistry 2002" (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 5 फ़रवरी 2021.
{{cite web}}: CS1 maint: unrecognized language (link) - ↑ "Table showing prize amounts" (PDF) (अंग्रेज़ी भाषा में). नोबेल फाउंडेशन. अप्रैल 2019. अभिगमन तिथि: 5 फ़रवरी 2021.
{{cite web}}: CS1 maint: unrecognized language (link) - ↑ रॉयल स्वीडिस एकेडमी ऑफ़ साईंस (9 अक्टूबर 2002) (अंग्रेज़ी में). Press Release: The Nobel Prize in Chemistry 2002. प्रेस रिलीज़. http://www.nobelprize.org/nobel_prizes/chemistry/laureates/2002/press.html. अभिगमन तिथि: 27 अक्टूबर 2013.