अहिरावण

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अहिरावण
अहिरावण
अहिरावण को कुचलते हुये हनुमान

कृत्तिवास रामायण में अहिरावण विश्रवा ऋषि के पुत्र और रावण के भाई थे। वो राक्षस थे और गुप्त रूप से राम और उनके भाई लक्ष्मण को नरग-लोक में ले गये और वहाँ पर अपनी आराघ्य महामाया के लिए दोनो भाइयों की बलि देने को तैयार हो गये। लेकिन हनुमान ने अहिरावण और उनकी सेना को मारकर इनकी रक्षा की।[1]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "SankaTamochana". मूल से 21 अगस्त 2009 को पुरालेखित.