अहमदनगर

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अहमदनगर महाराष्ट्र का एक शहर है। अहमदनगर महाराष्ट्र का सबसे बडा जिला है।

Maharashtra in India.png

विभाग महाराष्ट्र राज्य
देश भारत
प्रदेश महाराष्ट्र
जिला अहमदनगर जिला
भाषा मराठी, हिन्दी और अंग्रेज़ी एवं अन्य भारतीय भाषायें
समय क्षेत्र जी एम टी+५:३०
महत्व महाराष्ट्र का सबसे बडा जिला
जन्संख्या

-कुल
- घनत्व
- लिंग का अनुपात


???? (2001)[1]
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साक्षरता दर

- कुल
- पुरुष
- महिला


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क्षेत्रफल 1??? km2
पिन 414 xxx


इतिहास[संपादित करें]

अहमदनगर निज़ामशाही सुल्तानों की राजधानी थी, जिन्होंने 1490 ई. में दक्खिन में बहमनी सल्तनत की एक नयी शाखा की स्थापना की। अहमदनगर की स्थापना इस वंश के पहले सुल्तान अहमद निज़ामशाह ने की। अहमदनगर का इतिहास, वहाँ की शहज़ादी और बीजापुर के अली आदिलशाह की विधवा चाँदबीबी द्वारा 1595-1596 में अकबर के पुत्र युवराज मुराद का वीरतापूर्ण प्रतिरोध तथा मलिक अम्बर की सैनिक एवं प्रशासनिक कुशलता के कारण अधिक रोचक एवं महत्वपूर्ण है। अकबर ने जब इस पर हमला किया तो, चाँदबीबी ने उसकी सेनाओं का डट कर मुकाबला किया, परन्तु अंत में अकबर की विजय हुई। 1637 ई. में बादशाह शाहजहाँ ने अहमदनगर को मुग़ल साम्राज्य में मिला लिया और उसके बाद इस नगर का महत्त्व घट गया। यह अब भी एक बड़ा नगर है और इसी नाम के ज़िले का मुख्यालय है।

मलिक अम्बर की नीति[संपादित करें]

अहमदनगर की स्वतंत्रता बनाये रखने में मलिक अम्बर का योगदान था। यह अबीसीनियाई दास था, जो बाद में अपनी योग्यता के बल पर अहमदनगर का प्रमुख वज़ीर बना। इसने युद्ध की छापामार पद्धति को अपनाया तथा भूमि व्यवस्था में ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर रैयतवाड़ी व्यवस्था (जब्त प्रणाली) को लागू किया।

निज़ामशाही वंश के शासक बुरहान निज़ामशाह द्वितीय के शासन काल का प्रसिद्ध लेखक 'शाह ताहिर' हुआ। वह फ़ारसी भाषा का उत्कृष्ट विद्वान था। उसने 'फ़तहनामा', 'इन्सा-ए-ताहिर', 'तोहफा-ए-शाही' एवं 'रिशाल-ए-पाल' नामक ग्रंथो की रचना की। अहमदनगर के निज़ामशाही राज्य में 'सैय्यद अली तबतबाई' सर्वश्रेष्ठ इतिहासकार हुआ। उसने ‘बुरहान-ए-मासीर’ नाम से निज़ामशाही वंश के सुल्तानो का इतिहास लिखा। इस पुस्तक को 'तबतबाई' ने तत्कालीन सुल्तान 'बुरहान निजामशाह द्वितीय' को समर्पित किया।

कृषि और खनिज[संपादित करें]

आसपास के क्षेत्रों का मुख्य पेशा कृषि है, लेकिन वर्षा की स्थिति अत्यन्त अविश्वसनीय होने के कारण खाद्यान्न की कमी एक चिरस्थायी समस्या है। बाजरा, गेहूँ और कपास इस क्षेत्र की प्रमुख शुष्क फ़सलें हैं, जबकि गन्ना सबसे महत्त्वपूर्ण सिचिंत फ़सल है। उद्योगों में चीनी प्रसंस्करण तथा कपास ओटाई व गांठ बनाने का काम प्रमुख है।

अर्थतंत्र[संपादित करें]

यहाँ मुख्यतः सूती वस्त्र और चर्म-परिशोधन का उद्योग होता है। यह एक व्यावसायिक केन्द्र भी है। अहमदनगर जिला मे सबसे जादा चीनी के कारखाने हैं। अहमदनगर मे सबसे पहेला चीनी कारखाना बना। यहा काइनेटिक जैसी कंपनियों के संयंत्र हैं। शहर में नागापुर एक बडा औद्योगिक क्ष्रेत्र हैं। शहर में (VRDE) जेसे केंद्र स्थापित क्ष्रेत्र है।

अहमदनगर शहर व्यापार और अर्थव्यवस्था के सामने एक बहुत ही उज्जवल भविष्य रखता है। आखिरकार, यह एक प्रसिद्ध तथ्य है कि शहर में आर्थिक विकास के लिए अत्यधिक अप्रत्याशित क्षमता है। अहमदनगर जिले में पहले से ही महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा चीनी सहकारी कारखानों की संख्या है, जो अहमदनगर जिले के अहमदनगर शहर के साथ-साथ कई कस्बों और गांवों के आर्थिक विकास का मुख्य चालक भी है।

अहमदनगर के विनिर्माण क्षेत्र[संपादित करें]

यह विनिर्माण और सेवा क्षेत्र है कि अहमदनगर आने वाले दशकों में अपनी आर्थिक वृद्धि को लेकर उत्सुकता से देख रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार और अहमदनगर के स्थानीय प्रशासकों को पूरी तरह से पता है कि अहमदनगर को आर्थिक रूप से शक्तिशाली खिलाड़ी बनाने और कम कृषि क्षेत्र द्वारा उत्पन्न कम आर्थिक विकास की भरपाई करने के लिए इन दोनों क्षेत्रों का विकास बहुत महत्वपूर्ण है।

विनिर्माण पक्ष पर, अहमदनगर पहले ही एक बड़ी प्रगति कर चुका है। अहमदनगर शहर के बाहरी इलाके में स्थित विशाल एमआईडीसी (महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम) क्षेत्र पहले से ही 42 बड़े पैमाने पर उद्योग समेत 200 से अधिक उद्योगों का घर है। सन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड, क्रॉम्प्टन ग्रीव्स लिमिटेड और काइनेटिक इंजीनियरिंग जैसी प्रशंसित भारतीय कंपनियां लिमिटेड एमआईडीसी क्षेत्र में अपने कारखानों है। इसके अलावा, वीडियोकॉन और किर्लोस्कर जैसी अन्य प्रशंसित भारतीय कंपनियों में अहमदनगर शहर के अन्य हिस्सों में भी उनकी कारखानियां हैं।

कहने की जरूरत नहीं है, आज ये उद्योग अहमदनगर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, क्योंकि वे स्थानीय लोगों के लिए भारी रोजगार पैदा करते हैं। अनुमान है कि अहमदनगर शहर के 1 लाख से अधिक लोग एमआईडीसी और अहमदनगर शहर के अन्य क्षेत्रों में स्थित विभिन्न उद्योगों में कार्यरत हैं। हालांकि, अहमदागर की औद्योगिक क्षेत्र में सभ्य सफलता सेवा क्षेत्र में इसके कम प्रदर्शन से काफी बाधित है। वास्तव में, कुछ बैंकों के अलावा, वित्त कंपनियों और सॉफ्टवेयर कंपनियों अहमदनगर के पास सेवा क्षेत्र के सामने दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है। सेवा क्षेत्र में बहुत जरूरी उछाल देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एमआईडीसी क्षेत्र में एक आईटी पार्क का निर्माण किया है, लेकिन किसी भी प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों या अंतरराष्ट्रीय आईटी कंपनियों ने अभी तक एक शाखा खोलना नहीं है। सेवा क्षेत्र में अहमदनगर की विफलता मुख्य रूप से आवश्यक कौशल की कमी और प्रशासन की उदासीनता के कारण भी हो सकती है।

अहमदनगर में कृषि[संपादित करें]

अहमदनगर का कृषि क्षेत्र हमेशा लाभदायक रहा है। यह इस तथ्य के कारण है कि पूरे अहमदनगर जिले सूखे क्षेत्र में आता है। और इसलिए सभी कृषि भूमि, जो मुख्य रूप से अहमदनगर के आस-पास के कस्बों / गांवों में केंद्रित हैं, आज भी दुर्लभ खाद्य अनाज उत्पादन का उत्पादन जारी रखते हैं। कृषि क्षेत्र से बहुत कम या कोई मदद नहीं, यह निष्कर्ष निकालना पर्याप्त है कि अहमदनगर की आर्थिक किस्मत आने में दशकों अपने सेवा क्षेत्र के पुनरुद्धार और विनिर्माण क्षेत्र के आगे विकास पर काफी निर्भर हैं।

संस्थायें[संपादित करें]

अहमदनगर की शिक्षा संस्थाओं में विद्यार्थी राज्य के सभी भागों से आते हैं। यहां कई सरकारी एवं प्राइवेट सन्स्थान हैं जो कला, विज्ञान, प्रोद्योगिकी, आयुर्विज्ञान, कानून और मैनेजमेंट की शिक्षा प्रदान करते हैं। अहमदनगर कॉलेज की स्थापना 1947 में हुई थी। जिले के कुछ प्रमुख कॉलेज निम्न हैं:

  • दादा चौधरी विद्यालय
  • अहमदनगर कॉलेज
  • विखे पाटिल मेडिकल कॉलेज
  • अश्विन रूरल आयुर्वेद कॉलेज एंड हॉस्पिटल
  • काकासाहेब म्हस्के होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एंड पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट
  • श्री यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल मेडिकल एंड रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
  • प्रवर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस: रूरल डेंटल कॉलेज
  • पद्मश्री डॉ विट्ठलराव पाटिल फाउंडेशन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
  • नेशनल मेडिकल कॉलेज ऑफ़ मेडिकल साइंस

दर्शनीय स्थल[संपादित करें]

अहमदनगर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में मुग़ल महल, बाग़ व चांद बिबी का मकबरा व अहमद निज़ाम शाह का क़िला है, जहाँ 1940 में पंडित नेहरु नज़रबंद रहे। पर्यटकों के देखने के लिए यहां अनेक विरासतें हैं। अहमदनगर के अनेक क़िले, मंदिर आदि सैलानियों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं।

  • अहमदनगर किला

संत कवि महिपति महाराज, सोलाहवीं सदी के संत कवि जिन्होंने भारतीय संतों का पद्यमय परिचय संत लीलामृत, भक्ति विजय आदि ग्रंथों के द्वारा दिया है। उनका समाधि स्थल ताहराबाद, ता.राहूरी जि.अहमदनगर स्थित है। उनका कुलनाम कांबळे है जो कर्नाटक की सीमा से राहूरी आए थे। देशस्थ ऋवेदी ब्राह्मण जो कुलकर्णी का काम देखते थें। उनकी रचनाओं का अँग्रेजी अनुवाद राहूरी के ईसाई धर्मगुरु ने किया था जिसका प्रकाशन अमरिका में किया गया था।

जनसंख्या[संपादित करें]

2001 की जनगणना के अनुसार इस ज़िले की जनसंख्या 45,43,159 है।[1]

साहित्य/सन्दर्भ[संपादित करें]

  • अहमदनगर का इतिहास (मराठी मे) - डॉ॰ सुरेश जोशी द्वारा

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

  1. "Ahmadnagar (Ahmednagar) District Population Census 2011, Maharashtra literacy sex ratio and density". www.census2011.co.in. https://www.census2011.co.in/census/district/360-ahmadnagar.html. अभिगमन तिथि: 7 अगस्त 2018.