असीर प्रान्त

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असीर
عسير‎‎ / 'Asir
मानचित्र जिसमें असीर عسير‎‎ / 'Asir हाइलाइटेड है
सूचना
राजधानी : अबहा
क्षेत्रफल : ८१,००० किमी²
जनसंख्या(२०१०):
 • घनत्व :
१९,१३,३९२
 २३.६२/किमी²
उपविभागों के नाम: ज़िले
उपविभागों की संख्या:
मुख्य भाषा(एँ): अरबी


अल-नमास शहर
अबहा के पास हबला वादी का एक नज़ारा

असीर प्रान्त, जिसे औपचारिक अरबी में मिन्तक़ाह​ असीर (منطقة عسير‎‎) कहते हैं, सउदी अरब के दक्षिणपश्चिम कोने में स्थित एक प्रान्त है। इसकी एक छोटी सी सरहद यमन के देश के साथ भी लगती है। असीर प्रान्त का नाम यहाँ रहने वाले क़बीलों के एक परिसंघ के ऊपर पड़ा है। राजधानी अबहा के अलावा ख़मीस मुशैत​, क़लाआत बीशाह और बारिक़​ यहाँ के कुछ अन्य प्रमुख शहर हैं।

भूगोल[संपादित करें]

असीर क्षेत्र एक ऊँचे पठार पर स्थित है जहाँ बाक़ी सउदी अरब से अधिक बारिश पड़ती है। सरवात पहाड़ियाँ इस प्रान्त से गुज़रती हैं और देश का सबसे ऊँचा पहाड़, जबल सौदाह, इसी प्रान्त में स्थित है। यह वर्षा मुख्य रूप से साल में दो बार गिरती है - पहले मार्च-अप्रैल में और फिर गर्मियों में। तापमान बहुत गिरता-उतरता है। दोपहर में अक्सर ३० °सेंटीग्रेड से ज़्यादा गर्मी होती है जबकि प्रातकाल में शुन्य के आसपास जा सकता है। सुबह के समय कोहरा पड़ना आम है। बारिश और कोहरे से पानी उपलब्ध होने के कारण यहाँ कुछ क्षेत्रों पर घने कोणधारी (कोनिफ़ेरस​) वन भी मोजूद हैं, हालांकि हवा और सूरज को खुले पत्थरीले क्षेत्रों पर बहुत शुष्की रहती है। असीर में गेंहू और फलों की खेती चलती है और आधुनिक काल में सिंचाई अच्छी होने से इस में विस्तार हुआ है।

ज़िले[संपादित करें]

असीर प्रान्त ६ ज़िलों (मुहाफ़ज़ाह) में बंटा हुआ है:

लोग[संपादित करें]

असीर प्रान्त के लोग इसी इलाक़े में प्राचीनकाल से बसने वाले क़बीलों के वंशज हैं। इनमें 'असीर' या 'असरयाह' नामक क़बीलियाई परिसंघ शामिल है जिनके नाम पर पूरे क्षेत्र का नाम पड़ा है। इनके अलावा यहाँ क़हतान, बारिक़ / बारेग, बल-गर्न, शहरान, बनी शहर, रिजाल अलमा, रिजाल अल-हज्र, बल-असमार, बल-अहमर और अन्य क़बीले भी यहाँ बसते हैं। यहाँ के लोग आपस में अरबी भाषा की कुछ प्राचीन उपभाषाएँ बोलते हैं। असीर के लोग अपने निवास- स्थान के हिसाब से तीन गुटों में बांटे गए हैं: ऊँचे पठार के 'सरात' क़बीले (क्योंकि सरवात पहाड़ों को सरात भी कहा जाता है), तिहामाह क़बीले (तिहामाह लाल सागर के तटवर्ती मैदान का नाम है) और पूर्वी रेगिस्तानी क्षेत्र में बसने वाले बदियाह क़बीले। बहुत से बड़े क़बीलों में सरात, तिहामाह और बदियाह शाखाएँ होती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बसने वालों के तौर-तरीक़े नज्द क्षेत्र के लोगों से मिलते-जुलते हैं।[1]

असीर की आबो-हवा और संस्कृति पड़ौसी यमन जैसी है। यहाँ के समाज में क़बीलाई रीति-रिवाजों का सख़्ती से पालन किया जाता है हालांकि यहाँ की धार्मिक परम्परा नज्द क्षेत्र जितनी कड़ी नहीं मानी जाती।[2] यमन की तरह यहाँ भी भारी बारिश होती है इसलिए इस इलाक़े के घर व अन्य निर्माण यमन की तरह दिखते हैं। यह क्षेत्र बाक़ी सउदी अरब से इसलिए भी अलग हैं क्योंकि यहाँ तेल का खनिज नहीं निकला है, जिस से यहाँ के शहर-बस्तियों का वैसा आधुनिकरण नहीं हुआ है जैसा कि सउदी अरब के अन्य हिस्सों में नज़र आता है। बहुत से सउदी लोग इस अलग वातावरण का और गर्मियों में अच्छे मौसम का आनंद लेने के लिए अबहा शहर में पर्यटन करते हैं, जिस से अबहा में थोड़ा-बहुत आर्थिक विकास हुआ है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Headley, R.L. "'Asīr." Encyclopaedia of Islam. Edited by: P. Bearman, Th. Bianquis, C.E. Bosworth, E. van Donzel and W.P. Heinrichs. Brill, 2007.
  2. Encyclopedia of the stateless nations, James Minahan, pp. 197, Greenwood Publishing Group, 2002, ISBN 978-0-313-32109-2, ... new company to promote tourism to the juniper-clad hills of Asir in 1998, but the prospect of no liquor, segregated sexes, and no nightlife whatsoever continued to make Asir a hard sell to Western tourists. The Asiris, less puritanical than the Wahabis of Nejd, proposed loosening the stringent rules ...