अलबर्टा हिंदी परिषद

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परिचय[संपादित करें]

अलबर्टा हिन्दी परिषद् का प्रादुभार्व सन् 1985 में रामनवमी के पुण्य दिवस पर हिन्दू सांस्कृतिक संस्था (हिन्दू सोसाइटी ऑफ अल्बर्टा‚ एडमण्टन) के प्राँगण में हुआ था।

भाषा, संस्कृति की जननी है। एक विकसित और सशक्त राष्ट्र का उत्थान एवं पतन‚ उस राष्ट्र की भाषा और संस्कृति पर निर्भर होता है।

हिन्दी भाषा के प्रचार एवँ प्रसार के लिए ही परिषद का गठन किया गया था। आने वाली हमारी पीढ़ी‚ हिन्दी भाषा के ज्ञान से अनभिज्ञ भारतीय युवा तथा गैर भारतीय लोग जो भाषा का ज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें उचित तथा व्यवहारिक भाषा का ज्ञान दिया जा सके‚ वर्तमान पीढ़ी को अपनी संस्कृति की ओर जोड़ा जा सके‚ इस बात को ध्यान में रखकर ही हिन्दी परिषद् का शुभारम्भ हुआ।

परिषद का कार्य[संपादित करें]

भाषा की कक्षाएँ सुचारु एवं नियमित रूप से क्रियान्वित करना परिषद् का अत्यन्त प्रशंसनीय कार्य रहा है। अल्बटार् विश्वविद्यालय (एडमण्टन) के अन्तर्गत कक्षा 1 से 5 तक का अध्यापन किया जाता है। 15 विद्यार्थियों से प्रारम्भ होकर हिन्दी ज्ञान के जिज्ञासुओं की छात्र संख्या 80 से अधिक जा चुकी है। हमारे अध्यापकगण भाषा के प्रचार में अपना बहुमूल्य समय निःशुल्क एवं लगन के साथ इस पुण्य कार्य में समर्पित करते आ रहे हैं।

भाषा के माध्यम से संस्कृति संवर्धन हेतु परिषद् प्रतिवर्ष स्वाधीनता दिवस होली आदि सांस्कृतिक तथा राष्टि्रय कार्यक्रम आयोजित करती आ रही है। जिसमें भारत के विभिन्न प्रान्तों के समुदाय अपनी – अपनी ललित कलाओं से इन अवसरों की सोभा बढ़ाते आए हैं।

25 मई 1991 को परिषद् ने एक प्रन्तीय कवि सम्मेलन आयोजित कर परिषद् के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। इस कवि सम्मेलन में स्थानिय कवियों के साथ कैलगरी‚ रेड डियर‚ ग्रेन्ड प्रेरी और कैमलूपस (बी•सी•) के कविओं ने एडमण्टन काव्य प्रेमियों का मनोरंजन किया‚ तब से प्रतिवर्ष परिषद् कवि सम्मेलनों का आयोजन करती आ रही है। इस वर्ष परिषद् ने अपने बीस वर्ष पूरे किए। परिषद् 1995 से स्थाई रूप से हिन्दी साiग्त्यिक पत्रिका का प्रकाशन सफलता पूर्वक सम्पन्न कर रही है।

यह एक गर्व एवं प्रसन्नता का विषय है कि परिषद् की कार्यकारिणी समिति और स्वयं सेवक हिन्दी भाषा के प्रचार एवं प्रसार के लिए कटिबद्ध हैं‚ तथा आशा है कि भाषा विदों की शुभकामनाओं के साथ हमारा हिन्दी भाषा प्रचार का यह दुरूह कार्य निरन्तर प्रगति पथ पर अग्रसरित हो समाज की सेवा में समर्पित रहेगा।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]