अपॉर्च्युनिटी रोवर

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अपॉर्च्युनिटी रोवर (MER-B)
मंगल ग्रह के भूरे-रक्ताभ काल्पनिक भूदृश्य वाले रेगिस्तानी-चट्टानी इलाके में छह पहियों वाला एक मशीनी यान जिसमें सौर पैनल खुले हुए दर्शाये गए हैं और बीच में एक स्तंभ के ऊपर कैमरे लगे दिखाई दे रहे। चित्र कल्पित है।
मंगल की सतह पर अपॉर्च्युनिटी का एक कलाकार द्वारा बनाया गया चित्रण।
लक्ष्य प्रकाररोवर
लॉन्च तिथि7 जुलाई 2003[1]
लॉन्च वाहनडेल्टा 2 7925H 9.5 राकेट
अभियान कालनियोजित: 90 सोल्स (92.5 दिन)
अन्तिम: 5,352 सोल्स (5498 पृथ्वी दिन लैंडिंग से मिशन के अंत तक; 15 पृथ्वी वर्ष या 8 मंगल वर्ष)
कॉस्पर आई डी2003-032A
गृह पृष्ठजेपीएल का मंगल अन्वेषण रोवर
द्रव्यमान185 किग्रा (408 पाउंड) (रोवर)
शक्तिसौर पेनल्स (फोटोवोल्टिक)
बैटरियांरिचार्जेबल लिथियम आयन
अपने निर्माण के दौरान अपॉर्च्युनिटी
एक क्रेटर में अपॉर्च्युनिटी का नकली दृश्य

अपॉर्च्युनिटी, जिसे MER-B (मंगल अन्वेषण रोवर - B) या MER-1, और उपनाम "ऑप्पी"[2][3] के रूप में भी जाना जाता है, एक रोबोट रोवर है जो 2004 के शुरूआती दिनों से 2018 के अंत तक मंगल ग्रह पर सक्रिय था।[1] 7 जुलाई 2003 को इसे नासा के मंगल अन्वेषण रोवर कार्यक्रम के भाग के रूप में लॉन्च किया गया और 25 जनवरी 2004 को मंगल पर उतरा। इसी के समानान्तर स्पिरिट (एमईआर-ए) नामक एक और रोवर को भी मंगल के दूसरी छोर पर अपॉर्च्युनिटी रोवर से तीन सप्ताह पहले उतारा गया था।[4] कार्यक्रम की योजना के अनुसार इन रोवरों का कार्यकाल 90-सोल्स (पृथ्वी के दिनों में 92.5) की अवधि के लिए निर्धारित किया गया था; स्पिरिट 2009 में अटकने के पूर्व तक काम करता रहा और 2010 में उसका संचार अंतिम रूप से बंद हो गया, जबकि अपॉर्च्युनिटी सौर ऊर्जा का उपयोग करके बैटरी के निरंतर रिचार्जिंग की अपनी प्रणाली, और बिजली बचाने के लिए धूल के तूफान जैसी घटनाओं के दौरान हाइबरनेटिंग द्वारा अपनी शक्ति और प्रणाली को सुरक्षित रखते हुए उतरने के बाद 5111 सोल्स तक परिचालन में सक्षम रहा। इस तरह के सावधानीपूर्वक संचालन के कारण अपॉर्च्युनिटी 14 वर्ष, 46 दिन (पृथ्वी के समय अनुसार) तक परिचालन करता रहा जो इसके योजना-निर्धारित कार्यकाल से 55 गुना अधिक की अवधि थी। 10 जून 2018 को जब इसने आखिरी बार नासा से संपर्क किया था[5][6] तब तक यह रोवर 45.16 किलोमीटर (28.06 मील) की दूरी तय कर चुका था।[7]

अभियान विवरण[संपादित करें]

अपॉर्च्युनिटी और स्पिरिट दोनों रोवर्स नासा के लंबी अवधि के मंगल अन्वेषण कार्यक्रम के तहत आने वाले मंगल अन्वेषण रोवर कार्यक्रम का हिस्सा थे। मंगल अन्वेषण कार्यक्रम के चार प्रमुख लक्ष्य थे: यह निर्धारित करना कि मंगल पर जीवन की संभावना मौजूद है या नहीं, मंगल पर जलवायु और उसके भूविज्ञान की विशेषण करना, और फिर मंगल के लिए एक संभावित मानव मिशन की तैयारी करना। मार्स एक्सप्लोरेशन रोवर्स को मंगल ग्रह की सतह की यात्रा करने और यह निर्धारित करने के लिए समय-समय पर भूगर्भिक विश्लेषण करना था कि क्या कभी मंगल ग्रह पर पानी मौजूद था और साथ ही साथ उपलब्ध खनिजों के प्रकारों की मार्स रिकोनाइसिस ऑर्बिटर द्वारा लिए गए आँकड़ों द्वारा पुष्टि करना था।[8] स्पिरिट और अपॉर्च्युनिटी को एक महीने के अन्तराल में 10 जून, और 7 जुलाई 2003 को प्रक्षेपित किया गया और दोनों जनवरी 2004 तक मंगल सतह पर पहुँच गए थे। दोनों रोवर्स को 90 सोल्स (लगभग 92.5 पार्थिव दिन) के जीवनकाल के लिये बनाया गया था। हालाँकि, प्रत्येक ने इसकी तुलना में अधिक लंबे समय तक काम किया। स्पिरिट का अभियान अपने अपेक्षित जीवनकाल से 20 गुना अधिक समय तक चला और इसके अभियान को 25 मई 2011 को समाप्त घोषित कर दिया गया क्योंकि यह नरम मिट्टी में फँस गया था और बाहर निकलने में अपना सारा शक्ति भंडार समाप्त कर चुका था। अपॉर्च्युनिटी अपने 90 सोल्स के जीवनकाल की तुलना में 55 गुना अधिक लंबे समय तक चला जो लैंडिंग से लेकर मिशन के अंत तक 5498 दिनों तक काम करता रहा। रोवर की स्थिति पर साप्ताहिक अपडेट का एक संग्रह अपॉर्च्युनिटी अपडेट पुरालेख में पाया जा सकता है।[9]

अभियान का अन्त[संपादित करें]

मंगल पर 2018 की ग्रहीय धूल भरी आँधी के कारण अपॉर्च्युनिटी से 10 जून को सम्पर्क समाप्त हो गया और 12 जून 2018 को यह हाइबरनेशन में चला गया। उम्मीद की जा रही थी कि मौसम साफ होने के बाद यह रीबूट हो जाएगा[10] लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके लिए सुझाव दिया गया कि या तो प्रणाली में कोई विफलता आ गई है या इसके सौर पैनलों पर धूल की परत चढ़ गई होगी।[11] नासा ने हवा के एक तूफ़ान के गुज़र जाने के बाद रोवर के साथ फिर से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि हो सकता है हवा ने सौर पैनलों को संभवतः साफ़ कर दिया हो। 13 फरवरी 2019 को नासा के अधिकारियों ने अंततः यह घोषित किया कि अगस्त 2018 के बाद से भेजे गए 1,000 से अधिक संकेतों का जवाब देने में नाकाम रहने के बाद अपॉर्च्युनिटी अभियान का कार्यकाल पूरा हो गया है।[12]

उद्देश्य[संपादित करें]

मंगल अन्वेषण रोवर मिशन के निम्नलिखित वैज्ञानिक उद्देश्य थे:[13]

  • मंगल ग्रह की सतह पर विभिन्न प्रकार की चट्टानों और वहाँ की मिट्टी में बहते हुए जल की गतिविधियों के सुराग खोजना। विशेष रूप से, इन नमूनों में वे शामिल थे जिनमें पानी से संबंधित प्रक्रियाओं जैसे वर्षा, वाष्पीकरण, तलछटी जमाव या जलतापीय गतिविधि द्वारा जमा खनिज होते हैं।
  • लैंडिंग स्थल के आसपास के खनिजों, चट्टानों और मिट्टी के वितरण और संरचना का निर्धारण करना।
  • निर्धारित करना कि भूगर्भिक प्रक्रियाओं ने स्थानीय भूभाग को किस प्रकार आकार दिया है और रसायन विज्ञान को प्रभावित किया है। इस तरह की प्रक्रियाओं में पानी या पवनों द्वारा अपरदन, अवसादन, हाइड्रोथर्मल तंत्र, ज्वालामुखी और गड्ढा बनना शामिल हो सकते हैं।
  • मार्स रिकॉइनेंस ऑर्बिटर इंस्ट्रूमेंट्स द्वारा किए गए सतह अवलोकनों का अंशांकन और सत्यापन करना। इसके द्वारा विभिन्न उपकरणों की सटीकता और प्रभावशीलता को निर्धारित करने में मदद करना जो कक्षा से मंगल के भूविज्ञान का सर्वेक्षण करते हैं।
  • लोहे से युक्त खनिजों की खोज करना, विशिष्ट खनिज प्रकारों की सापेक्ष मात्रा की पहचान करना और उनकी मात्रा निर्धारित करना, जिनमें पानी होता है या पानी में बनता है, जैसे कि लोहे-असर वाले कार्बोनेट।
  • चट्टानों और मिट्टी के खनिज विज्ञान और बनावट की विशेषता और उन्हें बनाने वाली प्रक्रियाओं को निर्धारित करना।
  • तरल पानी मौजूद होने पर मौजूद पर्यावरणीय स्थितियों के लिए भूगर्भीय सुरागों की तलाश करना।
  • आकलन करना कि क्या वातावरण जीवन के लिए अनुकूल है।

वैज्ञानिक खोज[संपादित करें]

अपॉर्च्युनिटी ने मिशन के प्राथमिक वैज्ञानिक लक्ष्यों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रदान किए हैं: मंगल ग्रह पर पानी की गतिविधि का सुराग रखने वाली चट्टानों और मिट्टी की एक विस्तृत श्रृंखला की खोज करना और उनकी देखभाल करना। पानी की जाँच के अलावा, अपॉर्च्युनिटी ने खगोलीय अवलोकन भी किये हैं और वायुमंडलीय आंकड़ों का भी संग्रह किया है।

चित्र[संपादित करें]

रोवर अपने अलग-अलग कैमरों के साथ तस्वीरें ले सकता था, लेकिन केवल पैनकैम कैमरा में अलग-अलग रंग फिल्टर के साथ एक दृश्य को चित्रित करने की क्षमता थी। पैनोरमा के दृश्य आमतौर पर पैनकैम छवियों से निर्मित होते हैं। 3 फरवरी 2018 तक अपॉर्च्युनिटी ने कुल 2,24,642 चित्र पृथ्वी तक भेजे।[14][15]

पैनोरमा दृश्य[संपादित करें]

फ्रैम क्रेटर का पैनोरमा (सोल 88, 23 अप्रैल 2004)
नेचुरलिस्ट क्रेटर का पैनोरमा, अग्रभूमि में (1 मार्च 2005)
एरेबस क्रेटर के रिम पर से लिया गया पैनोरमा। रोवर के सौर पैनल के निचले आधे हिस्से भी देखे जा सकते हैं (5 दिसंबर 2005)।
केप क्लेश से एंडेवर क्रेटर के रिम का पैनोरमा (22 जनवरी 2015)
ओरियन क्रेटर का पैनोरमा (बढ़ा हुआ रंग; 26 अप्रैल, 2017)[16]
अपॉर्च्युनिटी उत्तर की ओर दिखता हुआ, जैसे यह केप क्लेश दूर जाता है, इसका दक्षिणी छोर यहां दिखाया गया है (अप्रैल 2017)[17]
दृढ़ता घाटी के ऊपर का पैनोरमा (19 जून 2017)

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Nelson, Jon. "Mars Exploration Rover – Opportunity". नासा. मूल से 24 जनवरी 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2 फरवरी 2014.
  2. "Opportunity Memories | NASA Jet Propulsion Laboratory". www.jpl.nasa.gov. अभिगमन तिथि 14 फरवरी 2019.
  3. "Opportunity Memories | NASA Jet Propulsion Laboratory". www.jpl.nasa.gov. अभिगमन तिथि 14 फरवरी 2019.
  4. स्पिरिट यान 4 जनवरी 2004 को लैंड हुआ था।
  5. Malik, T. (21 जून 2018). "Mars Dust Storm 2018: How It Grew & What It Means for the Opportunity Rover". space.com. Future.plc. अभिगमन तिथि 14 फरवरी 2019.
  6. Rayl, A.J.S. (1 अगस्त 2018). "The Mars Exploration Rovers Update: Dust Storm Wanes, Opportunity Sleeps, Team Prepares Recovery Strategy". planetary.org. Planetary Society. अभिगमन तिथि 14 फरवरी 2019.
  7. "Mars Exploration Rover Mission: All Opportunity Updates". nasa.gov. मूल से 30 अगस्त 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 18 सितम्बर 2018.
  8. "The scientific objectives of the Mars Exploration Rover". marsrovers.nasa.gov. अभिगमन तिथि 2015-05-25.
  9. "Opportunity Update Archive". NASA/JPL. मूल से May 7, 2009 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि May 4, 2009.
  10. Greicius, Tony (September 24, 2018). "Opportunity Emerges in a Dusty Picture". NASA (अंग्रेज़ी में). मूल से October 15, 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि November 30, 2018.
  11. Greicius, Tony (August 30, 2018). "Update on Opportunity Rover Recovery Efforts". NASA (अंग्रेज़ी में). मूल से November 3, 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि November 30, 2018.
  12. "NASA's Opportunity Rover Mission on Mars Comes to End". NASA. 13 फ़रवरी 2019. अभिगमन तिथि 13 फ़रवरी 2019.
  13. "Mars Exploration Rover Mission: Science". nasa.gov. मूल से August 24, 2011 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि July 26, 2008.
  14. Truong, Brian. "Mars Exploration Rover". nasa.gov. मूल से 10 नवम्बर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 20 नवम्बर 2013.
  15. "Opportunity Rover Celebrates 5,000 Days on Mars". मूल से 17 फ़रवरी 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 17 फ़रवरी 2018.
  16. Webster, Guy; Cantillo, Laurie; Brown, Dwayne (16 जून 2017). "Martian Crater Provides Reminder of Apollo Moonwalk". नासा. मूल से 17 जून 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 16 जून 2017.
  17. "Catalog Page for PIA21497". photojournal.jpl.nasa.gov. मूल से 19 अगस्त 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 7 सितम्बर 2018.