अंबुमणि रामदॉस

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डॉ. अंबुमणि रामदॉस मई 2004 से अप्रैल 2009 को इस्तीफा देने तक भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रहे. वे पट्टाली मक्कल काची पार्टी से संसद में राज्य सभा के सदस्य हैं.[1] 9 अक्टूबर 1968 को पुडुचेरी में जन्मे अंबुमणि रामदॉस मद्रास मेडिकल कॉलेज के छात्र थे और पेशे से एक डॉक्टर हैं.

डॉ. अंबुमणि रामदॉस, पीएमके (PMK) संस्थापक डॉ. एस रामदास और आर सरस्वती के पुत्र हैं. उनका विवाह श्रीमती सौम्या से हुआ है और उनकी तीन बेटियां हैं संयुक्ता, संघमित्रा और संजुत्रा. रामदॉस, पीएमके युवा इकाई के अध्यक्ष भी हैं और पसुमाई थायाग्म (हरित मातृभूमि) आंदोलन के नेता हैं. 2004 के मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल में शामिल होने के समय, डॉ. अंबुमणि रामदॉस केन्द्रीय मंत्रिमंडल में सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री थे.

यूपीए सरकार की मुखिया कांग्रेस के कट्टर प्रतिद्वंद्वी, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के साथ गठबंधन स्थापित करने के कारण मार्च 2009 में पीएमके ने केंद्र की यूपीए सरकार से समर्थन वापस ले लिया. तमिलनाडु में कांग्रेस का द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के साथ गठबंधन है. डॉ. रामदॉस और रेल राज्य मंत्री डॉ. आर वेलु ने, जो दोनों ही पीएमके से मंत्री हैं, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने इस्तीफे सौंप दिए.

ग्रामीण स्वास्थ्य पहल[संपादित करें]

डॉ. रामदॉस ने टिंडीवनम, तमिलनाडु के पास के ग्रामीण क्षेत्रों में एक चिकित्सक के रूप में अपने सार्वजनिक सेवा की शुरूआत की. इस अनुभव के कारण उन्हें यह विश्वास हो गया कि ग्रामीण स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में काफी सुधार की जरूरत है. एक स्वास्थ्य मंत्री के रूप में, उन्होंने 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन [2] की स्थापना की ताकि ग्रामीण गरीबों को प्राथमिक देखभाल उपलब्ध कराई जा सके जिसमें विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की जरूरतों पर जोर दिया गया.

तंबाकू विरोधी, शराब विरोधी पहल[संपादित करें]

डॉ. रामदॉस ने भारत में तम्बाकू और शराब की बिक्री और विज्ञापन पर कड़े नियंत्रण लगाए. उनके नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्रालय ने सार्वजनिक स्थानों (कार्य स्थल सहित) पर धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाया, तम्बाकू के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाया, बच्चों द्वारा तम्बाकू उत्पाद बेचे जाने पर रोक लगाई और शिक्षण संस्थानों के 100 गज के भीतर तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया. जबकि इस तरह के नियम अमेरिका और अन्य विकसित देशों में अब आम हैं, डॉ. रामदॉस को तम्बाकू और शराब लॉबी से भारी विपक्ष का सामना करना पड़ा.

एक विवादास्पद कदम के तहत, उन्होंने फिल्मों और टेलीविजन में धूम्रपान या मद्यपान दिखाने पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की. मनोरंजन उद्योग से कड़े प्रतिरोध के बावजूद, टीवी पर मद्यपान दिखाए जाने वाले दृश्यों पर सांविधिक चेतावनी दिए जाने को लागू किया गया.

ऐसे सख्त धूम्रपान-विरोधी रवैये के कारण डॉ. रामदॉस को अमेरिकी कैंसर सोसायटी से पहचान मिली जिसके कारण भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को लूथर एल. टेरी पुरस्कार से नवाज़ा गया[3].

आलोचना[संपादित करें]

स्वास्थ्य मंत्री के रूप में डॉ. रामादॉस अपनी विवादास्पद भूमिका के लिए कुख्यात रहे जिसके तहत उन्होंने अपने अधिनायकवाद को स्वायत्त सार्वजनिक संस्थाओं की नीतियों पर थोपने का प्रयास किया, जिसमें प्रमुख था ऑल इंडिया इंस्टीट्युट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज, नई दिल्ली.

संदर्भ[संपादित करें]

  1. अंबुमणि रामदॉस सरकारी संसद जीवनी
  2. [1] राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन 2009/06/25 को पुनः प्राप्त
  3. http://www.cancer.org/docroot/AA/content/AA_9_1_2006_Award_Winners.asp? लूथर एल टेरी अवार्ड 2006

बाह्य लिंक[संपादित करें]

राजनीतिक कार्यालय
पूर्वाधिकारी
unknown
Minister of Health and Family Welfare
May 2004 - April 2009
उत्तराधिकारी
Ghulam Nabi Azad