स्रोतास्विनी तारामंडल

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स्रोतास्विनी तारामंडल
ऍप्सिलन ऍरिडानी तारे के इर्द-गिर्द परिक्रमा करता बृहस्पति-जैसा ग्रह - काल्पनिक चित्र

स्रोतास्विनी (संस्कृत अर्थ: नहर, नदी या प्रवाह) या इरिडनस एक तारामंडल है जो अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा जारी की गई ८८ तारामंडलों की सूची में शामिल है। दूसरी शताब्दी ईसवी में टॉलमी ने जिन ४८ तारामंडलों की सूची बनाई थी यह उनमें भी शामिल था।

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

अंग्रेज़ी में स्रोतास्विनी तारामंडल को "इरिडनस कॉन्स्टॅलेशन" (Eridanus constellation) कहा जाता है, जो यूनानी भाषा में आधुनिक पो नामक नदी का नाम था। अरबी में इसे "अल-नहर" (النهر) कहा जाता है।

तारे[संपादित करें]

स्रोतास्विनी तारामंडल में बायर नाम वाले ८७ तारे हैं, जिसमें से ७ के इर्द-गिर्द ग़ैर-सौरीय ग्रह परिक्रमा करते हुए पाए गए हैं। इस तारामंडल में दो दिलचस्प तारे हैं -

  • आकरनार तारा - यह तारा इतनी तेज़ी से घूर्णन कर रहा है (यानि अपने अक्ष पर घूम रहा है) के इसका गोल अकार पिचक गया है - इसकी चौड़ाई इसकी लम्बाई से डेढ़ गुना हो गयी है।
  • ऍप्सिलन ऍरिडानी तारा - यह तारा सूरज से मिलता-जुलता है इसलिए विज्ञान कथा साहित्य में अक्सर यहाँ यानों से जाने की कल्पना की गयी है और इसके इर्द-गिर्द कल्पित ग्रहों पर प्राणियों के मिलने की कल्पना भी की गयी है। अब वैज्ञानिकों को हक़ीक़त में यह शक़ हो गया है के इसके इर्द-गिर्द एक बृहस्पति जैसा गैस दानव ग्रह परिक्रमा कर रहा है।

महारिक्ति[संपादित करें]

ब्रह्माण्ड के जिन बड़े इलाक़ों में कोई आकाशगंगा नहीं होती उन्हें "रिक्ति" (वोइड) कहा जाता है। इरिडनस महारिक्ति सन् २००७ तक मिली सब से बड़ी ज्ञात रिक्ति है और इसका व्यास एक अरब प्रकाश-वर्ष है। इसकी उपस्तिथि ब्रह्माण्ड की सृष्टि की वर्तमान वैज्ञानिक धारणाओं के लिए एक चुनौती है। वैज्ञानिकों ने यहाँ तक कहा है के शायद यह हमारे ब्रह्माण्ड और एक अन्य अज्ञात/अदृश्य ब्रह्माण्ड के दरमयान क्वांटम उलझाव का नतीजा है।[1][2][3]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]