चक्र

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

भारतीय दर्शन और योग में चक्र प्राण या आत्मिक ऊर्जा के केन्द्र होते हैं । ये नाड़ियों के संगम स्थान भी होते हैं । यूँ तो कई चक्र हैं पर ५-७ चक्रों को मुख्य माना गया है । यौगिर शास्त्रों में इनहें शरीर के कमल भी कहा गया है । प्रमुख चक्रों के नाम हैं -

  1. मूलाधार - मेरुदंड के मूल में, सबसे नीचे । उससे ऊपर आने पर क्रम से
  2. स्वाधिष्ठान
  3. मणिपूर
  4. अनाहत
  5. विशुद्धि
  6. आज्ञाचक्र - मेरुदण्ड की समाप्ति पर भ्रूमध्य के पीछे ।
  7. सहस्त्रार - कई विद्वान इसे इस लिए चक्र नहीं मानते कि इसमें ईड़ा और पिंगला का प्रभाव नहीं पड़ता ।

अन्य अर्थों में चक्र[संपादित करें]

30px साँचा:योग आधार

कोणर्क् देवालय में सूर्य भगवान का रथ चक्र्
A depiction of onager-drawn carts on the Sumerian "battle standard of Ur" (circa 2600 BC)
इरान की एक म्यूजियम में पुरातन चक्र.


चिह्न के रूप में चक्र[संपादित करें]

Flag of India.svg