आकरनार तारा

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बहुत तेज़ी से घूर्णन करने की वजह से आकरनार का आकार पिचका हुआ है
आकरनार स्रोतास्विनी तारामंडल के आख़िर में स्थित है - "स्रोतास्विनी" का अर्थ "नहर" होता है और "आकरनार" नाम "आख़िर अन-नहर" का बिगड़ा रूप है

आकरनार, जिसका बायर नाम "अल्फ़ा ऍरिडानी" (α Eridani या α Eri) है, स्रोतास्विनी तारामंडल का सब से रोशन तारा है। यह पृथ्वी से दिखने वाले तारों में से नौवा सब से रोशन तारा भी है। आकरनार बहुत गरम है और इसलिए इसका रंग नीला है। हालाँकि यह सूरज की ही तरह का एक मुख्य अनुक्रम तारा है, फिर भी इसकी चमक सूरज की 3,000 गुना है। तारों के श्रेणीकरण के हिसाब से इसे B3 की श्रेणी दी जाती है। यह पृथ्वी से 144 प्रकाश-वर्षों की दूरी पर है।

आकरनार की एक सिफ़्त यह है की यह तारा बहुत तेज़ी से घूर्णन कर रहा है (यानि अपने अक्ष पर घूम रहा है) के इसका गोल अकार पिचक गया है और इसके मध्यरेखा की चौड़ाई इसके अक्ष की लम्बाई से 56% ज़्यादा है। पूरी आकाशगंगा (हमारी गैलेक्सी) में जितने तारों का अध्ययन हुआ है यह उन सारों में से सब से पिचका हुआ तारा है।

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

आकरनार को अंग्रेज़ी में "Achernar" लिखा जाता है। इसका मूल अरबी भाषा का "आख़िर अन​-नहर" (آخر النهر) है, जिसका अर्थ है "नहर के आख़िर वाला"। ध्यान रहे के जिस तारामंडल में यह स्थित है उसके संस्कृत नाम ("स्रोतास्विनी") और यूनानी नाम ("इरिडनस") दोनों का अर्थ "नहर", "नदी" या "प्रवाह" होता है और आकरनार तारा ठीक इसके अंत में स्थित है।

विवरण[संपादित करें]

आकरनार का सतही तापमान 14,510 कैल्विन है, जो बहुत ही गरम है। इसी कारण से यह नीले रंग में दमकता है। इसका द्रव्यमान (मास) सूरज के द्रव्यमान का लगभग 7 गुना है और इसका व्यास (डायामीटर) सौर व्यास का लगभग 10 गुना है। इसकी वर्तमान उम्र 10 से 50 करोड़ साल के बीच अनुमानित की जाती है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]