सिलचर

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सिलचर
—  जिला  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य असम
ज़िला कछार
जिलाधीक्षक
पुलिस अधीक्षक
जनसंख्या 1,42,393 (२००१ के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 22 मीटर (72 फी॰)

Erioll world.svgनिर्देशांक: 24°49′N 92°48′E / 24.82°N 92.8°E / 24.82; 92.8

सिलचर(बंगाली:শিলচর सिलेटी:শিলচর असमिया:শিলচৰ) असम का एक प्रमुख शहर है। सिलचर कछार जिले में आता है। यहाँ का प्रमुख भाषा बंगाली और सिलेटीहै। यह असम का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह अर्थ्नैतिक रास्ता है मिजोरम और मणिपुर का। यह गुवाहाटी से ४२० किमी (२६१ मील) दूर स्थित है। इस शहर में भारत के दूर-दराज़ के इलाकों से व्यावसायिक लोग आकार बस्ते हैं।

क्योंकि यह जगह बाकी पूर्वोत्तर के इलाकों से बहुत शांत है, इसीलिए भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने इस शहर "शांति का द्वीप" नाम दिया। सिलचर दो बंगाली शब्द से बना है 'शिल'(एक तरह का पत्थर) तथा 'चर'(नदी का किनारा)। अंग्रेजों के शासन के समय जहाज़ बराक नदी के किनारे रखा जाता था, इसीलिए नदी के किनारे एक बाज़ार बस गया और अर्थ्नैतिक गतिविधि का एक मुख्य स्थल। बराक नदी का किनारा पत्थरों से भरा हुआ था, जो जहाज़ों के थमने के लिए अच्छा था, और बाज़ार एक ऐसे जगह पे बन उठा जो पूरी तरह से पत्थरों से भरा पड़ा था। लोग इस जगह को "शिलेर चर" या "पत्थरों का किनारा कहने लगे"। इस तरह "शीलेर चर" बन गया "शिलचर"। बाद में अंग्रेज़ अपने सरकारी दस्तावेज़ों में इस इलाके को सिलचर कहने लगे। औसत ९०% सिलचर-वासी बंगाली हैं जो सिलेटी बोलते हैं। बाकी भाषाएँ जैसे [[मणिपुरी-मैती], [[मारवाड़ी], विष्णुप्रिया मणिपुरी बोलने वाले लोगों के साथ साथ कुछ नागा भी यहाँ बस्ते हैं| यहाँ का मुख्य आहार चावल है, मछली का भी काफी महत्त्व है| शुट्की(सूखी हुई मछली का नाम), शिदोल चटनी, चुंगार पीठा यहाँ के कुछ व्यंजनों का नाम है। कुछ सालों में आस पास के कुछ क्षेत्रों से लोग आकार यहाँ बसने लगे हैं, इसका मुख्य कारण इस शहर का शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में विकास के सिवा रियल एस्टेट मार्केट और अन्य परियोजनाओं ने इसे एक काफी भीर-भार का इलाका बना दिया है। यह राज्य का दूसरा सबसे आबाद शहर है, जबकि सबसे आबाद शहर गुवाहाटी के आबादी और सिलचर के आबादी में बहुत बड़ा अंतर है।

इतिहास[संपादित करें]

19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में यहाँ एक 'मिशनरी स्कूल' और 'पोलो मैदान' बनाया गया। यहाँ पर बहुत पहले, संभवत: 1842 में, एक पुराना मन्दिर 'नरसिंह अखाड़ा' बनाया गया था। ब्रिटिश काल में भी कई दूसरे अखाड़े या मन्दिर बनाए गए।

कृषि और खनिज[संपादित करें]

सिलचर चाय, चावल और दूसरी कृषि उत्पादों का व्यापार एवं प्रसंस्करण केंद्र है।

उद्योग और व्यापार[संपादित करें]

सिलचर में सीमित उद्योग हैं और मुख्यत: काग़ज और चाय के डिब्बे बनाए जाते हैं।

यातायात और परिवहन[संपादित करें]

एक हवाई अड्डे वाला सिलचर मिज़ोरम के आईज़ोल और मेघालय की राजधानी शिलांग से सड़क व रेलमार्गों से जुड़ा है।

जनसंख्या[संपादित करें]

सिलचर की जनसंख्या 2001 की जनगणना के अनुसार 21,890 है।