सहजन

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पुष्प एवं फली सहित सहजन की डाली
सहजन की फलियाँ

सहजन (Drumstick tree ; वानस्पतिक नाम : "मोरिंगा ओलिफेरा" (Moringa oleifera) ) एक एक बहुत उपयोगी पेड़ है। इसे हिन्दी में सहजना, सुजना, सेंजन और मुनगा आदि नामों से भी जाना जाता है। इस पेड़ के विभिन्न भाग अनेकानेक पोषक तत्वों से भरपूर पाये गये हैं इसलिये इसके विभिन्न भागों का विविध प्रकार से उपयोग किया जाता है।

पौधे का वर्णन[संपादित करें]

इसका पौधा लगभग १० मीटर उंचाई वाला होता है किन्तु लोग इसे डेढ़-दो मीटर की उंचाई से प्रतिवर्ष काट देते हैं ताकि इसके फल-फूल-पत्तियों तक हाथ आसानी से पहुँच सके। इसके कच्ची-हरी फलियाँ सर्वाधिक उपयोग में लायी जातीं हैं।

पोषक तत्व[संपादित करें]

सहजन की कच्ची पत्तियों में
पोषक मूल्य प्रति 100 ग्रा.(3.5 ओंस)
उर्जा 0 किलो कैलोरी   0 kJ
कार्बोहाइड्रेट     8.28 g
- आहारीय रेशा  2.0 g  
वसा 1.40 g
प्रोटीन 9.40 g
पानी 78.66 g
विटामिन A equiv.  378 μg  42%
थायमीन (विट. B1)  0.257 mg   20%
राइबोफ्लेविन (विट. B2)  0.660 mg   44%
नायसिन (विट. B3)  2.220 mg   15%
पैंटोथैनिक अम्ल (B5)  0.125 mg  3%
विटामिन B6  1.200 mg 92%
फोलेट (Vit. B9)  40 μg  10%
विटामिन C  51.7 mg 86%
कैल्शियम  185 mg 19%
लोहतत्व  4.00 mg 32%
मैगनीशियम  147 mg 40% 
मैगनीज़  0.36 mg 18% 
फॉस्फोरस  112 mg 16%
पोटेशियम  337 mg   7%
सोडियम  9 mg 0%
जस्ता  0.6 mg 6%
प्रतिशत एक वयस्क हेतु अमेरिकी
सिफारिशों के सापेक्ष हैं.
स्रोत: USDA Nutrient database
सहजन के फलियों में
पोषक मूल्य प्रति 100 ग्रा.(3.5 ओंस)
उर्जा 0 किलो कैलोरी   0 kJ
कार्बोहाइड्रेट     8.53 g
- आहारीय रेशा  3.2 g  
वसा 0.20 g
प्रोटीन 2.10 g
पानी 88.20 g
विटामिन A equiv.  4 μg  0%
थायमीन (विट. B1)  0.0530 mg   4%
राइबोफ्लेविन (विट. B2)  0.074 mg   5%
नायसिन (विट. B3)  0.620 mg   4%
पैंटोथैनिक अम्ल (B5)  0.794 mg  16%
विटामिन B6  0.120 mg 9%
फोलेट (Vit. B9)  44 μg  11%
विटामिन C  141.0 mg 235%
कैल्शियम  30 mg 3%
लोहतत्व  0.36 mg 3%
मैगनीशियम  45 mg 12% 
मैगनीज़  0.259 mg 13% 
फॉस्फोरस  50 mg 7%
पोटेशियम  461 mg   10%
सोडियम  42 mg 2%
जस्ता  0.45 mg 5%
प्रतिशत एक वयस्क हेतु अमेरिकी
सिफारिशों के सापेक्ष हैं.
स्रोत: USDA Nutrient database

सहजन के लगभग सभी अंग (पत्ती, फूल, फल, बीज, डाली, छाल, जड़ें, बीज से प्राप्त तेल आदि) खाये जाते हैं।

विश्व के कुछ भागों में नयी फलियाँ खाने की परम्परा है[1] जबकि दूसरे भागों में पत्तियाँ अधिक पसन्द की जातीं हैं। इसके फूलों को पकाकर खाया जायता है और इनका स्वाद खुम्भी (मशरूम) जैसा बताया जाता है। अनेक देशों में इसकी छाल, रस, पत्तियों, बीजों, तेल, और फूलों से पारम्परिक दवाएँ बनायी जाती है। जमैका में इसके रस से नीली डाई (रंजक) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Drumstick". Vahrehvah.com. http://www.vahrehvah.com/indianfood/drumstick/. अभिगमन तिथि: 2012-04-18. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]