मोबाइल मार्केटिंग

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मोबाइल मार्केटिंग का संदर्भ इंटरनेट की दो श्रेणियों में एक से हो सकता है। पहला वाला अपेक्षाकृत नया है और एक मोबाइल उपकरण पर या इसके जरिये मार्केटिंग को वर्णित करता है, जैसे कि लैंडलाइन फोन (यह क्षैतिज दूरसंचार अभिसरण होरिजोंटल टेलिकम्युनिकेशन कन्वर्जेन्स) का एक उदाहरण है). दूसरी और एक कहीं अधिक पारंपरिक परिभाषा, एक गतिमान शैली में मार्केटिंग को वर्णित करती है; उदाहरण के लिए, टेक्नोलॉजी रोड शो या चलता हुआ विज्ञापन (बिलबोर्ड/होर्डिंग).

हालांकि मोबाइल मार्केटिंग की अवधारणा के लिए विभिन्न परिभाषाएं मौजूद हैं लेकिन इनमें से कोई भी आम तौर पर स्वीकार्य परिभाषा नहीं है। मोबाइल मार्केटिंग को मोटे तौर पर "मार्केटिंग संबंधी संवाद के एक साधन के रूप में मोबाइल माध्यम के उपयोग"[1] या "वायरलेस नेटवर्क के जरिये ग्राहक को किसी तरह के प्रचार या विज्ञापन संबंधी संदेशों के वितरण" के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसकी अधिक विशिष्ट परिभाषा इस प्रकार है: "इंटरएक्टिव वायरलेस मीडिया का इस्तेमाल कर समय और स्थान के प्रति संवेदनशील ग्राहकों को ऐसी निजी जानकारी प्रदान करना जो वस्तुओं, सेवाओं और विचारों को बढ़ावा देता हो जिससे सभी हितधारकों के लिए मूल्य का सृजन हो सके".[2]

नवम्बर 2009 में मोबाइल मार्केटिंग एसोसिएशन ने मोबाइल मार्केटिंग की अपनी परिभाषा को अपडेट किया था:

मोबाइल मार्केटिंग उन गतिविधियों का एक समुच्चय है जो संगठनों को किसी मोबाइल उपकरण या नेटवर्क के जरिये एक पारस्परिक और प्रासंगिक तरीके से अपने दर्शकों से संवाद करने या उनके साथ जुड़ने में सक्षम बनाता है।[3]

मोबाइल मार्केटिंग को सामान्यतः वायरलेस मार्केटिंग के रूप में जाना जाता है। हालांकि वायरलेस अनिवार्य रूप से मोबाइल नहीं होता है। उदाहरण के लिए, एक उपभोक्ता का अपने घर पर डेस्कटॉप कंप्यूटर के जरिये एक वेबसाइट से संवाद करना, जिसके लिए सिग्नल एक वायरलेस लोकल एरिया नेटवर्क (डब्ल्यूलैन) (WLAN) या एक सेटेलाइट के जरिये आगे बढ़ाया जा रहा हो, इसे वायरलेस माना जाएगा लेकिन मोबाइल संवाद नहीं.[4]

एसएमएस के जरिए मोबाइल मार्केटिंग[संपादित करें]

2000 के दशक की शुरुआत में यूरोप और एशिया के कुछ हिस्सों में एसएमएस (शॉर्ट मैसेज सर्विस) का चलन बढ़ने से मोबाइल फोन पर मार्केटिंग तेजी से लोकप्रिय हो गयी जहां व्यवसायों ने मोबाइल फोन नंबरों को इकट्ठा किया और उनपर वांछित (या अवांछित) सामग्री भेजना शुरू कर दिया.

पिछले कुछ वर्षों में एसएमएस दुनिया के कुछ भागों में विज्ञापन का एक वैध माध्यम बन गया है। इसकी वजह सार्वजनिक इंटरनेट पर ई-मेल के विपरीत ऐसे वाहक जो अपने खुद के नेटवर्कों की निगरानी करते हैं, उन्होंने मोबाइल मीडिया इंडस्ट्री (मोबाइल विज्ञापन सहित) के लिए दिशा निर्देश और सर्वोत्तम कार्य प्रणालियां निर्धारित की हैं। आईएबी (इंटरएक्टिव एडवरटाइजिंग ब्यूरो) और मोबाइल मार्केटिंग एसोसिएशन ने भी अपने दिशा निर्देश तय किये हैं और विज्ञापनदाताओं के लिए मोबाइल माध्यम के इस्तेमाल का प्रचार कर रहे हैं। हालांकि यह विकसित क्षेत्रों जैसे कि उत्तरी अमेरिका, पश्चिमी यूरोप और कुछ अन्य देशों में उपयोगी साबित हुआ है, इसके बावजूद मोबाइल स्पैम संदेश (मोबाइल ग्राहक द्वारा कोई वैध और स्पष्ट विकल्प चुने बगैर उसे भेजा गया एसएमएस) दुनिया के कई अन्य हिस्सों में एक समस्या बने हुए हैं, जिसकी वजह आंशिक रूप से वाहकों द्वारा अपने सदस्य डेटाबेसों का तीसरे पक्षों को बेच देना है।

यूरोप और एशिया में एसएमएस के जरिए मोबाइल मार्केटिंग उपभोक्ता तक पहुंचने के एक नए माध्यम के रूप में तेजी से विस्तार ले चुका है। स्पैम का एक नया स्वरूप होने के कारण एसएमएस को शुरुआत में यूरोप के कई भागों में मीडिया का नकारात्मक कवरेज मिला था क्योंकि कुछ विज्ञापनदाताओं ने सूचियों को खरीदकर उपभोक्ताओं के फोन पर अवांछित सामग्री भेजनी शुरू कर दी थी; हालांकि मोबाइल ऑपरेटरों द्वारा दिशा निर्देश तय किये जाने के बाद एसएमएस मोबाइल मार्केटिंग इंडस्ट्री की सबसे अधिक लोकप्रिय शाखा बन गयी है जिसके जरिये सिर्फ यूरोप में ही हर महीने लगभग कई 100 मिलियन विज्ञापन संबंधी एसएमएस भेजे जाते हैं।

उत्तरी अमेरिका में सबसे पहला क्रॉस-कैरियर एसएमएस शॉर्ट कोड अभियान 2002 में लैबेट ब्रूइंग कंपनी द्वारा चलाया गया था। पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल शॉर्ट कोड मोबाइल उपभोक्ता से संवाद के लिए एक नए चैनल के रूप में तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। ब्रांडों ने मोबाइल शॉर्ट कोड को एक मोबाइल डोमेन नाम के रूप में देखना शुरू कर दिया है जो ग्राहक को किसी अवसर पर, स्टोर में और किसी पारंपरिक मीडिया से अलग टेक्स्ट संदेश भेजने की अनुमति देता है।

एसएमएस सेवाएं आम तौर पर शॉर्ट कोड को निकाल देती हैं, लेकिन एक ई-मेल पते पर टेक्स्ट संदेश भेजना इसका एक अन्य तरीका है। शॉर्ट कोड 5 या 6 अंकों की संख्याएं हैं जिन्हें किसी चुने गए देश में सभी मोबाइल ऑपरेटरों द्वारा ब्रांड अभियान और अन्य उपभोक्ता सेवाओं के इस्तेमाल के लिए लागू किया गया है। शॉर्ट कोड की 500-1000 डॉलर प्रति माह की ऊँची कीमतों के कारण कई छोटे व्यवसाय मासिक लागत को कम करने के क्रम में शॉर्ट कोड के साझा इस्तेमाल का विकल्प चुनते हैं। मोबाइल ऑपरेटर किसी शॉर्ट कोड एप्लिकेशन का प्रावधान करने से पहले उसकी अच्छी तरह जाँच करते हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए सेवा की निगरानी करते हैं कि यह अपने मूल सेवा विवरण से अलग दिशा में ना जा रहा हो. शॉर्ट कोड या ई-मेल द्वारा संदेश भेजने का एक अन्य विकल्प है किसी व्यक्ति के अपने समर्पित फोन नंबर के जरिये ऐसा करना. शॉर्ट कोड के अलावा, इनबाउंड एसएमएस ज्यादातर लंबी संख्याओं (अंतरराष्ट्रीय नंबर फॉरमेट, जैसे कि +44 7624 805000) पर आधारित होता है जिसे कई एप्लिकेशनों जैसे कि उत्पादों के प्रचार-प्रसार और अभियानों में एसएमएस प्राप्त करने के लिए शॉर्ट कोड या उत्कृष्ट-दर्जे के छोटे संदेशों (प्रीमियम-रेटेड शॉर्ट मैसेजेज) के स्थान पर इस्तेमाल किया जा सकता है। लंबे नंबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध होते हैं, साथ ही ये व्यवसायों को शॉर्ट कोड की बजाय अपना स्वयं का नंबर रखने में सक्षम बनाने के लिए होते हैं जिन्हें आम तौर पर कई ब्रांडों के साथ आपस में साझा किया जाता है। इसके अतिरिक्त लंबे नंबर नॉन-प्रीमियम इनबाउंड नंबर होते हैं।

प्रावधान के लिए एक प्रमुख मानदंड यह है कि उपभोक्ता सेवा में अपना विकल्प चुनता है। मोबाइल ऑपरेटर उपभोक्ता से सेवा के दोहरे विकल्प को चुनने और उपभोक्ता द्वारा एसएमएस के जरिये स्टॉप (एसटीओपी) शब्द भेजकर किसी भी समय सेवा से बाहर निकल जाने की क्षमता प्रदान करने की मांग करते हैं। इन दिशा निर्देशों को एमएमए कंज्यूमर बेस्ट प्रैक्टिसेस गाइडलाइंस में निर्धारित किया गया है जिनका पालन संयुक्त राज्य अमेरिका के सभी मोबाइल मार्केटरों द्वारा किया जाता है।

कई मोबाइल मार्केटिंग कंपनियां एसएमएस संदेश उद्योग को अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। एक नियमित रूप से अपडेट की गयी सूची यहाँ उपलब्ध है।

एमएमएस के जरिए मोबाइल मार्केटिंग[संपादित करें]

एमएमएस मोबाइल मार्केटिंग में इमेजेज, टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो का एक समय आधारित स्लाइड शो मौजूद हो सकता है। इस मोबाइल सामग्री को एमएमएस (मल्टीमीडिया मैसेज सर्विस) के माध्यम से वितरित किया जाता है। रंगीन स्क्रीन के साथ बनाए गए लगभग सभी नए मोबाइल फोन स्टैण्डर्ड एमएमएस संदेश भेजने और प्राप्त करने में सक्षम होते हैं। ब्रांड एमएमएस ए2पी (एप्लिकेशन से व्यक्ति को) मोबाइल नेटवर्कों के माध्यम से मोबाइल उपभोक्ताओं को रिच कंटेंट भेजने (मोबाइल द्वारा समाप्त) और प्राप्त करने (मोबाइल द्वारा सृजित) दोनों में सक्षम होते हैं। कुछ नेटवर्कों में ब्रांड पी2पी (व्यक्ति से व्यक्ति को) भेजे जाने वाले संदेशों को प्रायोजित करने में भी सक्षम होते हैं।

मोबाइल सृजित एमएमएस का एक बेहतर उदाहरण हाउस ऑफ ब्लूज के आयोजन स्थलों पर मोटोरोला द्वारा चलाये जा रहे अभियानों का है जहां ब्रांड उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में अपने मोबाइल फोटो एलईडी बोर्ड पर भेजने के साथ-साथ अपनी तस्वीरों को ऑनलाइन ब्लॉग पर डालने की अनुमति देते हैं।

इन-गेम मोबाइल मार्केटिंग[संपादित करें]

मोबाइल गेमिंग में इस समय अनिवार्य रूप से चार प्रमुख रुझान देखे जा रहे हैं: इंटरएक्टिव रियल-टाइम 3डी गेम्स, मैसिव मल्टी-प्लेयर गेम्स और सोशल नेटवर्किंग गेम्स. इसका मतलब कहीं अधिक जटिल और अधिक परिष्कृत, समृद्ध गेम खेलने की ओर बढ़ता रुझान है। दूसरी ओर तथाकथित अनौपचारिक गेम भी मौजूद हैं, यानी ऐसे गेम जो बड़ी सरलता से और बहुत ही आसानी से खेले जाते हैं। अधिकतर मोबाइल गेम आज ऐसे ही अनौपचारिक गेम हैं और संभवतः आने वाले काफी लंबे समय तक इनका प्रभाव कायम रहेगा.

कई ब्रांड अब अपने प्रचार-प्रसार संबंधी संदेश मोबाइल गेमों के अंदर डाल रहे हैं या उपभोक्ता की संलग्नता को बढ़ाने के लिए पूरे गेमों को ही प्रायोजित कर रहे हैं। इसे मोबाइल विज्ञापन या एड-फंडेड मोबाइल गेम के रूप में जाना जाता है।

मोबाइल वेब मार्केटिंग[संपादित करें]

चित्र:Mobile-internet.gif
गूगल और याहू! जैसे कि मोबाइल फोन पर दिखते हैं

विशेष रूप से मोबाइल उपकरणों द्वारा उपयोग के लिए वेब पेज पर विज्ञापन भी एक विकल्प है। मोबाइल मार्केटिंग एसोसिएशन रिपोर्टिंग में इस्तेमाल किये जाने वाले विज्ञापनों, प्रस्तुतियों और मैट्रिक्स के निर्देशित स्वरूप के लिए दिशा निर्देशों और मानकों का एक समुच्चय प्रदान करता है। गूगल, याहू और अन्य प्रमुख मोबाइल सामग्री प्रदाता इस लेखन के समय तक पहले से ही अपनी प्रोपर्टीज पर विज्ञापन प्लेसमेंट बेचते आ रहे हैं। मोबाइल प्रोपर्टीज और विज्ञापनदाताओं पर ध्यान केंद्रित करने वाले विज्ञापन नेटवर्क भी उपलब्ध हैं।

ब्लूटूथ के जरिए मोबाइल मार्केटिंग[संपादित करें]

ब्लूटूथ का चलन वर्ष 2003 के आसपास बढ़ना शुरू हुआ और यूरोप में कुछ कंपनियों ने सफलतापूर्वक अपना कारोबार स्थापित करना शुरू कर दिया है। इनमें से ज्यादातर व्यवसाय "हॉटस्पॉट" की पेशकश करते हैं जिसमें ब्लूटूथ की वितरण संबंधी कार्यप्रणाली के साथ एक प्रकार की सामग्री-प्रबंधन प्रणाली से बनी है। इस तकनीक के फायदे हैं कि यह अनुमति-आधारित है, इसमें कहीं अधिक स्थानांतरण गति (ट्रांसफर स्पीड) और एक रेडियो-आधारित तकनीक भी मौजूद है और इसलिए इसका बिल नहीं बनाया जा सकता है (यानी यह नि:शुल्क है). ब्लूटूथ के माध्यम से मोबाइल मार्केटिंग के लिए संभवतः सबसे पहले बनाया गया उपकरण एम्बीसेन्स (AmbieSense) प्रोजेक्ट (2001-2004) का कांटेक्स्ट टैग था। अभी हाल ही में टाटा मोटर्स ने अपने ब्रांड सूमो ग्रैंडे के लिए भारत में सबसे बड़े ब्लूटूथ मार्केटिंग अभियानों में से एक चलाया। इसी तरह की और भी गतिविधियां अन्य ब्रांडों जैसे कि वाल्ट डिज्नी द्वारा अपनी फिल्म "हाई स्कूल म्यूजिकल" के प्रचार-प्रसार के लिए संचालित की गयीं हैं।

इन्फ्रारेड के माध्यम से मोबाइल मार्केटिंग[संपादित करें]

इन्फ्रारेड मोबाइल मार्केटिंग का सबसे पुराना और सबसे सीमित रूप है। कुछ यूरोपीय कंपनियों ने 90 के दशक के उत्तरार्द्ध में मुक्त इन्फ्रारेड तरंगों के माध्यम से "शॉपिंग विंडो मार्केटिंग" के साथ एक प्रयोग किया था। हालांकि इन्फ्रारेड की एक बहुत सीमित श्रृंखला है (~ लगभग 10 सेमी - 1 मीटर) और यह वास्तव में एक अग्रणी मोबाइल मार्केटिंग तकनीक के रूप में खुद को कभी स्थापित नहीं कर पायी.

प्रॉक्सिमिटी सिस्टम्स के माध्यम से मोबाइल मार्केटिंग[संपादित करें]

प्रॉक्सिमिटी सिस्टम्स के माध्यम से मोबाइल मार्केटिंग, जिसे प्रॉक्सिमिटी मार्केटिंग भी कहा जाता है, यह जीएसएम 03.41 पर निर्भर करती है जो शॉर्ट मैसेज सर्विस - सेल ब्रॉडकास्ट को परिभाषित करती है। एसएमएस-सीबी संदेशों (विज्ञापन, सार्वजनिक सूचना, आदि) को एक निर्दिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में सभी मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए प्रसारित करने की अनुमति देता है। फिलीपींस में जीएसएम-आधारित प्रॉक्सिमिटी प्रसारण प्रणालियों को चुनिंदा सरकारी एजेंसियां सरकार द्वारा संचालित समुदाय-आधारित कार्यक्रमों पर सूचनाओं के प्रसार के लिए इस्तेमाल करती हैं जिससे कि इसकी पहुंच और लोकप्रियता (फिलीपींस में एसएमएस का दुनिया भर में सबसे अधिक ट्रैफिक होता है) का फ़ायदा मिल सके. इसका इस्तेमाल व्यावसायिक सेवाओं के लिए भी होता है जिसे प्रोक्सिमा एसएमएस के रूप में जाना जाता है। ब्रिटेन में एक सुपर-रीजनल शॉपिंग सेंटर, ब्लूवाटर में एनटीएल द्वारा दी गयी एक जीएसएम आधारित प्रणाली मौजूद है जो कॉलों के लिए इनके जीएसएम कवरेज में मदद करती है। साथ ही यह एक मोबाइल फोन के जरिये प्रत्येक ग्राहक पर नजर रखने में भी मदद करती है कि वह सेंटर की किन दुकानों में जा रहा है और कितनी देर तक के लिए जा रहा है। यह प्रणाली विशेष ऑफर की जानकारी फोन पर भेजने में सक्षम बनाती है।

स्थान-आधारित सेवाएं[संपादित करें]

स्थान-आधारित सेवाएं (एलबीएस) कुछ सेल फोन नेटवर्कों द्वारा सेल फोन ग्राहकों को उनके मौजूदा स्थान के आधार पर परंपरागत विज्ञापन और अन्य जानकारियां भेजने के एक तरीके के रूप में प्रदान की जाती हैं। सेल-फोन सेवा प्रदाता फोन में लगे एक जीपीएस चिप से या सबसे नजदीकी सेल-फोन टावरों (जीपीएस सुविधा रहित फ़ोनों के लिए) की सिग्नल-क्षमता के आधार पर रेडियो लोकेशन और ट्रायलेटरेशन का इस्तेमाल कर लोकेशन की जानकारी प्राप्त करते हैं। ब्रिटेन में नेटवर्क ट्रायलेटरेशन प्रयोग नहीं करते हैं; एलबीएस सेवाएं एक सिंगल बेस स्टेशन का प्रयोग करती हैं जिसमें फोन का लोकेशन निर्धारित करने के लिए अशुद्धि का एक 'दायरा' होता है।

साथ ही साथ एलबीएस को जीपीएस ट्रैकिंग तकनीक के बिना सक्रिय किया जा सकता है। मोबाइल वाइमैक्स (WiMAX) तकनीक का उपयोग मोबाइल मार्केटिंग को एक नया आयाम देने के लिए किया जाता है। नई प्रकार की मोबाइल मार्केटिंग को एक बीएस (बेस स्टेशन) और वाहनों के डैशटॉप पर लगे एक सीपीई (कंज्यूमर प्रेमाइस इक्विपमेंट) के मल्टीट्यूड के बीच की स्थिति के रूप में देखा जा रहा है। जब भी कोई वाहन बीएस के प्रभावी दायरे के अंदर आता है, एलसीडी टचस्क्रीन युक्त डैशटॉप सीपीई आइकनों या व्यक्तिगत रूप से अलग-अलग आकारों के बैनरों का एक सेट लोड कर देता है जिसे केवल उंगलियों से छूकर या आवाज टैगों द्वारा सक्रिय किया जा सकता है। उपयोगकर्ता के पास स्क्रीन पर उसके द्वारा चुने जाने के लिए 5-7 आइकनों या बैनरों का एक फ्रेम होता है और ये फ्रेम एक के बाद एक कर घूमते रहते हैं। यह मोबाइल वाइमैक्स-संगत एलबीएस जीपीएस-सक्रिय एलबीएस की तुलना में गोपनीयता-अनुकूल और उपयोगकर्ता केंद्रित है।

जुलाई 2003 में ब्रिटेन के सभी मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों के साथ लाइव प्रसारित होने वाली पहली लोकेशन-आधारित सेवाओं का शुभारंभ किया गया।

उपयोगकर्ता-नियंत्रित मीडिया[संपादित करें]

मोबाइल मार्केटिंग इस मामले में मार्केटिंग संबंधी संवाद के ज्यादातर अन्य स्वरूपों से अलग है कि यह अक्सर उपयोगकर्ता (उपभोक्ता) द्वारा शुरू किया गया (मोबाइल द्वारा सृजित या एमओ) संदेश होता है और इसमें भविष्य के संवादों को प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता की त्वरित सहमति की आवश्यकता होती है। किसी सर्वर (व्यवसाय) से किसी उपयोगकर्ता (उपभोक्ता) को भेजा गया एक कॉल मोबाइल टर्मिनेटेड (एमटी) संदेश कहलाता है। यह बुनियादी सुविधा (इंफ्रास्ट्रक्चर) उपभोक्ता नियंत्रित मार्केटिंग संबंधी संवादों की मोबाइल मार्केटिंग द्वारा निर्धारित एक रुझान को निर्देशित करता है।[5] और अधिक उपयोगकर्ता नियंत्रित मीडिया की मांग के कारण, मोबाइल संदेश संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाताओं ने जवाब में ऐसे आर्किटेक्चर विकसित किये हैं जो नेटवर्क-नियंत्रित मीडिया के विपरीत उपयोगकर्ताओं द्वारा एप्लिकेशनों को और अधिक आजादी से संचालित करने की सुविधा प्रदान करता है। उपयोगकर्ता-नियंत्रित मोबाइल मेसेजिंग 2.0 में इन नवीनताओं के साथ मोबाइल टेक्नोलॉजी में आधुकनिकतम नवीनताओं के प्रति लोकप्रियता लाने के क्रम में दुनिया भर के ब्लॉग इवेंट्स का प्रयोग किया जा रहा है। जून 2007 में एयरवाइड सॉल्यूशंस मोबाइल मैसेजिंग 2.0 ब्लॉग के लिए आधिकारिक प्रायोजक बनी जो आजादी के साथ गतिशीलता (मोबिलिटी विद फ्रीडम) की चर्चा के जरिये कई लोगों की राय प्रदान करती है।[6]

स्थान-आधारित मार्केटिंग में जीपीएस एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके कई विकल्पों में शामिल हैं [1]

मोबाइल मार्केटिंग में गोपनीयता संबंधी चिंताएं[संपादित करें]

मोबाइल विज्ञापन अधिक से अधिक लोकप्रिय बन गया है। हालांकि कुछ मोबाइल विज्ञापन उपभोक्ता को एक आवश्यक अनुमति के बिना भेजे जा रहे हैं जिसके कारण गोपनीयता का उल्लंघन हो रहा है। यह समझ लेना चाहिए कि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि विज्ञापन संदेशों को कितनी अच्छी तरह डिजाइन किया गया है और वे कितनी ज्यादा अतिरिक्त संभावनाएं प्रदान करते हैं, अगर उपभोक्ताओं को यह विश्वास नहीं होगा कि उनकी गोपनीयता सुरक्षित रहेगी, यह बड़े पैमाने पर उनके फैलाव को बाधित कर देगा.[7]

यहाँ तक कि गोपनीयता का मुद्दा मोबाइल डाटा नेटवर्कों के आगमन के साथ और भी प्रमुख हो गया है। कई महत्वपूर्ण नई चिंताएं उभर कर सामने आयी हैं जो मुख्यतः इस तथ्य से निकली हैं कि मोबाइल उपकरण बहुत ही व्यक्तिगत होते हैं और हमेशा उपयोगकर्ता के साथ रहते हैं, चार प्रमुख चिंताओं की पहचान की जा सकती है: मोबाइल स्पैम, व्यक्तिगत पहचान, स्थान की जानकारी और वायरलेस सुरक्षा.[8]

मौजूदा कानून में प्रस्तावित परिवर्तन[संपादित करें]

क्योंकि यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका में मौजूदा दूरसंचार नियम, विशेष रूप से अवांछित वाणिज्यिक संवाद और स्पैम के मुद्दे से संबंधित नियम पुराने हो गए हैं, इनके लिए नया क़ानून लागू किया जाना चाहिए. नए कानूनों को और अधिक स्पष्ट (सरल), लचीला और व्यापक होना चाहिए लेकिन इसके बावजूद इन्हें केवल उन्हीं मुद्दों पर ध्यान देने वाला होना चाहिए जो अत्यंत आवश्यक हैं। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कानून प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, निवेश को प्रोत्साहित करने, अनावश्यक खर्च में कटौती करने और व्यापार की बाधाओं को हटाने वाला होना चाहिए. उन्हें एक तकनीकी रूप से तटस्थ तरीके से तैयार किया जाना चाहिए जिससे कि नयी विशेषताओं और इसमें शामिल पक्षों की आजादी के प्रति कानूनी ढ़ांचे को निरंतर अपनाने की जरूरत से बचा जा सके. उपभोक्ताओं की गोपनीयता की सुरक्षा अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए और विक्रेताओं को इन नियमों को समझने तथा उनका पालन करने में आसानी होनी चाहिए. कैस्परसेन हेनरिक डब्ल्यू॰के॰ ने यह प्रस्ताव किया है कि अनचाहे व्यावसायिक संवादों के संदर्भ में निर्देशों को ना केवल इलेक्ट्रॉनिक संवादों बल्कि पेपर वितरण पर भी विनियमित किया जाना चाहिए.[9] इसके अलावा एक उपयुक्त कानूनी ढांचा तैयार करने के लिए विधिनिर्माता को तकनीकी और व्यावसायिक विशेषज्ञों के साथ सहयोग करना चाहिए.

इन नियमों का क्रियान्वयन एक तर्कसंगत तरीके से किया जाना चाहिए जिससे कि अदालतों द्वारा नए नियमों को बहुत अधिक गंभीरता के साथ लागू करने से बचा जा सके क्योंकि इससे एक बहुत ही आशाजनक उद्योग की प्रगति बाधित होने या सीमित होने का जोखिम पैदा हो जाएगा.[10]लेकिन इन नियमों की बहुत अधिक ढ़ीली व्याख्या से उपभोक्ता अपने आपको संरक्षित महसूस नहीं कर सकते हैं जिसके चलते भी प्रगति सीमित हो सकती है।[11] दूसरे शब्दों में अगर गोपनीयता के बारे में उपभोक्ताओं की चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो उपभोक्ता विश्वास की कमी के कारण मोबाइल विज्ञापन की प्रगति खतरे में पड़ सकती है; उपभोक्ता विश्वास की इसी कमी ने ई-मेल मार्केटिंग की प्रगति को भी निरुत्साहित किया था।[12] गोपनीयता संरक्षण के लक्ष्य को कानून, सामाजिक मानदंड, व्यवसाय के तरीकों और तकनीकी माध्यमों सहित कई तरह के प्रयासों को संयुक्त रूप से अमल में लाकर हासिल किया जाना चाहिए.

संदर्भ[संपादित करें]

  1. कर्जाल्यूटो हेइक्कि और लेपानिमी मेटी, "फेक्टर्स इन्फ्लूएंसिंग कंज्यूमर्स विलिंगनेस टू एक्सेप्ट मोबाइल एडवर्टाइजिंग: ए कन्सेप्चूअल मॉडल", इंट. जे मोबाइल कम्यूनिकेशन्स, वॉल्यूम 3, संख्या 3, 2005, पी. 198.
  2. लेपानिमी, मेटी "मोबाइल मार्केटिंग कम्यूनिकेशंस इन कंज्यूमर मार्केट्स", फेकल्टी ऑफ इकॉनोमिक्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, डिपार्टमेंट ऑफ मार्केटिंग, यूनवर्सिटी ऑफ औलू, 2008, पी. 21.
  3. एमएमए अपडेट्स डेफीनेशन ऑफ मोबाइल मार्केटिंग, मोबाइल मार्केटिंग एसोसिएशन. 18 नवम्बर 2009.
  4. लेपानिमी, मेटी "मोबाइल मार्केटिंग कम्यूनिकेशंस इन कंज्यूमर मार्केट्स", फेकल्टी ऑफ इकॉनोमिक्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, डिपार्टमेंट ऑफ मार्केटिंग, यूनवर्सिटी ऑफ औलू, 2008, पी. 50.
  5. इन्हें भी देखें पुश-पुल स्ट्रेटजी एंड स्मार्टरिप्लाई ऑन दी नेचर ऑफ मोबाइल मार्केटिंग इन प्रेक्टिस बाय बिजनेस.
  6. एयरवाइड बैक्स मैसेंजिंग ब्लॉग मोबाइल विपणन पत्रिका. 23 मई 2007.
  7. क्लिफ, एवेलिन बीट्रिक्स, "प्राइवेसी इश्यूज इन मोबाइल एडवरटाइजिंग" ब्रिटिश एंड आयरिश लॉ, एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी एसोसिएशन, 2007 एन्यूअल कॉन्फ्रेंस हेर्टफोर्डशिर, पी. 3.
  8. केम्पोनोव जियोवेनी, सेरुट्टी डेविड, "दी स्पेम इश्यू इन मोबाइल बिजनेस ए कम्पेरेटिव रेगुलेटरी ओवरव्यू", प्रोसिडिंग ऑफ दी थर्ड इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मोबाइल बिजनेस, एम-बिजनेस, 2004.
  9. लोडर, एर्नो आर. और कस्पेर्सेन, हेनरिक डब्लू.के., "डायरेक्क्टिव्स: गाइड टू यूरोपियन यूनियन लॉ ऑन ई-कॉमर्स", क्लुवर लॉ इंटरनेशनल, 2001, पी. 141-142.
  10. केम्पोनोव जियोवेनी, सेरुट्टी डेविड, "दी स्पेम इश्यू इन मोबाइल बिजनेस ए कम्पेरेटिव रेगुलेटरी ओवरव्यू", प्रोसिडिंग ऑफ दी थर्ड इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मोबाइल बिजनेस, एम-बिजनेस, 2004.
  11. केम्पोनोव जियोवेनी, सेरुट्टी डेविड, "दी स्पेम इश्यू इन मोबाइल बिजनेस ए कम्पेरेटिव रेगुलेटरी ओवरव्यू", प्रोसिडिंग ऑफ दी थर्ड इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मोबाइल बिजनेस, एम-बिजनेस, 2004.
  12. क्लिफ, एवेलिन बीट्रिक्स, "प्राइवेसी इश्यूज इन मोबाइल एडवरटाइजिंग" ब्रिटिश एंड आयरिश लॉ, एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी एसोसिएशन, 2007 एन्यूअल कॉन्फ्रेंस हेर्टफोर्डशिर, पी. 3.