मोदू चानयू

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मोदू के शासनकाल के आरम्भ में शियोंगनु साम्राज्य का विस्तार

मोदू चानयू (चीनी: 冒頓單于, मंगोल: Модун шаньюй, अंग्रेज़ी: Modu Chanyu) मध्य एशिया, मंगोलिया और उत्तरी चीन के कई इलाक़ों पर प्राचीनकाल में अधिकार रखने वाले शियोंगनु लोगों का एक चानयू (सम्राट) था। मोदू को शियोंगनु साम्राज्य का निर्माता भी कहा जाता है और उसका शासनकाल २०९ ईसापूर्व से १७४ ईसापूर्व तक चला।[1] मोदू ने अपने अधीन मंगोलिया के स्तेपी क्षेत्र के ख़ानाबदोश क़बीलों को संगठित किया और चीन के चिन राजवंश के लिए ख़तरा बन गया। उसका शियोंगनु साम्राज्य पूर्व में लियाओ नदी से लेकर पश्चिम में पामीर पर्वतों तक और उत्तर में साइबेरिया की बायकल झील तक विस्तृत था।[2]

तूमन और मोदू[संपादित करें]

तूमन चानयू (Touman Chanyu) मोदू का पिता था और उसका ज़िक्र कुछ चीनी इतिहास-ग्रंथों में हुआ है। माना जाता है कि तूमन भीतरी मंगोलिया के इलाक़े में शासक था और गांसू और शिनजियांग के क्षेत्र में विस्तृत युएझ़ी लोगों के अधीन था लेकिन चीन के चिन राजवंश ने हमला करके उसे उत्तर की तरफ़ खदेड़ दिया। उस समय की प्रथा के अनुसार उसने अपने बड़े पुत्र मोदू को युएझ़ी दरबार के पास छोड़ा हुआ था जिस से युएझ़ियों को विश्वास था कि तूमन उन से वफ़ादारी करेगा। लेकिन तूमन अपने एक छोटे पुत्र और मोदू के छोटे सौतेले भाई के पक्ष में था क्योंकि वह उस पुत्र की माँ के बहकावे में आ गया था। मोदू ने यह बात भांप ली। तूमन ने अचानक युएझ़ियों पर हमला कर दिया - कहा जाता है कि उसने समझे की वे बदला लेने के लिए मोदू को मार देंगे। लेकिन इसी बजाए मोदू हिम्मत से अपनी जान बचाकर निकल गया।

तूमन मोदू की बहादुरी से अचम्भित हुआ और उसे १०,००० सैनिकों के एक दस्ते का सिपहसालार बना दिया। मोदू ने अपने अधीन सैनिकों को अभ्यास कराया कि वे अपने तीर बिना प्रश्न करे उसी दिशा में चलाये जिस दिशा में वह स्वयं एक विशेष तीर चलाये जो उड़ते हुए सीटी की आवाज़ करे। फिर उसने इन्हें अपने प्रिय घोड़े, अपनी पत्नी और अपने पिता के प्रीय घोड़े की ओर तीर चलाकर आज़माया। सैनिकों ने बेझिझक तीनों पर तीर चला दिए। फिर मोदू ने अपने पिता तूमन पर जब अपने सीटी-वाले तीर दाग़े तो उसके सिपाहियों ने तूमन पर तीर चलाकर उसे मार डाला। मोदू नया चानयू बना। उसने सबसे पहले अपने सौतेले भाई और उसकी माँ को मरवाया और फिर उन सभी शियोंगनु अधिकारीयों को जिन्होनें उसका आदेश मनानें में आनाकानी करी।[3]

मोदू का राज्य विस्तार[संपादित करें]

२०९ ईपू में तूमन को हटाकर चानयू बनने के बाद, सबसे पहले उसने शियोंगनुओं के पूर्वी पड़ोसी दोंगहु लोगों पर हमला करके उन्हें २०८ ईपू में अपने अधीन कर लिए। फिर उसने उत्तरी मंगोलिया के दिंगलींग लोगों को हराकर शक्तिशाली युएझ़ी लोगों पर निशाना साधा। २०३ ईपू में युएझ़ी लोग हार गये और उसके अधीन हो गए। मोदू की इन सफलताओं को देखकर सभी शियोंगनु सरदारों ने उसको अपना सर्वोच्च शासक मान लिया। २०० ईपू में उसने चीन के हान राजवंश के साथ तीन साल की लड़ाई के बाद हान सम्राट गाओदी (Gaodi) को हरा दिया। मोदू के सैनिकों ने हान सम्राट को घेर लिया लेकिन हान राजदरबार में मोदू की पत्नी को रिश्वत खिलाकर किसी तरह अपने सम्राट की जान बचाई। अगले ७० साल तक चीनियों को शियोंगनुओं में अपनी राजकुमारियाँ विवाहित करके किसी तरह अपना साम्राज्य बचाए रखना पड़ा। मोदू ने पूरे चीन पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश नहीं करी क्योंकि उसे लगा की इतने बड़े इलाक़े पर एक विदेशी ताक़त का शासन टिक पाना कठिन होता। पश्चिम में तारिम द्रोणी के नख़्लिस्तान (ओएसिस) राज्यों ने मोदू की अधीनता स्वीकार कर ली। अपने शासन काल में मोदू ने २६ राज्यों पर २६ जंगी अभियान चलाये और उसे इतिहास में एक महान सैनिक रणनीतिज्ञ माना जाता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Bambooweb Dictionary: Huns
  2. Batur Tengriqut
  3. Central Asia in World History, Peter B. Golden, pp. 27, Oxford University Press, 2011, ISBN 978-0-19-515947-9, ... Qin incursions into Xiongnu pasturelands in the Ordos (in Inner Mongolia) in 215 BCE had driven their ruler, the Chanyu (supreme leader or emperor) Touman northward, unsettling the steppe. A subordinate of the Yuezhi ...