भारतीय धातुकर्म का इतिहास
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भारत में धातुकर्म का इतिहास प्रागैतिहासिक काल से आरम्भ होकर आधुनिक काल तक जारी है।
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प्राचीन भारत में लोहे का प्रयोग [संपादित करें]
प्राचीन भारत में लोहा इस्पात का पूरा उल्लेख है। कुछ प्राचीन स्मारक जैसे नई दिल्ली में प्रसिद्ध लोह स्तम्भ या कोणार्क में सूर्य मंदिर में प्रयोग किया गया ठोस बीम में पर्याप्त साक्ष्य मिलता है जो प्राचीन भारतीय धातु विज्ञानी का प्रौद्योगिकीय उत्कर्ष दिखाता है।
भारत में लोहे का प्रयोग प्रचीन युग की ओर ले जाता है. वेदिक साहित्यिक स्रोत जैसा कि ऋगवेद, अथर्ववेद, पुराण, महाकाब्य में शान्ति और युद्ध में लोहे के गारे में उल्लेख किया गया है. एक अध्ययन के अनुसार लोहा भारत में आदिकालीन लघु सुविधाओं में 3000 वर्षों से अधिक समय से भारत में उत्पन्न होता है।
भारतीय इतिहास में लौह एवं इस्पात के क्षेत्र में कुछ मील का पत्थर [संपादित करें]
- 326 ईसा पूर्व - पोरस ने भारतीय लोहे का 30 एल बी एस सिकन्दर को प्रदान किया.
- 300 ईसा पूर्व - अर्थशास्त्र में कौटिल्य (चाणक्य) ने खनिज, जिसमें लोह अयस्क सम्मिलित है, की जानकारी दी और धातुओं को निकालने के कौशल का उल्लेख किया है।
- 320 ईसवी - इंदौर के निकट मालवा के प्राचीन राजधानी धार में एक 16 मीटर लौह स्तम्भ स्थापित किया गया था.
- 380 ईसवी - दिल्ली के निकट चंद्रगुप्त की स्मृति में लोह स्तम्भ स्थापित किया गया. इस पिटवा लोहा का ठोस स्तम्भ लगभग 8 मीटर लम्बा और व्यास 0.32 से 0.46 मीटर है।
- 13 वीं सदी - कोणार्क सूर्य मंदिर के निर्माण में ठोस लोहा बीमों का इस्तेमाल हुआ है।
- 16वीं सदी - मध्य पूर्व और यूरोप में इंडियन स्टील जो वुट्ज आफ वाटरी अपिअरन्स से जाना जाता है का इस्तेमाल हुआ है।
- 17 वीं सदी - तोपों, अग्निशस्त्र और तलवार एवं कृषीय उपकरण का विनिर्माण. तेन्डुलकमा एम.पी.के साउगोर में लोहा से 1830 में बीज के दपर ससपेन्शन ब्रिज बनाया गया. मद्रास प्रेसिडेन्सी के पोरटो नोवा में जे .एम हीथ ने आयरन स्मेल्टर बनाया.
- 1870 - कुल्टी में बंगाल आयरन वर्क्स स्थापित किया गया.
- 1907 - टाटा आयरन एण्ड स्टील कम्पनी की स्थापना
- 1953 - राउरकेला में स्टील प्लांट का ढॉंचा बनाने के लिए भारत सरकार ग्रुप डेमग,फेडरल रिपब्लिक आफ जर्मनी के साथ समझौता किया।
- 1954 - राउरकेला, दुर्गापुर और भिलाई में हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड ने तीन एकीकृत स्टील प्लांन्ट का निर्माण और प्रबंध किया ।