रसविद्या
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रसविद्या, मध्यकालीन भारत की किमियागारी (alchemy) की विद्या है जो दर्शाती है कि भारत भौतिक संस्कृति में भी अग्रणी था। भारत में केमिस्ट्री (chemistry) के लिये "रसायन शास्त्र", रसविद्या, रसतन्त्र, रसशास्त्र और रसक्रिया आदि नाम प्रयोग में आते थे। जहाँ रसविद्या से सम्बन्धित क्रियाकलाप किये जाते थे उसे रसशाला कहते थे। इस विद्या के मर्मज्ञों को रसवादिन् कहा जाता था।
अनुक्रम |
रसविद्या के प्रमुख ग्रन्थ [संपादित करें]
इस विद्या के संस्कृत में बहुत से ग्रन्थ हैं।
- आनन्दकन्द
- भावप्रकाश -- भावमिश्र
- कैयदेवनिघण्टु
- मदनपालनिघण्टु
- रसहृदयतन्त्र -- गोविन्द भगवतपाद
- रसकामधेनु
- रसमञ्जरी -- शालिनाथ
- रसप्रकाशसुधाकर
- रसरत्नसमुच्चय -- वाग्भट
- रसरत्नाकर -- नागार्जुन
- रससंकेतकलिका
- रसाध्याय
- रसार्णव -- गोविन्दाचार्य
- रसेन्द्रचिन्तामणि -- सुधाकर रामचन्द्र
- रसेन्द्रचूड़ामणि -- सोमदेव
- राजनिघण्टु
- सार्ङ्गधरसंहिता -- सार्ङ्गधर
- अष्टांगहृदय -- वाग्भट
- अष्टांगसंग्रह -- वाग्भट
- रसेन्द्रमंगल -- नागार्जुन
- रसकौमुदी --
- रससार --
- रसप्रकाश -- यशोधर
प्रमुख रसवादिन् [संपादित करें]
इन्हें भी देखें [संपादित करें]
बाहरी कड़ियाँ [संपादित करें]
- प्राचिन भारत में रसायन का विकास (गूगल पुस्तक ; लेखक - स्वामी सत्यप्रकाश सरस्वती)
- Indian Chemistry Through The Ages by D.P. Agrawal
- Rasavidya (Indische Alchemie/Indian alchemy) - यहाँ रसविद्या की सभी ग्रन्थ रोमन में उपलब्ध हैं।
- रसरत्नसमुच्चयः (हिन्दी टीका सहित) (गूगल पुस्तक)
- रसरत्नसमुच्चय का अंग्रेजी अनुवाद
- The encyclopedia of Indian Medicine
- रसतरंगिणी (गूगल पुस्तक ; लेखक - सदानन्द शर्मा; हिन्दी टीका - काशीनाथ शास्त्री)
- पारद तंत्र विज्ञान (गूगल पुस्तक ; लेखक - सुभाष चंद्र)
- रसेन्द्रसंग्रह (गूगल पुस्तक ; रचनाकार - गोपालकृष्ण भट्ट ; व्याख्याता - नरेन्द्र नाथ)
- भारत का वैज्ञानिक चिंतन-22 - रसायन शास्त्र�धातु, आसव, तत्व : सब भारतीय सत्य (सुरेश सोनी)
- Books.html रसायन साहित्य (रसशास्त्रों की सूची)
- A history of Hindu chemistry from the earliest times to the middle of the sixteenth century, A.D (प्रफुल्ल चन्द्र राय)
- प्राचीन भारतीय रसायन-साहित्य