नर्मद

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नर्मदाशंकर लालशंकर दवे (गुजराती : નર્મદાશંકર લાલશંકર દવે) (24 अगस्त, 1833 – 26 फरवरी, 1886), गुजराती के कवि विद्वान एवं महान वक्ता थे। वे नर्मद के नाम से प्रसिद्ध हैं। उन्होने ही सबसे पहले हिन्दी को भारत की राष्ट्रभाषा बनाने का विचार रखा था।

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